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धर्मवीर गांधी द्वारा पंजाब सरकार के धार्मिक कार्यक्रमों को ‘आडंबर’ कहना दुर्भाग्यपूर्ण, इससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है: दीपक बाली

August 25, 2026By Short Daily News

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और पंजाब सरकार के सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कांग्रेस सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी के पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे धार्मिक और सांसकृतिक प्रोग्राम के बारे में दिए गए बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि गांधी के बयान से पंजाबियों और राज्य भर के अलग-अलग धर्मों के लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।

 

 

बाली ने कहा कि पंजाब पांच दरियाओं की धरती है और हमेशा से अपनी अलग-अलग तरह की संस्कृति के लिए जाना जाता है, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं और एक-दूसरे की मान्यताओं और परंपराओं का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का कल्चर आपसी भाईचारे और धार्मिक मेलजोल में बसा है, और किसी को भी करोड़ों लोगों की आस्था और धार्मिक भावनाओं के बारे में गलत टिप्पणियां करने का हक नहीं है।

 

पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों को “धार्मिक आडंबर” कहने पर प्रतिक्रिया देते हुए बाली ने कहा कि ऐसे प्रोग्राम पंजाब की महान आध्यात्मिक और कल्चरल विरासत के सम्मान में और धार्मिक हस्तियों के महान विचारों और शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए किए जाते हैं।

 

उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी का 350वां शहादत दिवस इसलिए मनाया गया था क्योंकि उनकी कुर्बानी आज भी आज की पीढ़ी को हिम्मत, सच्चाई और दूसरों के हक के लिए खड़े होने की प्रेरणा देती है।

 

इसी तरह, उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व शोभायात्राएं, ड्रोन शो, गांवों में डॉक्यूमेंट्री दिखाने और कीर्तन के ज़रिए मनाया जा रहा है। बाली ने कहा, “इन सभी प्रोग्राम को ‘आडंबर’ कहना सिर्फ़ सरकार की आलोचना नहीं है, बल्कि इससे करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है।”

 

बाली ने ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ और ‘हमारे राम’ जैसे सनातन परंपराओं को समर्पित प्रोग्राम का भी बचाव किया और कहा कि हज़ारों लोग इन प्रोग्राम में श्रद्धा और विश्वास के साथ शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हर समुदाय की धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करती है और पंजाब की अलग-अलग आध्यात्मिक और धार्मिक परंपराओं को मनाने वाले प्रोग्राम आयोजित करती रहेगी।

 

 

‘हमारे राम’ प्रोग्राम का ज़िक्र करते हुए बाली ने कहा कि यह रामायण की एक ऐसी पेशकारी है जिसमें इसके अलग-अलग अध्याय को दर्शाती हैं और माता-पिता का आदर करने और अपनी ज़िम्मेदारियों को पूरा करने जैसे ज़रूरी मूल्यों का संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोग्राम पर सवाल उठाना या यह कहना कि मंदिर नहीं बनने चाहिए, करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसा है।

 

बाली ने गांधी के बयानों पर कांग्रेस नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि ऐसे बयान कांग्रेस पार्टी की पंजाब को धार्मिक आधार पर बाँटने की कोशिश को दिखाते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा की भी आलोचना की, जिन्होंने सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताया था। बाली ने कहा कि शायद कांग्रेस नेताओं का असली स्टैंड यह है कि वे बेगुनाहों के कातिलों को रोल मॉडल मान रहे हैं और अपने गैर-ज़िम्मेदाराना बयानों से लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचा रहे हैं।

 

बाली ने कहा, “पंजाब के लोगों ने भगवंत मान सरकार पर भरोसा जताया है। हम पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाने वाले प्रोग्राम करते रहेंगे। कोई भी टिप्पणियां हमें ऐसा करने से नहीं रोक सकता।”

 

उन्होंने दावा किया कि आप सरकार पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को बढ़ावा देती रहेगी और 2027 में जब पार्टी सत्ता में वापस आएगी तो और भी बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।