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AAP नेताओं ने संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दों को नज़रअंदाज़ करने के लिए राघव चड्ढा की आलोचना की

April 4, 2026By Short Daily News

आम आदमी पार्टी (आपपंजाब के वरिष्ठ नेताओंजिनमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमाआप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा और आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने राज्यसभा मेंबर राघव चड्ढा पर संसद में पंजाब के ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहने पर जमकर निशाना साधा है।

 

नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बार-बार बातचीत के बावजूद, 8,500 करोड़ रुपये का आरडीएफ बकाया, 60,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान और 1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत जैसे गंभीर मुद्दे नहीं उठाए गए। इस चुप्पी को पंजाब के लोगों और फतवे के साथ धोखा बताते हुएनेताओं ने कहा कि किसानों की चिंताओं और बाढ़ पीड़ितों की बुरी हालत को न उठाना ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह अलग होना दिखाता है।

 

संसद में रिप्रेजेंटेशन पर चिंता जताते हुएपंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राघव चड्ढा को पंजाब के विधायकों ने इस उम्मीद से राज्यसभा के लिए चुना था कि वह नेशनल लेवल पर राज्य की चिंताओं को मज़बूती से प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकिउन्होंने पंजाब से जुड़ा एक भी संवेदनशील मुद्दा उठाने से पूरी तरह परहेज किया।

 

मुख्य वित्तीय मुद्दों की सूचि देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि वे लगभग 8,500 करोड़ रुपये का बकाया ग्रामीण विकास फंडजीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को लगभग 60,000 करोड़ रुपये का भारी जीएसटी नुकसान और जीएसटी मुआवजे में बदलाव के कारण 5,000-6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय नुकसान सहित कई ज़रूरी मुद्दे उठाने में असफल रहे। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फंड का मुद्दा भी ठीक से नहीं उठाया गया।

 

बाढ़ राहत का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भयानक बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री द्वारा पंजाब के लिए 1,600 करोड़ रुपये की राहत की घोषणा के बावजूदउस रकम का एक भी हिस्सा पंजाब के खजाने में नहीं पहुंचा। ये सभी मुद्दे बार-बार राघव चड्ढा के ध्यान में लाए गएफिर भी उन्होंने संसद में इनमें से एक भी मुद्दा नहीं उठाया।

 

निराशा जताते हुए पंजाब के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हमने उन्हें उम्मीद के साथ राज्यसभा भेजा थालेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने इन मुद्दों पर एक बार भी मुंह नहीं खोला। यह साफ तौर पर समझौते को दिखाता है। आम आदमी पार्टी एक ऐसी पार्टी है जो आम लोगों को मौके देती हैलेकिन ऐसे ज़रूरी मुद्दों पर चुप रहना पंजाब और उसके लोगों के साथ विश्वासघात है।

इस बीचआप पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल और पार्टी का रोल याद रखना चाहिए कि उन्होंने उन्हें राजनीतिक तौर पर ऊपर उठाया है। उन्हें पंजाब के ज्वलंत मुद्दे जैसे बकाया आरडीएफ और फंड और बाढ़ राहत पर ध्यान केंद्रित करने के बजायउन्होंने ऐसे मुद्दे उठाए जो पूरे देश ने देखे हैं।

 

पार्टी के सिद्धातों को दोहराते हुएउन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी की स्थापना लोगों के हक के लिए बिना डरे लड़ने के सिद्धों की गई थी और उस रास्ते से कोई भी भटकाव सोचा भी नहीं जा सकता और मंज़ूर नहीं है। राघव चड्ढा को खुद आत्म मंथन करना चाहिए और अन्याय के विरुद्ध खड़े हों और लोगों के हकों की वकालत करने के पार्टी कि मुख्य सिद्धांत को याद रखना चाहिए।

 

दूसरी ओरआप के प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब में बाढ़ से प्रभावित लोगों की बुरी हालत पर राघव चड्ढा की चुप्पी से बहुत निराशा हुई है। पार्टी नेताओं और प्रभावित लोगों ने उनसे बार-बार संसद में मुआवज़े का मुद्दा उठाने की रिक्वेस्ट की थीखासकर प्रधानमंत्री द्वारा अनाउंस किए गए 1,600 करोड़ रुपये की राहतजो अभी तक नहीं मिली है।

 

एक बाढ़ प्रभावित गांव में खड़े होकर उन्होंने कहा कि यह साफ़ है कि लोगों को अपने घरोंफसलों और इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी नुकसान हुआ हैफिर भी उनकी आवाज़ कभी राष्ट्रीय स्तर पर नहीं उठाई गई। हमें उम्मीद थी कि वे पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए इंसाफ़ और राहत की ज़ोरदार मांग करेंगेलेकिन उनकी चुप्पी बहुत निराशाजनक रही है। पंजाब के लोग इस अनदेखी को नहीं भूलेंगे।

 

आप नेताओं ने मिलकर कहा कि पंजाब के मुद्दों को हर मंच पर ज़ोरदार तरीके से उठाया जाना चाहिएऔर ऐसा न करना लोगों और आप को मिले जनादेश के साथ धोखा होगा।