Search

BREAKING
भगवंत मान सरकार की ‘सेहत कार्ड’ योजना की गूंज, पटियाला शिविर में दो दिनों में 500 सदस्यों ने कराया रजिस्ट्रेशन MP Amritpal को लेकर केंद्र पहुंची भगवंत मान सरकार, सुरक्षा का हवाला देकर जेल ट्रांसफर न करने की अपील अंबेडकर जयंती पर CM मान ने दी बड़ी सौगात, पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मांवां-धीयां सत्कार योजना’ का आगाज पंजाब में मावां धीयां योजना की रजिस्ट्रेशन आज से:CM करेंगे शुभारंभ, जुलाई से मिलेंगे 1500 रुपए, कल से पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू भगवंत मान सरकार बेअदबी के खिलाफ लाई सबसे सख्त कानून, इंसाफ सुनिश्चित करने के लिए उम्रकैद और 25 लाख रुपये का जुर्माना: हरपाल सिंह चीमा 25 लाख का जुर्माना और उम्र कैद की सजा… क्या है जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन विधेयक? CM भगवंत सिंह मान के प्रयास रंग लाए, केंद्र द्वारा कंटीली तार को अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक लगाने का आदेश, लाखों किसानों को होगा लाभ भगवंत मान सरकार सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में क्रांतिकारी बदलाव के लिए पी.आर.टी.सी. और पनबस में 1,265 बसें करेगी शामिल: हरपाल सिंह चीमा राजेंद्र जिमखाना एंड Mahindra Club’ में आयोजित सेहत कैंप के द्वारा सदस्यों और स्टाफ के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने की पहल हिंदू नववर्ष संवत के अवसर पर रामलीला ग्राउंड में विशाल समारोह आयोजित Manish Sisodia

“55 Lakh पंजाबियों का Ration बंद करने की Conspiracy– AAP ने खोला मोर्चा”

August 25, 2025By Short Daily News

पंजाब में मुफ्त राशन को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि 55 लाख पंजाबियों का राशन बंद करने की साजिश रची जा रही है।

रविवार को पंजाब के सभी जिलों में AAP के मंत्रियों और विधायकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि वोट चोरी के बाद अब बीजेपी का नया हथकंडा है – राशन चोरी। इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।”

KYC का बहाना और राशन बंद

AAP नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार ने जुलाई में 23 लाख लोगों का राशन कार्ड KYC का बहाना बनाकर बंद कर दिया। अब 30 सितंबर से 32 लाख और लोगों का राशन बंद करने की धमकी दी जा रही है। यानी कुल मिलाकर 55 लाख पंजाबियों को मुफ्त राशन से वंचित किया जा रहा है।

नेताओं ने इसे पंजाब विरोधी और गरीब विरोधी बताया। उनका कहना है कि मुफ्त राशन गरीब परिवारों के लिए एक बहुत बड़ी राहत है, और इसे छीनना गरीबों के साथ अन्याय और बड़ा पाप” है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन शामिल हुए?

जिला स्तर पर हुई इन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े मंत्री और विधायक मौजूद रहे, जिनमें –

  • पंजाब AAP अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा
  • मंत्री हरपाल चीमा, हरभजन सिंह ईटीओ, लालजीत भुल्लर, डॉ. बलजीत कौर,
  • विधायक तरूणप्रीत सोंध, डॉ. बलबीर सिंह, डॉ. रवजोत, हरदीप मुंडियां और मोहिंदर भगत शामिल थे।

सभी ने एकजुट होकर कहा कि पंजाब सरकार किसी भी नागरिक का राशन कार्ड रद्द नहीं होने देगी।

बीजेपी पर सीधा वार

AAP नेताओं ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वह पंजाबियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

  • कहा गया कि अगर किसी परिवार का एक सदस्य कोई गलती करता है तो पूरे परिवार को सजा देना गलत है।
  • बीजेपी का असली एजेंडा गरीब विरोधी है, जबकि वह हमेशा उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट की तरफदारी करती है।
  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेताओं ने कहा – जब तक पंजाब में AAP सरकार है, एक भी राशन कार्ड रद्द नहीं होगा।”

पंजाब ने देश को अनाज दिया, अब खुद राशन से वंचित

आप नेताओं ने याद दिलाया कि पंजाब ने हरित क्रांति के समय पूरे देश को अनाज में आत्मनिर्भर बनाया।
पहले भारत को अमेरिका और दूसरे देशों से अनाज लेना पड़ता था, लेकिन पंजाब के किसानों ने गेहूं-चावल उगाकर देश का गोदाम भरा।
अब उसी पंजाब को राशन से वंचित करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय” बताया गया।

प्रधानमंत्री से अपील

AAP नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि गरीबों का राशन बंद न किया जाए।
उनका कहना है कि मुफ्त अनाज गरीबों का हक है और इसे छीनने से लाखों परिवार मुश्किल में पड़ जाएंगे।

निजी डेटा इकट्ठा करने का आरोप

AAP ने बीजेपी पर एक और गंभीर आरोप लगाया – कि वह सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों का private data गैर-कानूनी तरीके से collect कर रही है।
पार्टी ने इसे रोकने की मांग की और कहा कि बीजेपी पहले ही फर्जी वोट और चुनाव चोरी जैसे मामलों में बेनकाब हो चुकी है।

जनता से अपील

AAP नेताओं ने पंजाबियों से अपील की –

  • भाजपा नेताओं से सवाल पूछें कि क्यों 55 लाख लोगों का राशन बंद किया जा रहा है।
  • अगर वे जवाब न दें तो उनका सामूहिक बहिष्कार करें।

AAP ने साफ कर दिया है कि पंजाब सरकार किसी भी हालत में राज्य के लोगों का राशन कार्ड रद्द नहीं होने देगी। वहीं बीजेपी पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।

यह मुद्दा अब सीधे गरीबों के हक बनाम केंद्र सरकार की नीति के टकराव में बदल चुका है।