Search

BREAKING
• परविंदर झोटा हत्याकांड में सरकार की पहल, बातचीत के लिए 3 महिला IAS अधिकारियों की टीम गठित • “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की • टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर मालविंदर कंग का केंद्र पर हमला, गैंगस्टरों को संरक्षण देने का लगाया आरोप • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले केजरीवाल का BJP पर तीखा हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल • संगरूर में भीषण सड़क हादसा, मनरेगा मजदूरों समेत 8 की मौत; CM मान ने किया मुआवजे का ऐलान • अमित शाह पंजाब को बताएं कि मुंद्रा पोर्ट से देश में आने वाले नशे को रोकने के लिए उन्होंने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं: बलतेज पन्नू • पंजाब के ‘सफेद छोले’ और ‘राजमा’ पहुंचे वैश्विक बाजार में; CM भगवंत सिंह मान ने ”SIAL Paris 2026” में सोहणा के नए उत्पाद किए लॉन्च • पंजाब में अवैध खनन के ख़िलाफ़ चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी, बड़ी संख्या में मशीनरी और वाहन ज़ब्त • पंजाबियों से पगड़ी पहनने की अपील करने से पहले, चरणजीत चन्नी अपने कार्यकाल में हुई माइनिंग के बारे में जवाब दें: जसवीर सिंह गढ़ी • कपूरथला में आम आदमी पार्टी को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली

Haryana में नई रेलवे लाइन और ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) का निर्माण।

March 4, 2025By Short Daily News

हरियाणा। Haryana में एक नई रेलवे लाइन और हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (HORC) का निर्माण किया जाएगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा। इस नए रेल कॉरिडोर के जरिए लोगों की यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा। विशेष रूप से IMT मानेसर और आसपास के इलाकों में इस परियोजना से महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद है।

यह रेल कॉरिडोर पलवल से मानेसर और सोनीपत तक 126 किलोमीटर लंबा होगा। परियोजना का पहला खंड धुलावट से बादशाह तक होगा, जिसमें 29.5 किलोमीटर लंबी इलेक्ट्रिक दोहरी ट्रैक लाइन शामिल होगी। इस रेल लाइन से नूंह और गुरुग्राम जिलों को जोड़ने में मदद मिलेगी, जो इन क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

गुरुग्राम पर्यटन कॉरिडोर के विभिन्न हिस्सों में कई प्रमुख रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें सोनीपत, तुर्कपुर, खरखौदा, जसौर खेड़ी, मांडौठी, बादली, देवरखाना, बाढ़सा, न्यू पातली, पचगांव, IMT मानेसर, चंदला डूंगरवास, धुलावट, सोहना, सिलानी और न्यू पलवल शामिल हैं। इन स्टेशनों से क्षेत्रीय यातायात में सुधार होगा और अधिक लोग रेलवे सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।

इस परियोजना का कुल बजट लगभग 5700 करोड़ रुपये है, और पूरा होने पर यह दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक दबाव को कम करेगा। खासकर पलवल, गुरुग्राम, नूंह, झज्जर और सोनीपत जिलों को इसका सीधा लाभ होगा, जिससे इन क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी और यातायात के विकल्प उपलब्ध होंगे। इस परियोजना से यात्रा समय में कमी आएगी और इन क्षेत्रों का आर्थिक विकास भी होगा।