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पंजाब सरकार द्वारा STPI के साथ समझौता हस्ताक्षरित; मोहाली में 29 करोड़ रुपये से स्थापित किया जाएगा “न्यूरॉन 2.0” इन्क्यूबेशन सेंटर

August 20, 2026By Short Daily News

पंजाब को प्रौद्योगिकी-आधारित उद्यमिता के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में उभारने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब सरकार ने 29 करोड़ रुपये के निवेश से एस.टी.पी.आई. मोहाली में “स्टार्टअप पंजाब हब – न्यूरॉन 2.0” स्थापित करने के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह इन्क्यूबेशन सेंटर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा और उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप्स पर केंद्रित होगा।

 

यहाँ उद्योग भवन में पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा की उपस्थिति में यह समझौता हस्ताक्षरित किया गया। इस समझौते पर निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य-सह-पंजाब स्टार्टअप नोडल अधिकारी श्री जसप्रीत सिंह और एसटीपीआई के निदेशक श्री शैलेंद्र के. त्यागी ने हस्ताक्षर किए।

 

श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि यह नई सुविधा ‘न्यूरॉन 1.0’ की सफलता पर आधारित है, जिसके तहत 114 स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट (नवीन आवश्यकताओं के अनुसार तैयार) किया गया, 158 उत्पादों और 171 प्रोटोटाइप्स के विकास में सहायता की गई, जिससे लगभग 2,700 नौकरियाँ उत्पन्न हुईं। पिछले हब में से इन्क्यूबेट किए गए स्टार्टअप्स ने 251 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त किया है, जिनका कुल मूल्यांकन 2,890 करोड़ रुपये है।

 

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 12 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है, जबकि एसटीपीआई द्वारा 17 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य अगले पाँच वर्षों के दौरान कम से कम 50 स्टार्टअप्स को तैयार करना और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों में संरचित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से 2,000 पेशेवरों को प्रशिक्षित करना है। इस सुविधा के तहत पात्र स्टार्टअप्स को प्रदेश की स्टार्टअप नीति के तहत लाभ लेने के लिए ‘स्टार्टअप पंजाब’ के तहत पंजीकरण हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि न्यूरॉन 2.0 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) और ऑडियो-विज़ुअल ग्राफिक्स के साथ-साथ साइबर सुरक्षा को एक कोर डोमेन के रूप में शामिल किया जाएगा। इस हब में उत्पादों के विकास और परीक्षण के लिए उन्नत सुविधाओं वाली एक समर्पित साइबर सुरक्षा लैब स्थापित की जाएगी। इस सुविधा को एक व्यापक इनोवेशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की योजना है, जो स्टार्टअप इन्क्यूबेशन, मेंटरिंग, उन्नत बुनियादी ढाँचा, कौशल विकास, उत्पादों के व्यावसायीकरण और औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा देगा।

 

श्री अमन अरोड़ा ने कहा, “न्यूरॉन 2.0 के लिए एसटीपीआई के साथ यह साझेदारी आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि हमारे मौजूदा क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा को जोड़कर, हम प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रहे हैं और अपने युवाओं को भविष्य के अवसरों के लिए तैयार कर रहे हैं।”

 

उन्होंने बताया कि एसटीपीआई इस सुविधा का संचालन और प्रबंधन करेगी, साइबर सुरक्षा लैब का रख-रखाव करेगी और आउटरीच कार्यक्रम, हैकाथॉन, बूटकैंप और इन्वेस्टर-कॉन्टैक्ट कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। कौशल विकास प्रक्रिया में फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और एक्सपर्ट-लेवल के कार्यक्रम शामिल होंगे। स्टार्टअप पंजाब स्टार्टअप आउटरीच, मेंटरिंग और इकोसिस्टम विकास में सहायता करेगा और इस हब को सरकारी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक संगठनों से जोड़ेगा। इसके साथ ही यहाँ सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों एवं कॉलेजों के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के अवसर भी प्रदान किए जाएँगे।