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पंजाब में नशे की लत के ख़िलाफ़ मेथाडोन बना नया हथियार; 6 एमएमटी क्लीनिक शुरू, जल्द ही 6 और स्थापित किए जाएँगे

July 21, 2026By Short Daily News

पंजाब ने गंभीर ओपिओइड एडिक्शन से जूझ रहे लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य नशा मुक्ति उपचार मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी (एमएमटी) शुरू की है। मेथाडोन की शुरुआत राज्य की नशे के ख़िलाफ़ उपचार-केंद्रित रणनीति को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

 

अब तक राज्य में उपचार मुख्य रूप से 500 से अधिक आउटपेशेंट ओपिओइड असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) केंद्रों के माध्यम से ब्यूप्रेनॉर्फिन आधारित ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी और नशामुक्ति (एब्स्टिनेंस-आधारित) रिहैबिलिटेशन पर आधारित था। ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी में हानिकारक ओपिओइड की जगह चिकित्सकीय निगरानी में नियंत्रित दवाओं का उपयोग किया जाता है ताकि नशे की लत का उपचार किया जा सके। अब मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी ऐसे मरीज़ों के लिए एक अतिरिक्त उपचार विकल्प उपलब्ध करवाएगी, जो लंबे समय से ओपिओइड पर निर्भर हैं और जिन पर मौजूदा उपचार प्रभावी साबित नहीं हुए हैं।

 

वर्तमान में पंजाब में छह समर्पित मेथाडोन क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। ये सरकारी मेडिकल कॉलेज, फ़रीदकोट; सिविल अस्पताल, लुधियाना; सरकारी मेडिकल कॉलेज, पटियाला; तथा गुरदासपुर, मोहाली और जालंधर के ज़िला अस्पतालों में स्थापित किए गए हैं। राज्य सरकार आने वाले महीनों में छह और एमएमटी केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है, जिससे ऐसे समर्पित केंद्रों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी।

 

इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मेथाडोन सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार के नशा विरोधी अभियान ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ का हिस्सा है, जिसमें विशेष रूप से उन लोगों के रिहैबिलिटेशन पर ज़ोर दिया जा रहा है जो ओपिओइड पर निर्भर हैं और जिनमें दोबारा नशे की ओर लौटने का ख़तरा अधिक रहता है।उन्होंने कहा, “विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही मेथाडोन मेंटेनेंस थेरेपी लंबे समय से ओपिओइड पर निर्भर लोगों के लिए एक प्रभावी उपचार विकल्प प्रदान करती है। यह उपचार पद्धति मरीज़ों के बेहतर स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करेगी और उन्हें अपने परिवार तथा समाज में सफलतापूर्वक पुनः स्थापित होने में मदद करेगी।”

 

नए क्लीनिक विशेष आउटपेशेंट सुविधाओं के रूप में कार्य करेंगे, जहाँ मरीज़ों को चिकित्सकीय निगरानी में मेथाडोन थेरेपी के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग, मनोचिकित्सकीय परामर्श, दोबारा नशे की लत से बचाव संबंधी सेवाएँ , पारिवारिक काउंसलिंग तथा नियमित फॉलो-अप की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

 

मरीज़ों को निर्धारित ख़ुराक लेने के लिए प्रतिदिन क्लीनिक आना होगा, जहाँ उन्हें चिकित्सा विशेषज्ञों की निगरानी में दवा दी जाएगी। दवा की प्रत्येक ख़ुराक चिकित्सकीय निगरानी में दी जाएगी ताकि उसके दुरुपयोग को रोका जा सके और उपचार का सही ढंग से पालन सुनिश्चित हो सके।

 

*मेथाडोन थेरेपी क्या है?*

 

मेथाडोन ओपिओइड उपयोग विकार (ओपिओइड यूज़ डिसऑर्डर) से पीड़ित लोगों, जैसे हेरोइन की लत से ग्रस्त मरीज़ों, के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित एक प्रभावी उपचार है।ओपिओइड यूज़ डिसऑर्डर के उपचार के लिए मेथाडोन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की आवश्यक दवाओं की मॉडल सूची में भी शामिल किया गया है।यह दवा प्रशिक्षित डॉक्टरों की निगरानी में समग्र उपचार कार्यक्रम के तहत दी जाती है।

 

मेथाडोन मस्तिष्क के उन्हीं ओपिओइड रिसेप्टर्स से जुड़कर काम करता है, जिन पर हेरोइन और अन्य ओपिओइड काम करते हैं। निर्धारित ख़ुराक के अनुसार यह नशे की तीव्र इच्छा (क्रेविंग) को नियंत्रित करता है, नशा छोड़ने पर होने वाले लक्षणों (विदड्रॉल सिम्पटम्स) से राहत देता है तथा शरीर में ओपिओइड के प्रति सहनशीलता विकसित करता है, जिससे दोबारा ओपिओइड लेने पर ‘हाई’ महसूस नहीं होता। इससे मरीज़ का स्वास्थ्य स्थिर होता है और वह उपचार, रोज़गार तथा पारिवारिक जीवन में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले पाता है।

 

समय के साथ मरीज़ की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार में हुई प्रगति को देखते हुए मेथाडोन की ख़ुराक धीरे-धीरे कम की जा सकती है। चूँकि मरीज़ प्रतिदिन क्लीनिक में चिकित्सकीय निगरानी में दवा का सेवन करते हैं, इसलिए इसके दुरुपयोग या अवैध इस्तेमाल की संभावना बहुत कम रहती है।

 

मेथाडोन लंबे समय तक असर करने वाली दवा है। इसकी एक दैनिक ख़ुराक आमतौर पर लगभग 24 घंटे तक नशा छोड़ने के लक्षणों और नशे की इच्छा को नियंत्रित रखती है, जिससे मरीज़ पूरे दिन सामान्य और स्थिर जीवन जी पाते हैं।