Search

BREAKING
देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नू पुनर सुरजीत अकाली दल ने ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ गठबंधन का किया ऐलान, पंथक एकता मजबूत करने पर जोर मोदी सरकार की बर्बरता के शिकार छात्रों के साथ खड़ी है आम आदमी पार्टी – केजरीवाल पंजाब में मानसून फिर सक्रिय, 3 दिनों का ऑरेंज अलर्ट; क्या आज होगी बारिश? पंजाब में नशे की लत के ख़िलाफ़ मेथाडोन बना नया हथियार; 6 एमएमटी क्लीनिक शुरू, जल्द ही 6 और स्थापित किए जाएँगे सुनाम में मेगा रोजगार मेले में 562 युवाओं का नौकरियों के लिए चयन; विभिन्न कंपनियों ने 618 युवाओं को किया शॉर्टलिस्ट: अमन अरोड़ा नए रूटों के लिए पंजीकरण अगस्त में शुरू होगा, सरकार डेढ़ लाख लोगों को तीर्थ यात्रा की सुविधा देने की तैयारी कर रही है: अरविंद केजरीवाल मेरी कमाई मेरी ईमानदारी है, इसीलिए पंजाब के लोग मुझ पर पूरा भरोसा करते हैं: CM भगवंत सिंह मान री-नीट एग्जाम के नतीजों में भी भारी गड़बड़ी, बेचारे बच्चे जाएं तो जाएं कहां?- केजरीवाल पंजाब सरकार ने ग्रामीण रोजगार गारंटी को और मजबूत करने के लिए शुरू की वीबी जी राम जी योजना : तरुनप्रीत सिंह सौंद

Waiver on Russian Oil Imports: रूसी तेल पर अमेरिका ने एक महीने की छूट बढ़ाई, जानें क्या है नया आदेश

April 18, 2026By Short Daily News

कुछ दिन पहले तक अमेरिका साफ कह रहा था कि वह रूस से तेल खरीद पर दी गई छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा, लेकिन अब अचानक फैसला बदल गया है। अमेरिका ने रूस से पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद पर दी गई छूट को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है।

क्या है अमेरिकी वित्त मंत्रालय का नया आदेश?

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात एक नया आदेश (जनरल लाइसेंस संख्या 134B) जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक, रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों से मिली छूट अब 16 मई 2026 तक लागू रहेगी। हालांकि, इसमें एक छोटी सी शर्त है, यह छूट केवल उसी तेल पर मिलेगी जो 17 अप्रैल या उससे पहले ही समुद्र में जहाजों पर लद चुका था।

इससे पहले, अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को मार्च में विशेष छूट दी थी, जिसकी समयसीमा 11 अप्रैल को खत्म हो गई थी। अब इस नई मोहलत से उन देशों को राहत मिलेगी जिनके जहाज अभी रास्ते में हैं।

नया नियम क्या कहता है?

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, अब जनरल लाइसेंस 134A की जगह 134B लागू किया गया है। पुराना लाइसेंस 11 अप्रैल को खत्म हो गया था, जबकि नया लाइसेंस 17 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है और 16 मई तक मान्य रहेगा।

किन पर लागू नहीं होगी यह छूट?

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यह राहत हर किसी के लिए नहीं है। ईरान, उत्तर कोरिया, क्यूबा या यूक्रेन के कुछ हिस्सों से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ होने वाले लेनदेन इस छूट के दायरे में नहीं आएंगे। यानि कुछ देशों और संस्थाओं पर पाबंदियां पहले की तरह जारी रहेंगी।

स्कॉट बेसेंट के बयान के बाद आया यू-टर्न

इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट बुधवार को आया था। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने साफ तौर पर कहा था कि अमेरिका अब रूसी या ईरानी तेल पर किसी भी तरह की छूट की अवधि को आगे नहीं बढ़ाएगा। उनके इस सख्त बयान के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि अब तेल की सप्लाई कम होगी और दाम आसमान छुएंगे। लेकिन शुक्रवार रात आते-आते अमेरिकी सरकार ने नया लाइसेंस जारी कर सबको सरप्राइज दे दिया।

ईरान-इजरायल तनाव और तेल का खेल

अमेरिका के इस फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह मिडिल-ईस्ट में चल रहा तनाव है। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनने के बाद से ही कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने लगी थीं। अगर अमेरिका रूसी तेल को बाजार में आने से पूरी तरह रोक देता, तो सप्लाई चेन ठप हो सकती थी।

आंकड़ों की मानें तो पिछली छूट की वजह से रूस का करीब 14 करोड़ बैरल तेल ग्लोबल मार्केट तक पहुंच सका। अगर यह तेल बाजार में नहीं आता, तो दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बेकाबू हो सकते थे। इसी खतरे को भांपते हुए अमेरिका ने फिलहाल एक महीने का ब्रीथिंग स्पेस दिया है।