Search

BREAKING
ABVP की जीत पर AAP/ASAP का बड़ा सवाल: विवादित दस्तावेज़ों और चुनावी पात्रता पर हाईकोर्ट जाएगी टीम, PU प्रशासन की चुप्पी पर भी उठे सवाल पंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने की दर चार साल में 163.80% से घटकर 152.22% हो गई, 95 ब्लॉक में सुधार दर्ज: बलतेज पन्नू CM भगवंत सिंह मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की पहली शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का किया उद्घाटन; कहा, यह लीग पंजाब की क्रिकेट प्रतिभा को निखारेगी पंजाब में बारिश कम होने से बढ़ी गर्मी और उमस, आज कई जिलों में बारिश के आसार रक्षा बंधन ने पंजाब के नशा मुक्ति केंद्रों में परिवारों को जोड़ा, नशामुक्ति और उम्मीद के संदेश को किया मज़बूत ‘मिशन क्लीन पंजाब’: भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य-स्तरीय सफ़ाई अभियान की शुरूआत, मंत्रियों, विधायकों, मेयरों और पार्षदों ने राज्यभर में संभाली कमान पंजाब का नाम रोशन, NEET में AIR-1 आर्यन गुप्ता से मिले मुख्यमंत्री मान पंजाब में आज से ‘मिशन क्लीन पंजाब’ की शुरुआत, 10 दिन चलेगा विशेष सफाई अभियान सज्जन कुमार के घर BJP नेताओं के पहुंचने पर सियासत गरम

Supreme Court का बड़ा फैसला: Delhi-NCR में Green Crackers जलाने की मिली इजाजत

October 15, 2025By Short Daily News

दिवाली से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के लोगों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक ग्रीन पटाखों (Green Crackers) की बिक्री और जलाने की अनुमति दे दी है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यह अवधि 25 अक्टूबर तक भी बढ़ सकती है।

यह फैसला त्योहार की खुशियों और प्रदूषण नियंत्रण के बीच balance बनाने की कोशिश है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पारंपरिक पटाखों की smuggling और ज्यादा pollution के कारण ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देना जरूरी है।

फैसले की मुख्य बातें:

  • समय सीमा: ग्रीन पटाखों को जलाने और बेचने की अनुमति 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक।
  • सिर्फ ग्रीन पटाखे: यह अनुमति सिर्फ उन पटाखों के लिए है जो पारंपरिक पटाखों की तुलना में कम pollution फैलाते हैं।
  • निरीक्षण और नियम: पेट्रोल टीमें पटाखे बनाने वाले units की regular जांच करेंगी। हर पटाखे पर QR code लगाना अनिवार्य होगा, जिसे साइट पर upload करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण:
सीजीआई बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन ने कहा कि अदालत ने सॉलिसिटर और एमिकस के suggestions पर ध्यान दिया है। अदालत ने बताया कि ग्रीन क्रैकर्स ने पिछले छह सालों में pollution को काफी कम किया है। इसमें NEERI (National Environmental Engineering Research Institute) का भी योगदान रहा है।

इतिहास और पृष्ठभूमि:

  • अर्जुन गोपाल केस के बाद ग्रीन क्रैकर्स का concept लाया गया।
  • 14 अक्टूबर 2024 से 1 जनवरी 2025 तक ग्रीन क्रैकर्स के manufacturing पर ban था।
  • Covid period को छोड़कर पुराने traditional crackers पर ban का असर air quality पर ज्यादा नहीं पड़ा।

लोगों की प्रतिक्रिया:
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लोगों में खुशी की लहर है। अब लोग बिना किसी डर के green crackers खरीद और जला सकेंगे।

कुल मिलाकर:
यह फैसला दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण और दिवाली की परंपरा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।