Search

BREAKING
• परविंदर झोटा हत्याकांड में सरकार की पहल, बातचीत के लिए 3 महिला IAS अधिकारियों की टीम गठित • “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की • टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर मालविंदर कंग का केंद्र पर हमला, गैंगस्टरों को संरक्षण देने का लगाया आरोप • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले केजरीवाल का BJP पर तीखा हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल • संगरूर में भीषण सड़क हादसा, मनरेगा मजदूरों समेत 8 की मौत; CM मान ने किया मुआवजे का ऐलान • अमित शाह पंजाब को बताएं कि मुंद्रा पोर्ट से देश में आने वाले नशे को रोकने के लिए उन्होंने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं: बलतेज पन्नू • पंजाब के ‘सफेद छोले’ और ‘राजमा’ पहुंचे वैश्विक बाजार में; CM भगवंत सिंह मान ने ”SIAL Paris 2026” में सोहणा के नए उत्पाद किए लॉन्च • पंजाब में अवैध खनन के ख़िलाफ़ चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी, बड़ी संख्या में मशीनरी और वाहन ज़ब्त • पंजाबियों से पगड़ी पहनने की अपील करने से पहले, चरणजीत चन्नी अपने कार्यकाल में हुई माइनिंग के बारे में जवाब दें: जसवीर सिंह गढ़ी • कपूरथला में आम आदमी पार्टी को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली

Haryana भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चयन प्रक्रिया शुरू, अगले सप्ताह मिलेगा भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष।

March 21, 2025By Short Daily News

चंडीगढ़। Haryana में भाजपा के 27 जिलाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह को इस चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

संभावना है कि आगामी सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा, और उसके तीन दिनों के भीतर नया प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। जिस तरह जिलाध्यक्षों के चयन में मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी, उसी प्रकार प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में भी आम सहमति बनने की संभावना है। हालांकि, पार्टी इच्छुक उम्मीदवारों को दावेदारी पेश करने का अवसर अवश्य देगी।

दुष्कर्म के मामले को बना रहे मुद्दा।

फिलहाल मोहन लाल बडौली Haryana भाजपा के अध्यक्ष हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली के नेतृत्व में राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ा गया तथा तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी। मोहन लाल बडौली को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभाले हुए अभी नौ माह हुए हैं।

बीच में उन पर महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप लगे, लेकिन उन्हें इन आरोपों से पूरी तरह मुक्ति मिल चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के तलबगार बडौली के विरोध हाईकमान में उनके विरुद्ध दर्ज हुए दुष्कर्म के मामले को मुद्दा बना रहे हैं। पार्टी को फैसला करना है कि दोबारा मोहन लाल बडौली को अध्यक्ष बनाया जाना है अथवा किसी नये चेहरे को दायित्व सौंपा जा सकता है।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रधान बनने के आवेदन का मौका।

भाजपा में आधा दर्जन नेता प्रदेश अध्यक्ष के पद के प्रबल दावेदार हैं। ब्राह्मण, जाट, वैश्य, दलित और पंजाबी नेता प्रदेश अध्यक्ष के लिए लॉबिंग करने में जुटे हैं। केंद्रीय पर्यवेक्षक अरुण सिंह की ओर से किसी भी समय प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रधान बनने के इच्छुक नेताओं को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। आवेदन के बाद उसी दिन नामांकन-पत्रों की छंटनी होगी और शाम तक नाम वापस लिए जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन अरुण सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी और उसमें प्रदेशाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।

Haryana से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में 117 मतदाता।

Haryana भाजपा संगठन में प्रदेश अध्यक्ष पद के चयन के लिए कुल 117 मतदाता हैं। इनमें 27 जिलाध्यक्षों को मतदान का अधिकार प्राप्त है, साथ ही सभी 90 हलका अध्यक्ष भी इस चुनाव में मतदाता की भूमिका निभाएंगे। प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए इन सभी मतदाताओं को रोहतक या पंचकूला स्थित भाजपा के राज्य कार्यालयों में बुलाया जा सकता है। पार्टी की प्राथमिकता प्रदेश अध्यक्ष के चयन को सर्वसम्मति से सुनिश्चित करना होगी।

27 अक्टूबर 2023 को ओमप्रकाश धनखड़ की जगह नायब सिंह सैनी को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। बाद में, 12 मार्च 2024 को, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद, नायब सिंह सैनी को Haryana का नया मुख्यमंत्री बनाया गया, और उनके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए। इसके बाद, 9 जून 2024 को, नायब सिंह सैनी के इस्तीफे के बाद, राई के पूर्व विधायक और भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोहनलाल बड़ौली को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस बार भाजपा ने उन्हें विधानसभा चुनाव नहीं लड़वाया, बल्कि उनके नेतृत्व में चुनाव लड़े गए।