Search

BREAKING
AAP ने रॉबी कंग को सौंपी नवांशहर की कमान, हलका इंचार्ज किया नियुक्त बिना किसी प्रीमियम भुगतान के स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, निजी स्वास्थ्य बीमे का किफायती विकल्प बनकर उभरी भगवंत मान सरकार व्यापारियों, दुकानदारों और कारोबारियों की मदद के लिए हमेशा प्रतिबद्ध: अरविंद केजरीवाल स्पीकर संधवां ने पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए माता-पिता से अपने बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय बिताने की अपील की जेल में बंद गैंगस्टर से जुड़े दो व्यक्ति बठिंडा से गिरफ्तार; दो पिस्तौल बरामद नशे की लत के खिलाफ जंग में शिक्षकों, अभिभावकों और समाज की भूमिका सबसे अधिक महत्वपूर्ण: डॉ. बलबीर सिंह अब सालासर-खाटू श्याम जी, हरिद्वार-त्रषिकेश और मथुरा-वृंदावन का भी मुफ्त दर्शन कराएगी भगवंत मान सरकार- केजरीवाल लुधियाना नगर निगम को मिला नया कमिश्नर, IAS ओजस्वी संभालेंगे कमान आज जालंधर पहुंचेंगे अरविंद केजरीवाल और CM मान, साईं दास ग्राउंड में होगा बड़ा धार्मिक आयोजन ‘ईज़ी जमाबंदी’ पोर्टल भूमि संबंधी सेवाओं को सुचारू बनाता है और राजस्व कार्यालयों में भ्रष्टाचार को समाप्त करता है: स्पीकर कुलतार सिंह संधवां

स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

April 19, 2026By Short Daily News

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.