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Punjab में Launch हुआ ‘Project Jeevanjyot-2’: अब कोई बच्चा सड़कों पर भीख नहीं मांगेगा

July 18, 2025By Short Daily News

सरकार का सख्त फैसला, बच्चों से भीख मंगवाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई, हो सकती है उम्रकैद तक की सज़ा

पंजाब सरकार ने राज्य में बच्चों से भीख मंगवाने की समस्या को खत्म करने के लिए एक बड़ी और सख्त पहल की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुआई और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की सोच से प्रेरित होकर अब ‘प्रोजेक्ट जीवनज्योत-2’ की शुरुआत की गई है। इस योजना का मकसद है कि पंजाब की सड़कों पर कोई भी बच्चा भीख मांगते हुए नज़र न आए।

क्या है ‘प्रोजेक्ट जीवनज्योत’?
यह योजना सबसे पहले सितंबर 2024 में शुरू की गई थी। इसके पहले फेज़ में राज्य भर में बच्चों को भीख मांगने से रोकने और उन्हें सुरक्षित जगह पर पहुंचाने के लिए विशेष टीमें बनाई गईं। इन टीमों ने बीते 9 महीनों में 753 जगहों पर छापेमारी की और 367 बच्चों को बचाया। इनमें से 350 बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाया गया, जबकि जिनके माता-पिता का कोई पता नहीं था, उन्हें बाल गृह (Child Care Homes) में रखा गया।

सरकार का फोकस सिर्फ रेस्क्यू पर नहीं, बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित करना मकसद
सरकार ने न सिर्फ बच्चों को सड़कों से बचाया, बल्कि उन्हें स्कूलों में दाखिला भी दिलाया।

  • 183 बच्चों को स्कूलों में भर्ती किया गया
  • 13 छोटे बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में भेजा गया
  • 30 गरीब बच्चों को ₹4000 प्रतिमाह की मदद दी जा रही है
  • 16 बच्चों को पेंशन योजना में जोड़ा गया, जिसमें ₹1500 प्रतिमाह मिलते हैं

महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि हर 3 महीने में इन बच्चों की स्थिति की दोबारा जांच की जाती है। लेकिन इस बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हुआ — 57 बच्चे फिर से स्कूल या घर से गायब पाए गए। क्या वे फिर से किसी गिरोह के शिकार हो गए हैं?

यही सवाल बना ‘प्रोजेक्ट जीवनज्योत-2′ की नींव
अब सरकार ने दूसरे फेज़ में और भी ज्यादा सख्ती और निगरानी के साथ काम शुरू किया है। केवल दो दिनों में 18 जगहों पर छापेमारी करके 41 बच्चों को बचाया गया है।

अब होगा DNA टेस्ट
जहां बच्चों के साथ आए बड़े लोगों की पहचान पर शक होता है, वहां DNA टेस्ट करवाया जाएगा। यदि पता चला कि बच्चा उनके असली माता-पिता का नहीं है, तो बाल तस्करी और शोषण के केस में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भीख माफिया और शोषण करने वालों को होगी कड़ी सज़ा

  • बच्चों से भीख मंगवाने पर 5 साल से लेकर उम्रकैद तक की सज़ा हो सकती है
  • शारीरिक हिंसा के केस में 20 साल तक की सज़ा
  • अगर कोई माता-पिता बार-बार अपने बच्चे से भीख मंगवाते हैं, तो उन्हें Unfit Parent घोषित किया जाएगा और सरकार बच्चा अपने संरक्षण में ले लेगी

बठिंडा में दर्ज हुआ पहला केस
सरकार ने बताया कि बठिंडा में एक केस में 20 बच्चों को भीख मंगवाने से बचाया गया है और एफआईआर दर्ज की गई है।

दिव्यांग और शोषित बच्चों को मिलेगा फ्री इलाज
हाल में रेस्क्यू किए गए 17 बच्चे शारीरिक शोषण और दिव्यांगता का शिकार पाए गए। सरकार ने उन सभी को स्वास्थ्य बीमा के तहत कवर किया है ताकि उनका इलाज अच्छे से हो सके।

सरकार का साफ संदेश
मंत्री बलजीत कौर ने कहा, “पंजाब सरकार किसी भी बच्चे का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर कोई बच्चा भीख मांगते पाया गया, तो अब सिर्फ उसे बचाया नहीं जाएगा, बल्कि उसके पीछे मौजूद शोषण करने वालों को भी सज़ा दी जाएगी।”

‘प्रोजेक्ट जीवनज्योत-2’ सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में पंजाब सरकार का एक ठोस और ऐतिहासिक कदम है। अब हर बच्चा स्कूल जाएगा, सुरक्षित रहेगा और उसके सपनों में कोई रुकावट नहीं आएगी।

अगर आप इस योजना से जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी देना चाहते हैं, या किसी बच्चे को भीख मांगते हुए देखते हैं, तो नजदीकी बाल संरक्षण अधिकारी या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत संपर्क करें।