Majithia के सहयोगी “Satta” पर Interpol की कार्रवाई: Punjab Government की बड़ी Achievement

पंजाब पुलिस और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं ने कहा है कि अदालत ने बिक्रम सिंह मजीठिया की जमानत याचिका खारिज कर दी है और इंटरपोल ने उनके सहयोगी “सत्ता” (Satpreet Singh Thiara) के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है—यह नशा रैकेट के खिलाफ इंटेलिजेंट और ठोस कदम हैं।

  1. ज़मानत याचिका खारिज—सबूत ‘पक्के’ हैं

AAP विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद मजीठिया की जमानत याचिका खारिज की है। इसका मतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो के पास मजबूत प्रमाण हैं, और यह कार्रवाई किसी राजनीतिक बदले की भावना से नहीं, बल्कि सबूतों और facts पर आधारित थी। उन्होंने कहा:

“पहले दिन से ही अकाली दल और कुछ कांग्रेसी नेताओं ने मजीठिया की गिरफ्तारी को उत्पीड़न बताया, लेकिन अदालत ने यह साबित कर दिया कि विजिलेंस के पास पुख़्ता सबूत हैं।”

AAP नेता बलतेज पन्नू ने भी इस निर्णय को सरकार की बड़ी जीत बताया और कहा कि जीत सिर्फ पार्टी की नहीं, बल्कि न्याय और सच्चाई की जीत है।

  1. इंटरपोल ने “सत्ता” पर ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया

Punjab Police ने Interpol से ब्लू कॉर्नर नोटिस लिया है, जो Satpreet Singh Thiara (alias जिले में “सत्ता”)—जो कनाडा में है—के खिलाफ जारी किया गया है।
इस नोटिस का मकसद उसकी पहचान, लोकेशन और गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करना है।
धालीवाल ने बताया कि भारत सरकार अभी कनाडा की मदद से उसके प्रत्यर्पण (extradition) की कोशिश कर रही है, और जैसे ही वह पंजाब लाया जाएगा, एक बड़ा political earthquake आएगा जो ड्रग माफिया के और राजनेताओं के गहरे संबंध उजागर करेगा।

  1. नशे का रैकेट: 6000 करोड़ का जाल

धालीवाल ने कहा कि विजिलेंस जांच से पता चला है कि लगभग 6000 करोड़ रुपये के ड्रग नेटवर्क का संचालन राजनीतिक संरक्षण में हुआ था, और मजीठिया की तरफ़ से 540 करोड़ रुपये से अधिक की अइतिशिक माल-मक्कूल भी मिली है। यह उस दौर (2007–2017) की कहानी दर्शाता है, जब पंजाब की “छठी नदी” नशे से बह रही थी—एक मुहावरा जो भारी पैमाने पर ड्रग्स की समस्या को उजागर करता है।

बलतेज पन्नू ने जोर देकर कहा कि अदालत ने 10 दिनों तक चली बहस के बाद ही यह फैसला सुनाया, न कि सिर्फ 10 मिनट में—जो साबित करता है कि यह निर्णय गहराई से जांच के बाद आया है।

  1. AAP की प्रतिबद्धता: पंजाब को नशा-मुक्त बनाएँ

दोनों नेताओं ने दुहराया कि आम आदमी पार्टी पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बार-बार कह चुके हैं कि “कई बड़ी मछलियाँ अभी पकड़ी जानी बाकी हैं”—और सत्ता के प्रत्यर्पण से ये मछलियाँ सामने आ सकती हैं।

संक्षिप्त तथ्य सूची (Update at a glance)

विषय विवरण
अदालत का फैसला मजीठिया की जमानत याचिका लंबी सुनवाई के बाद खारिज
ब्लू कॉर्नर नोटिस Interpol ने कनाडा बेस्ड “सत्ता” के खिलाफ जारी किया
प्रत्यर्पण प्रयास भारत सरकार, कनाडा से प्रत्यर्पण के लिए काम कर रही
आर्थिक पैमाना ~₹6000 करोड़ ड्रग रैकेट + ₹540 करोड़ से अधिक संपत्ति संबंधी आरोप
AAP की प्रतिबद्धता नशे के खिलाफ लड़ाई जारी—राजनीतिक संरक्षण नियंत्रित करने की कोशिश

 

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