Search

BREAKING
न्याय और आत्म-सम्मान के लिए सब कुछ कुर्बान करने को तैयार रहना चाहिए, अरविंद केजरीवाल ने एक मिसाल कायम की है: CM भगवंत सिंह मान निलंबित DIG भुल्लर पर ईडी का बड़ा एक्शन, पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर छापेमारी Bhagwant Mann सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत गंभीर हालत में जन्मी नवजात बच्ची के स्वस्थ होने से डॉक्टरों की चिंता उम्मीद में बदली AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा “पंजाब के गद्दारों” के खिलाफ राज्यव्यापी प्रदर्शन, दलबदलू संसद सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग कुरुक्षेत्र में शादी के 3 साल बाद पहली बार ससुराल पहुंचे CM भगवंत मान, पत्नी और लाडली बेटी संग निभाई ‘फेरा’ रस्म डेराबस्सी बस स्टैंड पर AAP का प्रदर्शन:“पंजाब के गद्दार मुर्दाबाद” के नारे लगाए, MLA रंधावा बोले- नेताओं ने निजी स्वार्थ में बदली पार्टी पंजाब में ड्रग्स माफिया का खात्मा, भगवंत मान के एक्शन से 98000 क्रिमिनल अरेस्ट, हेरोइन जब्ती में 148% का भारी उछाल चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली में आसमान से बरस रहा आग! 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, इस दिन से मिलेगी राहत पंजाब में आज होगी राज्य अध्यापक योग्यता परीक्षा, 4000 से अधिक शिक्षक देंगे exam जंग में भागने वाले गद्दार, नैतिकता के आधार पर राज्यसभा सदस्य अपने पद से दें इस्तीफा – Deepak Bali

Arvind Kejriwal का बड़ा ऐलान: जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में नहीं होंगे पेश

April 27, 2026By Short Daily News

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस Swarna Kanta Sharma को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर बड़ा फैसला लिया है। अपने पत्र में केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि वह अब न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही अपने वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश होंगे।

केजरीवाल ने पत्र में लिखा कि उन्हें इस अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं रही। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है और अब वह Mahatma Gandhi के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के किसी भी फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।

गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में केजरीवाल की जज बदलने की मांग को खारिज कर दिया था। केजरीवाल का आरोप था कि केस की सुनवाई कर रही जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा पक्षपात किया जा रहा है और इसलिए मामले को किसी अन्य बेंच को सौंपा जाना चाहिए।

हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की टिप्पणी के बाद यह फैसला लिया गया।

याचिका खारिज होने के बाद केजरीवाल द्वारा लिया गया यह कदम अब राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। अब यह देखना अहम होगा कि आगे इस मामले में क्या कानूनी मोड़ आता है और क्या केजरीवाल इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाते हैं।