Search

BREAKING
भगवंत मान सरकार की हार्म-रिडक्शन सर्विसेज (नुकसान-न्यूनकरण सेवाएँ) पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान को दे रहीं मज़बूती महिलाओं की खुशियों, सम्मान और अधिकारों को तीज के जश्न से जोड़ रही मान सरकार: डॉ. गुरप्रीत कौर मान CM भगवंत सिंह मान ने आदर्श स्कूलों के शिक्षकों के वेतन में 120 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी करने को दी मंजूरी CM भगवंत सिंह मान ने गांवों के युवाओं को 500 आधुनिक ‘ग्रामीण खेल मैदानों’ का तोहफा पंजाब सरकार बुज़ुर्गों और आर्थिक रूप से कमज़ोर श्रद्दालुओं की पुरानी इच्छाओं को पूरा कर रही है: हरपाल सिंह चीमा धर्मवीर गांधी द्वारा पंजाब सरकार के धार्मिक कार्यक्रमों को ‘आडंबर’ कहना दुर्भाग्यपूर्ण, इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है: दीपक बाली कबड्डी खिलाड़ी गुरजीत सिंह तूत के परिवार से मिले CM मान, पत्नी को सरकारी नौकरी देने का ऐलान आर्थिक तंगी के कारण पात्र मरीज़ कैंसर के इलाज से वंचित नहीं होने चाहिए: डॉ. बलबीर सिंह तीज के मेले से भी बड़ा होगा 2027 में भगवंत मान के पक्ष में महिलाओं का जनसमर्थन। डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर तोड़ी चुप्पी, ‘आरोप साबित करो, नहीं तो कानूनी कार्रवाई के लिए रहो तैयार’

UP: आउटसोर्स कर्मियों के हित में योगी सरकार की बड़ी पहल: तय होंगे काम के घंटे और सुरक्षित होगी नौकरी।

April 29, 2025By Short Daily News

UP की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए विशेष पहल शुरू की है। सरकार ने श्रम नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है, जिससे अब बिना ठोस कारण के किसी कर्मचारी को नौकरी से हटाना आसान नहीं होगा। इस संबंध में आवश्यक मानक तय किए जा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में 6 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “आउटसोर्स सेवा निगम” की स्थापना की जा रही है। इसके माध्यम से श्रम नियमावली के सभी प्रावधानों को कठोरता से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिशा में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं और इस पर कार्य तेजी से प्रगति पर है।

नवीन नियमों के तहत तय समय से अधिक काम लेने पर बिना ओवरटाइम या अतिरिक्त भुगतान के काम कराना प्रतिबंधित होगा। इसके साथ ही कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट मानक भी बनाए जा रहे हैं। अभी तक आउटसोर्स कर्मी एजेंसियों की मनमानी पर निर्भर रहते थे, जिससे उत्पीड़न की शिकायतें आम थीं। अब इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी प्रणाली विकसित की जा रही है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यूपी आउटसोर्स सेवा निगम गठित करने के निर्देश दिए थे। सीएम योगी के निर्देश के बाद विभिन्न प्रावधानों और एकाध अन्य राज्यों के मॉडल का अध्ययन करने के बाद निगम का मसौदा तैयार कर लिया गया है। सीएम के सामने पिछले सप्ताह इसका प्रेजेंटेशन हुआ था। इसमें उन्होंने वेतन प्रक्रिया, सेवायोजन पोर्टल की उपयोगिता जैसे बिंदुओं को और प्रभावी बनाने को कहा है।

20 तारीख के बाद बनेगा वेतन

निगम के प्रस्तावित ड्राफ्ट के दौरान कर्मचारियों का कार्यदिवस हर महीने की 21 तारीख से अगले महीने की 20 तारीख तक माना जाएगा। इसके आधार पर उनका वेतन या मानदेय बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हर महीने की 5 तारीख तक उनके खाते में वेतन भेजना अनिवार्य होगा, इस तारीख तक ही ईपीएफ (एंप्लॉयी प्रोविडेंट फंड) व ईएसआई (एंप्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस) की धनराशि कर्मियों से जुड़े खातों में जमा कर इसकी सूचना निगम को देनी होगी।

इसकी पुष्टि के बाद ही हर महीने की 10 तारीख को निगम एजेंसियों के खाते में कमीशन, सर्विस चार्ज की धनराशि जमा कराएगा। ईपीएफ से प्राप्त होने वाले फायदे, मसलन 60 साल पूरा होने पर 1000 रुपये से 7500 रुपये तक प्रतिमाह पेंशन, विधवा को 1000 रुपये से 2900 रुपये तक पेंशन या अविवाहित कर्मी की मृत्यु पर माता-पिता को 1000 रुपये से 2900 रुपये महीने तक मासिक पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी।

सीमित होगी एजेंसियों की संख्या

बैंकों से समन्वय कर कर्मचारी का 30 लाख रुपये तक ऐक्सिडेंटल डेथ या डिसेबिलिटी का बीमा भी करवाया जाएगा। बहुत बार कार्यदायी संस्थाओं और एजेंसियों की अधिकता के चलते समन्वय एवं जवाबदेही में दिक्कतें आती हैं। इसलिए, निगम के जरिए इनकी संख्या भी सीमित करने का प्रस्ताव है। सूत्रों का कहना है कि 18 मंडलों के लिए तीन एजेंसियों का चयन किया जा सकता है। एक एजेंसी को 6 मंडल की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

प्रस्ताव के तहत अगर इतनी क्षमता की आउटसोर्सिंग एजेंसी उपलब्ध न हो तो 3 मंडल पर एक एजेंसी का चयन किया जा सकता है। विभाग निगम के जरिए कर्मियों की मांग करेगा। हर महीने कर्मियों का मानदेय, पीएफ, ईएसआई आदि 26 तारीख तक एजेंसी के खाते में विभाग के जरिए भेज दिया जाएगा, जिससे वह तय समय सीमा में कर्मियों को वेतन उपलब्ध करवा सके। निगम का गठन छह स्तरों पर होगा।

सर्वोच्च इकाई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स होगी। इसके बाद सलाहकार समिति, निगम कार्यालय, शासन, मंडल व जिला स्तर वेरिफिकेशन कमिटी गठित की जाएगी। निगम मुख्यालय में डायरेक्टर सहित 78 पद सृजित किए जाएंगे। इसमें एमडी का पद सचिव स्तर के अधिकारी से, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर के तीन पद प्रतिनियुक्ति से व अन्य सभी पद आउटसोर्सिंग के जरिए भरे जाएंगे।