Search

BREAKING
तीर्थ यात्रा योजना को मिले भारी जनसमर्थन से डरकर कांग्रेस ने हिंसा का सहारा लिया: बलतेज पन्नू भारत को विकसित बनाने के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी, दिल्ली के बाद पंजाब में भी शानदार शिक्षा दे रही “आप” सरकार- केजरीवाल पंजाब में मानसून सक्रिय, भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति से राज्य के विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मिली बड़ी मदद ; 20,000 से अधिक छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में कमाए 90 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बड़ी राहत का ऐलान: पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नू पुनर सुरजीत अकाली दल ने ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ गठबंधन का किया ऐलान, पंथक एकता मजबूत करने पर जोर मोदी सरकार की बर्बरता के शिकार छात्रों के साथ खड़ी है आम आदमी पार्टी – केजरीवाल पंजाब में मानसून फिर सक्रिय, 3 दिनों का ऑरेंज अलर्ट; क्या आज होगी बारिश? पंजाब में नशे की लत के ख़िलाफ़ मेथाडोन बना नया हथियार; 6 एमएमटी क्लीनिक शुरू, जल्द ही 6 और स्थापित किए जाएँगे

Haryana में बारिश और बाढ़ से हाहाकार: Ghaggar Drain में 50 Foot दरार, 5754 गांव जलमग्न, लाखों किसान परेशान

September 11, 2025By Short Daily News

हरियाणा में बारिश और बाढ़ ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लगातार हुई बारिश और नदियों-ड्रेनों में बढ़ते पानी के कारण कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं। बुधवार देर रात सिरसा और फतेहाबाद जिलों के बीच स्थित घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन में अचानक 50 फीट चौड़ी दरार आ गई। इस दरार से पानी तेजी से खेतों में घुस गया और 300 एकड़ से ज्यादा खड़ी फसल जलमग्न हो गई।

गांव चाहरवाला, शाहपुरिया (सिरसा) और जांडवाला बागड़ (फतेहाबाद) के पास ये दरार आई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पानी के बहाव को रोकने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कामयाबी नहीं मिली। गुरुवार सुबह होते ही ग्रामीण मिट्टी और रेत से भरे कट्टों के साथ ड्रेन की दरार को बंद करने में जुट गए। उनकी मदद के लिए नजदीकी डेरे के सेवादार भी पहुंच गए। अभी भी बांधने का काम जारी है और प्रशासन की ओर से भी लगातार निगरानी की जा रही है।

लाखों किसान प्रभावित, 5754 गांवों में तबाही

इस बार हरियाणा में सामान्य से 45% ज्यादा बारिश हुई है, जिसकी वजह से कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए।

  • अब तक 5754 गांव प्रभावित हुए हैं।
  • करीब 3 लाख किसान इस आपदा की चपेट में आए हैं।
  • लगभग 18.66 लाख एकड़ फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

किसानों की मदद के लिए राज्य सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल के जरिए किसान अपनी फसल का नुकसान दर्ज करवा सकते हैं और मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं।

मौसम का हाल: 5 जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में आज बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं, सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, पानीपत, सोनीपत, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में मौसम साफ रहेगा।

विभाग का कहना है कि 14 सितंबर तक मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है और भारी बारिश की संभावना बहुत कम है।

अब तक की बारिश का रिकॉर्ड

इस सीजन में हरियाणा में 564.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 388.4 मिमी होना चाहिए। यानी इस बार 45% ज्यादा बारिश हुई है।

  • सबसे ज्यादा बारिश:
    • यमुनानगर – 1080.4 मिमी
    • महेंद्रगढ़ – 818.0 मिमी
  • सबसे कम बारिश:
    • सिरसा – 346.6 मिमी
    • भिवानी – 369.4 मिमी

विशेषज्ञ की राय: बारिश का पैटर्न बदला

हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग प्रमुख डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि 2021 के बाद इस साल सबसे ज्यादा बारिश हुई है।

  • 2021 में जुलाई और अगस्त में बारिश कम हुई थी लेकिन सितंबर में तेज बारिश हुई थी।
  • इस साल जुलाई, अगस्त और सितंबर – तीनों महीनों में अच्छी बारिश दर्ज की गई।

उन्होंने कहा कि अभी मानसून कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। अगले चार दिनों में केवल हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन तेज बारिश की संभावना नहीं है।

सरकार और प्रशासन अलर्ट पर

बाढ़ और जलभराव की वजह से कई गांवों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए हैं।

  • ड्रेन और नहरों की लगातार निगरानी की जा रही है।
  • जहां भी कटाव या दरार आ रही है, वहां ग्रामीणों और सेवादारों की मदद से तुरंत उसे बंद किया जा रहा है।
  • राहत कार्यों में स्थानीय संगठन और डेरे भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

हरियाणा में इस समय हालात बेहद गंभीर हैं। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं और कई इलाकों में लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब राहत और पुनर्वास कार्य को तेजी से पूरा करने की है।