Search

BREAKING
• पंजाब में अवैध खनन के ख़िलाफ़ चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी, बड़ी संख्या में मशीनरी और वाहन ज़ब्त • पंजाबियों से पगड़ी पहनने की अपील करने से पहले, चरणजीत चन्नी अपने कार्यकाल में हुई माइनिंग के बारे में जवाब दें: जसवीर सिंह गढ़ी • कपूरथला में आम आदमी पार्टी को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली • अगर ड्रग्स पाकिस्तान से आ रहे हैं, तो बीएसएफ किसके अधीन आती है? यह अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है: CM भगवंत सिंह मान • राहुल गांधी पंजाब में कांग्रेस के नशे के रिकॉर्ड का जवाब दें: बलतेज पन्नू • पंजाब से नशे का खात्मा करना सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य: CM भगवंत सिंह मान • पंजाब के 3 जिलों में बारिश के आसार, ओलावृष्टि के बाद 5 डिग्री तक गिरा तापमान; ठंडी हवाओं से मिली राहत • “अगर भाजपा सरकार सत्ता में आती है तो पंजाब में नशीली दवाओं का अंत हो जाएगा” – अमित शाह का परविंदर जोटा हत्याकांड पर बयान • CM भगवंत मान ने बुलाई नशा विरोधी अभियान पर हाई लेवल मीटिंग, सभी जिलों के SSP और DC होंगे शामिल • ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत, बरनाला के DC ने धिलवां में नशे के हॉटस्पॉट खत्म कर बच्चों के खेल मैदान और पार्क के निर्माण के निर्देश दिए

Punjabi Language Olympiad के जरिए Mann Government ने युवा पीढ़ी में जगाया ‘Punjabiyat’ का जज्बा

September 30, 2025By Short Daily News

पंजाबी भाषा, जो गुरुओं की बानी, साहित्य और पंजाब की मिट्टी में गहराई से रची-बसी है, अब सिर्फ पंजाब तक ही सीमित नहीं रह गई है। यह दुनिया भर में बसे पंजाबियों की पहचान बन चुकी है। लेकिन बदलते समय के साथ विदेशों में रहने वाली नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा और संस्कृति से दूर होती जा रही थी। इस चिंता को समझते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है – अंतरराष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड (International Punjabi Language Olympiad – IPLO)।

यह ओलंपियाड सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अभियान है, जिसका मकसद नई पीढ़ी को अपनी भाषा, विरासत और जड़ों से जोड़ना है। जब कोई बच्चा अपनी मातृभाषा में प्रश्नों का उत्तर देता है और जीत हासिल करता है, तो यह सिर्फ इनाम जीतने का पल नहीं होता, बल्कि अपनी पहचान पर गर्व करने का अनुभव होता है।

पंजाबी भाषा को बचाने का मिशन

विदेशों में रहने वाले कई पंजाबी परिवार चाहते हैं कि उनकी अगली पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहे। लेकिन अक्सर बच्चों को अपनी मातृभाषा सीखने और समझने का मौका नहीं मिलता। इस ओलंपियाड के जरिए यह दूरी खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।

  • यह बच्चों को पंजाबी साहित्य, संस्कृति और इतिहास से जोड़ता है।
  • बच्चों में अपनी भाषा और विरासत को लेकर गर्व की भावना पैदा करता है।
  • यह भाषा को सिर्फ पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि इसे संस्कृति और भावनाओं का सेतु बनाता है।

PSEB और पंजाब सरकार का संयुक्त प्रयास

इस ओलंपियाड का आयोजन हर साल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) और पंजाब सरकार मिलकर करते हैं।

  • PSEB परीक्षा के संचालन और मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभालता है।
  • पंजाब सरकार इसका प्रचार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे बढ़ावा देती है।

ऑनलाइन पंजीकरण (Registration)
प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए छात्र ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

इतिहास – कब शुरू हुआ यह आयोजन

  • पहला ओलंपियाड: 9-10 दिसंबर 2023 (ऑनलाइन)
  • दूसरा ओलंपियाड: 7-8 दिसंबर 2024
  • तीसरा ओलंपियाड: 2025 में आयोजित होगा (रजिस्ट्रेशन अभी चालू है)

कौन ले सकता है भाग

  • यह प्रतियोगिता कक्षा 3 से 12 तक के छात्रों के लिए खुली है।
  • 17 वर्ष तक की आयु वाले छात्र इसमें भाग ले सकते हैं।
  • यह सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। इसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अन्य देशों के छात्र भी शामिल हो सकते हैं।

परीक्षा का पैटर्न (Exam Pattern)

  • कुल प्रश्न: 50 (वस्तुनिष्ठ प्रश्न / Objective Type)
  • समय सीमा: 40 मिनट
  • कुल अंक: 50 अंक
  • परीक्षा 6 अलग-अलग टाइम जोन में होगी, हर स्लॉट 2 घंटे का होगा।

इनाम राशि (Prizes)

  • पहला इनाम: ₹11,000
  • दूसरा इनाम: ₹7,100
  • तीसरा इनाम: ₹5,100

पंजाबी भाषा का महत्व

  • पंजाबी दुनिया की 10वीं सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
  • इसके 10 करोड़ से ज्यादा वक्ता (Speakers) पूरी दुनिया में मौजूद हैं।
  • यह सिर्फ भाषा नहीं, बल्कि संस्कृति, इतिहास और पहचान का प्रतीक है।

पंजाब सरकार की अन्य पहलें

पंजाब सरकार सिर्फ ओलंपियाड तक ही सीमित नहीं है। भाषा को बढ़ावा देने के लिए कई और कदम उठाए गए हैं:

  • राज्य में साइनबोर्ड पर पंजाबी भाषा को अनिवार्य करना।
  • स्कूलों में पंजाबी को मुख्य विषय के रूप में शामिल करना।
  • पंजाबी साहित्य और संस्कृति के प्रचार के लिए नए प्रोजेक्ट्स और कैंपेन चलाना।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई मौकों पर साफ किया है कि पंजाबी भाषा का सम्मान और संरक्षण उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

भावनात्मक जुड़ाव

यह ओलंपियाड बच्चों और परिवारों को यह अहसास कराता है कि वे चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, उनकी आत्मा, भाषा और संस्कृति एक है।

  • यह प्रतियोगिता केवल ज्ञान बढ़ाने का जरिया नहीं है।
  • यह बच्चों को अपनी जड़ों, अपनी मिट्टी और अपनी पहचान से गहराई से जोड़ने का अवसर देती है।

पंजाब सरकार की यह पहल सिर्फ एक सरकारी प्रोग्राम नहीं, बल्कि भाषा और संस्कृति को बचाने का आंदोलन है।

  • यह दुनिया भर के पंजाबियों को एकजुट कर रहा है।
  • बच्चों को अपनी भाषा और संस्कृति पर गर्व महसूस करने का मौका दे रहा है।
  • और यह साबित कर रहा है कि भाषा केवल शब्द नहीं, बल्कि भावनाओं और विरासत का प्रतीक है।

अंतरराष्ट्रीय पंजाबी भाषा ओलंपियाड के जरिए पंजाब सरकार ने एक नया इतिहास रचा है। यह कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत नींव तैयार कर रहा है, जिससे पंजाबी भाषा हमेशा जीवित और समृद्ध बनी रहेगी।