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Punjab में Ration Cards पर Political घमासान: AAP vs Centre

August 24, 2025By Short Daily News

पंजाब में राशन कार्ड और eKYC को लेकर राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार केंद्र पर गरीबों का राशन बंद करने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार का कहना है कि वह किसी का राशन बंद नहीं कर रही है, बल्कि यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक चल रही है।

AAP का हमला – “वोट चोरी के बाद अब राशन चोरी”

पंजाब सरकार का कहना है कि eKYC के नाम पर गरीबों का हक छीना जा रहा है।

  • AAP का आरोप है कि जुलाई से अब तक 23 लाख लोगों का राशन बंद कर दिया गया है।
  • अब 32 लाख और लोगों का राशन 30 सितंबर के बाद बंद करने की तैयारी है।
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब ने पूरे देश को अनाज दिया, लेकिन आज उसी पंजाब को भूखा रखने की कोशिश की जा रही है।

मान ने केंद्र को पत्र लिखकर 6 महीने का समय मांगा है, ताकि घर-घर जाकर हर गरीब का eKYC किया जा सके। उन्होंने साफ कहा – “जब तक मैं मुख्यमंत्री हूं, BJP को एक भी गरीब का राशन कार्ड काटने नहीं दूंगा।”

आज यानी 24 अगस्त को AAP के मंत्री और विधायक पंजाब के 23 जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, ताकि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा जा सके।

केंद्र का जवाब – “तथ्यों को समझें CM मान”

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पंजाब सरकार के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि CM मान को सही तथ्यों को समझना चाहिए। उन्होंने तीन प्वाइंट में सफाई दी –

 

 

  1. eKYC सुप्रीम कोर्ट का आदेश है, केंद्र का नहीं। केंद्र तो सिर्फ राज्यों को यह लागू करने के लिए कह रहा है। पंजाब को इसके लिए 3 बार एक्सटेंशन भी दिया जा चुका है।
  2. एनएफएसए 2013 (National Food Security Act) के तहत 1.41 करोड़ लाभार्थी पंजाब में शामिल हैं। इनकी पहचान राज्य सरकार अपने नियमों के हिसाब से करती है। इसमें केंद्र का कोई रोल नहीं है।
  3. किसी भी लाभार्थी की संख्या कम नहीं की गई है। केंद्र ने केवल यह कहा है कि पंजाब सरकार अपने मानदंडों के आधार पर लाभार्थियों की जांच करे। इसके लिए CBDT, MCA जैसे कई डाटा सोर्स से जानकारी राज्य को दी गई है।
    • अगर कोई योग्य गरीब छूट गया है, तो उसे जोड़ा जा सकेगा।
    • पंजाब के 1.41 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिलता रहेगा, इसमें कोई कटौती नहीं होगी।
    • हां, नकली या अवैध लाभार्थियों को हटाने का अधिकार राज्य सरकार को है।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

23 अगस्त को CM भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पंजाब के कुल 1.53 करोड़ राशन कार्ड धारकों में से 55 लाख गरीबों का राशन बंद करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि जुलाई से ही 23 लाख गरीबों का राशन बंद कर दिया गया और अब 32 लाख और कार्ड 30 सितंबर के बाद बंद करने की धमकी दी गई है।

नतीजा क्या निकल रहा है?

इस पूरे विवाद में AAP लगातार केंद्र पर हमला कर रही है कि BJP गरीबों का पेट काट रही है, वहीं केंद्र साफ कह रहा है कि किसी का राशन बंद नहीं होगा, यह सिर्फ सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत eKYC की प्रक्रिया है।

यानी, मामला अब सिर्फ राशन कार्ड का नहीं, बल्कि केंद्र बनाम राज्य की राजनीतिक जंग बन चुका है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में eKYC की प्रक्रिया कितनी तेजी से पूरी होती है और क्या सच में पंजाब के लाखों गरीबों का राशन कार्ड बच पाता है या नहीं।