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UP: AIIMS गोरखपुर में 500 बेड का विश्राम सदन बनेगा मरीजों और अटेंडेंट के लिए सहारा, CM योगी ने किया शिलान्यास।

April 19, 2025By Short Daily News

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोरखपुर एम्स परिसर में 500 बेड वाले विश्राम सदन का भूमि पूजन और शिलान्यास किया। लगभग 44.34 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह विश्राम सदन पूर्वांचल का सबसे बड़ा रैन बसेरा होगा, जो अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को ठहरने की सुविधा देगा। इसका निर्माण पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की CSR योजना के तहत किया जा रहा है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2016 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर एम्स की आधारशिला रखी थी, तब यह एक सपना जैसा लगता था। लेकिन आज यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा हेल्थ सेंटर बन चुका है।

सीएम योगी ने डॉक्टरों को संवेदनशीलता और सेवा भावना के महत्व की याद दिलाते हुए कहा कि एक अच्छे डॉक्टर की असली पहचान उसकी संवेदना होती है। यदि डॉक्टर में संवेदनशीलता नहीं है, तो उसकी योग्यता अधूरी मानी जाती है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का व्यवहार ही मरीज का आत्मविश्वास बढ़ाता है और उसकी आधी बीमारी दूर कर सकता है।

योगी आदित्यनाथ ने डॉक्टरों को सलाह दी कि वे हर मरीज को रेफर करने के बजाय गंभीर केस में इलाज का जिम्मा खुद उठाएं और क्रिटिकल केयर देने की आदत विकसित करें।

क्या बोले सीएम

उन्होंने कहा कि जब कोई मरीज अस्पताल में भर्ती होता है तो उसके साथ तीन-चार अटेंडेंट भी आते हैं. पूर्वांचल में कई बार यह संख्या 10 तक पहुंच जाती है. ऐसे में उनके रहने की उचित व्यवस्था जरूरी है. यही सोचकर यह विश्राम सदन बनाया जा रहा है. यहां अटेंडेंट को सस्ते दर पर रुकने और भोजन की सुविधा मिलेगी.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2016 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स गोरखपुर की नींव रखी थी, तब यह सिर्फ एक सपना लगता था. लेकिन आज यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन गया है. यहां की ओपीडी रोजाना 4000 तक पहुंच रही है. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में यह संस्थान टेली कंसल्टेशन के जरिए आस-पास के जिलों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगा.

सुविधा 10 रुपये में उपलब्ध

मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि दो दशक पहले जब बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस से बच्चे मर रहे थे, तब उन्होंने एक स्वयंसेवी संस्था के सहयोग से 8 रुपये में तीमारदारों को भोजन दिलाने की व्यवस्था शुरू की थी. आज भी बीआरडी और गुरु गोरखनाथ अस्पताल में यह सुविधा 10 रुपये में उपलब्ध है.

शिलान्यास कार्यक्रम में सांसद रवि किशन ने कहा कि एम्स गोरखपुर की स्थापना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति और संघर्ष का परिणाम है. एम्स की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन देशदीपक वर्मा ने इसे एक मौन क्रांति बताया और कहा कि गोरखपुर एम्स धीरे-धीरे प्रथम श्रेणी के चिकित्सा संस्थानों की कतार में शामिल हो रहा है.

लोगों के लिए एक बड़ी राहत

गोरखपुर एम्स की नींव 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी और 2021 में इसका उद्घाटन किया गया. यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बड़ी राहत बना है. एम्स की स्थापना से पहले गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को लखनऊ या दिल्ली जाना पड़ता था, लेकिन अब गोरखपुर में ही सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के लिए विश्राम सदन एक बड़ी सुविधा साबित होगा. इस मौके पर पावरग्रिड, एम्स और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री को विश्राम सदन की रूपरेखा भी दिखाई गई, और उन्होंने जरूरी निर्देश दिए.