Search

BREAKING
• पंजाब ने नशों के विरुद्ध सख्त कानून बनाने के लिए केंद्र को तीन पत्र लिखे, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई: हरपाल सिंह चीमा • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले अमन अरोड़ा ने उठाए सवाल, नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा पर मांगा जवाब • परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच अब CBI करेगी, CM मान का बड़ा ऐलान; परिवार की मांग मानी • अमित शाह को पंजाब को उपदे देने से पहले देश में बढ़ रहे गैंगस्टरवाद, फिरोती और नशा तस्करी पर जवाब दें: हरपाल सिंह चीमा • परविंदर झोटा हत्याकांड में सरकार की पहल, बातचीत के लिए 3 महिला IAS अधिकारियों की टीम गठित • “राम भक्तों की पुकार, चंदा चोरों को सज़ा इस बार”: अमन अरोड़ा ने श्री राम मंदिर चंदा चोरी मामले में प्रधानमंत्री मोदी से कड़ी सज़ा की मांग की • टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर मालविंदर कंग का केंद्र पर हमला, गैंगस्टरों को संरक्षण देने का लगाया आरोप • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले केजरीवाल का BJP पर तीखा हमला, कानून-व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल • संगरूर में भीषण सड़क हादसा, मनरेगा मजदूरों समेत 8 की मौत; CM मान ने किया मुआवजे का ऐलान • अमित शाह पंजाब को बताएं कि मुंद्रा पोर्ट से देश में आने वाले नशे को रोकने के लिए उन्होंने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं: बलतेज पन्नू

CM नायब सिंह सैनी ने बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की, 15 जून से पहले नालों की सफाई के दिए निर्देश।

May 28, 2025By Short Daily News

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ सुरक्षा उपायों की निगरानी कर रहे उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे आगामी मानसून सीज़न से पहले नालों की सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले में त्वरित कार्ययोजना तैयार की जाए और सफाई कार्य की निगरानी के लिए विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाए, ताकि यह कार्य 15 जून तक हर हाल में पूरा हो सके।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान दिए। बैठक में अल्पकालिक बाढ़ सुरक्षा उपायों और नालों की प्रभावी निकासी की तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

इसके साथ ही CM नायब सैनी ने क्षेत्रीय अधीक्षण अभियंताओं को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नालों की सफाई कार्य को पूरी गंभीरता से सुनिश्चित करें, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव और संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी रूप से निपटा जा सके।

बताया गया कि सिंचाई विभाग मानसून के दौरान जल भंडारण के लिए एसवाईएल और हांसी-बुटाना लिंक नहरों के मौजूदा चैनलों का उपयोग करने के लिए एक परियोजना पर काम कर रहा है। इस योजना में नालों और घग्गर से पानी को नहरों में मोड़ना और पानी को बनाए रखने के लिए अस्थायी अवरोधों का निर्माण करना शामिल है। इससे न केवल बाढ़ को रोका जा सकेगा और भूजल का पुनर्भरण होगा बल्कि सिंचाई को भी बढ़ावा मिलेगा।

CM ने अधिकारियों को जल निकासी के लिए पंपों की स्थिति और उपलब्धता का आकलन करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को विशिष्ट क्षेत्रों में जलभराव के कारणों की पहचान करने और स्थायी समाधान प्रदान करने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने टांगरी और मारकंडा नदियों में गाद निकालने के कार्य की भी समीक्षा की।