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Punjab CM Bhagwant Mann का SGPC को सवाल – “क्या Sikh Gurus की शताब्दियों पर कार्यक्रम करवाने का Copyright आपके पास है?”

July 23, 2025By Short Daily News

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के बीच सिख गुरुओं की शताब्दियों को लेकर बड़ा टकराव सामने आया है। CM मान ने SGPC की उस बात पर सवाल उठाया है जिसमें SGPC ने दावा किया था कि गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ का कार्यक्रम केवल वही करवा सकती है।

मुख्यमंत्री का SGPC को खुला चैलेंज

CM मान ने SGPC से पूछा, “क्या इनके पास इस तरह के आयोजनों का कॉपीराइट है? क्या सिर्फ SGPC को ही सिख गुरुओं की शहादत दिवस मनाने का हक है?”
उन्होंने कहा कि जब 300वीं खालसा स्थापना वर्षगांठ मनाई गई थी, तब पंजाब में प्रकाश सिंह बादल की सरकार थी। “तब क्या वो धार्मिक मामलों में दखल नहीं था?” मान ने पूछा।

SGPC पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप

CM भगवंत मान ने SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी पर राजनीतिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा, “जब धामी लुधियाना और जालंधर उपचुनाव में अकाली दल के पक्ष में प्रचार कर रहे थे, तब क्या वो राजनीति में दखल नहीं था? क्या गुरु साहिब सिर्फ SGPC के हैं?”

मान ने कहा कि कई NGO और धार्मिक संस्थाएं भी इस अवसर पर कार्यक्रम करेंगी और हर किसी को गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को अपने तरीके से मनाने का हक है।

राज्य सरकार द्वारा तय कार्यक्रम

CM ने बताया कि 19 नवंबर से 25 नवंबर तक पंजाब सरकार गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के मौके पर विभिन्न आयोजन करेगी। उन्होंने सोमवार को इन कार्यक्रमों को लेकर मीटिंग कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

SGPC की प्रतिक्रिया: सरकार टकराव की स्थिति बना रही है

दूसरी तरफ, SGPC प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर सिख संस्थाओं को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि SGPC पहले ही अप्रैल 2025 से इस अवसर पर आयोजनों की योजना बना चुकी है, जिसकी शुरुआत गुरुद्वारा गुरु के महल, अमृतसर से हुई है।

धामी ने कहा कि SGPC पूरे देश में पहले से कार्यक्रम कर रही है, और अब पंजाब सरकार का समानांतर कार्यक्रम करवाना संगतमें भ्रम फैलाएगा और खालसा पंथ की परंपराओं के खिलाफ जाएगा।

इतिहास से जुड़ा SGPC का पक्ष

धामी ने कहा कि सिख इतिहास से जुड़ी बड़ी शताब्दियों के आयोजन हमेशा SGPC और पंथ के नेतृत्व में होते आए हैं, जिसमें सरकार सहयोग करती रही है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने अपने कार्यकाल में हुई 12 सिख शताब्दियों के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखाई।

ऐतिहासिक स्मारकों और सड़कों की हालत पर सवाल

SGPC प्रमुख ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह श्री आनंदपुर साहिब जाने वाली सड़कों की खराब हालत की अनदेखी कर रही है। उन्होंने बताया कि गढ़शंकर से आनंदपुर साहिब तक सड़क मरम्मत का काम धार्मिक संगठनों को खुद करना पड़ा क्योंकि सरकार ने ध्यान नहीं दिया।

धामी ने यह भी कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के साथ शहीद हुए भाई मती दास, भाई सती दास और भाई दयाल के लिए भी उचित स्मारक बनाए जाने की जरूरत है।

CM भगवंत मान और SGPC के बीच यह विवाद धार्मिक विरासत और आयोजनों की जिम्मेदारी को लेकर गहराता जा रहा है। एक ओर सरकार कह रही है कि हर किसी को गुरु साहिब की शहादत को मनाने का अधिकार है, वहीं SGPC इसे खालसा पंथ की परंपराओं में हस्तक्षेप मान रही है।
अब देखना होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाता है – सहयोग की दिशा में या और टकराव की ओर।