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Diwali से पहले Punjab Government का बड़ा तोहफ़ा — flood-affected किसानों को ₹20,000 per acre compensation, सिर्फ 30 दिनों में ₹209 crore जारी

October 17, 2025By Short Daily News

दीवाली से पहले पंजाब के किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार ने बाढ़ से प्रभावित किसानों को राहत देने का अपना वादा निभाया है। सरकार ने सिर्फ 30 दिनों के अंदर ₹209 करोड़ रुपए की राहत राशि जारी कर दी है।

यह कदम “मिशन पुनर्वास” (Mission Punervas) के तहत उठाया गया है — जिसका मकसद है कि कोई भी किसान या परिवार अकेला न रहे और हर प्रभावित व्यक्ति को समय पर मदद मिले।

किसानों के लिए बड़ी राहत

राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि बाढ़ से प्रभावित किसानों को ₹20,000 प्रति एकड़ की दर से मुआवज़ा दिया जाएगा।
यह देश में पहली बार है जब किसी राज्य सरकार ने इतनी बड़ी दर से किसानों को मुआवज़ा दिया हो।

इसके साथ ही, जिन परिवारों के घर बाढ़ में टूटे या क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें अब ₹40,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। पहले यह राशि सिर्फ ₹4,000 रुपये थी — यानी 10 गुना ज़्यादा।

14 जिलों में पहुंची राहत राशि

पंजाब के 14 जिलों में यह राहत राशि भेजी गई है।
कुल ₹209 करोड़ की पहली किश्त जारी हुई है, जिसमें से संगरूर जिले के किसानों को ₹3.50 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने धूरी विधानसभा क्षेत्र से इस मुआवज़ा वितरण की शुरुआत की और आठ बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत के स्वीकृति पत्र सौंपे।

वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पहले ही अजनाला में 631 किसानों को ₹5.70 करोड़ के चेक बांटकर “मिशन पुनर्वास” की शुरुआत की थी।

सिर्फ राहत नहीं, सम्मान भी

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह सरकार सिर्फ राहत नहीं दे रही, बल्कि लोगों को सम्मान और आत्मनिर्भरता देने का काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में 13 कैबिनेट मंत्री खुद ज़मीनी स्तर पर जाकर मुआवज़ा बांट रहे हैं ताकि कोई भी परिवार सरकारी मदद से वंचित न रहे।

प्रशासन की तैयारी और मेहनत

संगरूर के डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के तहत पहले से तैयारी कर ली गई थी।
घग्गर नदी में 755 फीट तक पानी पहुंचने के बावजूद किसी भी तटबंध (embankment) के न टूटने से यह साबित हुआ कि प्रशासन ने बहुत शानदार काम किया।

उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने समय पर कार्रवाई की, इसलिए नुकसान कम हुआ और लोगों की जानें बचीं।”

केंद्र सरकार से अपील

हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार से अपील की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित ₹1,600 करोड़ रुपये की सहायता राशि जल्द जारी की जाए।
उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र ने सिर्फ ₹240 करोड़ रुपये जारी किए हैं, जो कि वार्षिक किश्त का हिस्सा है, जबकि पंजाब को असली सहायता की ज़रूरत है।

उन्होंने कहा, “मान सरकार भले ही केंद्र से पूरा सहयोग न पा रही हो, लेकिन हम अपने संसाधनों और जनता के साथ हर संकट का सामना कर रहे हैं।”

किसानों और परिवारों की प्रतिक्रिया

संगरूर के किसान गुरमेल सिंह ने कहा,

“पहली बार किसी सरकार ने हमारा दर्द इतनी जल्दी समझा। अब लगता है कि सरकार सच में हमारे साथ है।”

वहीं बाढ़ प्रभावित परिवार की सदस्य जसविंदर कौर ने खुशी जताते हुए कहा,

“हमारे घर में दीवाली की रौशनी इस बार सरकार की वजह से आई है। मान सरकार ने सच में दिल जीत लिया।”

“मिशन पुनर्वास” – उम्मीद की नई शुरुआत

दीवाली से पहले जारी यह मुआवज़ा सिर्फ राहत नहीं, बल्कि पंजाब सरकार की उस नीति का हिस्सा है जो हर पंजाबी को आत्मनिर्भर और सम्मानित जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में “मिशन पुनर्वास” अब पंजाब में नई उम्मीदों की नींव रख रहा है —
एक ऐसा पंजाब जो मुश्किलों से डरता नहीं, बल्कि हर संकट को नए जोश और संकल्प से पार करता है।

यह पहल यह साबित करती है कि जब नेतृत्व ईमानदार और जनसेवी हो, तो सरकार का हर फैसला लोगों के दिलों को छू जाता है।
इस बार दीवाली की रौशनी सिर्फ घरों में नहीं, बल्कि हर पंजाबी के दिल में चमक रही है —
क्योंकि “मान सरकार” ने फिर एक बार दिखा दिया है कि जो कहा, वो किया!