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रणनीतिक स्थिति, मजबूत बुनियादी ढांचे और निवेशक-अनुकूल नीतियों के कारण पंजाब उत्तरी भारत के पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में उभर रहा है : CM भगवंत सिंह मान

June 2, 2026By Short Daily News

पंजाब के एक पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में उभार को उस समय बड़ा बढ़ावा मिला, जब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) का बड़ा निवेश सुनिश्चित किया। इस ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ने रिफाइनरी, बायोफ्यूल और बायोगैस क्षेत्रों में निवेश के माध्यम से राज्य में अपना दायरा बढ़ाने की योजना का एलान किया है।

 

एचपीसीएल के चेयरमैन विकास कौशल के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के मजबूत बुनियादी ढांचे, रणनीतिक स्थिति, निवेशक-अनुकूल नीतियों और पारदर्शी शासन प्रणाली पर प्रकाश डाला, जिसने राज्य को उत्तरी भारत के सबसे आकर्षक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद की है। बैठक के दौरान एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड ने पंजाब में अपने कामकाज के और विस्तार का एलान भी किया, जिसमें बायोफ्यूल और बायोगैस प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रोजेक्टों से रोजगार पैदा होने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने, औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलने और कृषि अवशेषों के प्रबंधन के लिए टिकाऊ समाधान मिलने की उम्मीद है।

 

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उत्तरी भारत के पसंदीदा निवेश स्थान के रूप में पंजाब की स्थिति को पेश किया। उन्होंने राज्य की भौगोलिक स्थिति, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और प्रमुख बंदरगाहों से निर्बाध संपर्क, मजबूत औद्योगिक क्लस्टर, निर्बाध मानक बिजली आपूर्ति, कुशल कर्मचारियों और अग्रणी नीतियों के ताने-बाने के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने एचपीसीएल के प्रतिनिधिमंडल को पंजाब के प्रशासनिक और नियामक सुधारों से भी अवगत कराया, जिसमें 173 से अधिक सरकारी-से-व्यापार (G2B) सेवाएं प्रदान करने वाला ‘फास्ट ट्रैक पंजाब’ सिंगल-विंडो सिस्टम, ऑटो-डीम्ड मंजूरी, पैन आधारित व्यापारिक पहचानकर्ता और ‘पंजाब राइट टू बिजनेस एक्ट’ में किए गए संशोधन शामिल हैं, जो समय पर साझा मंजूरी को संभव बनाते हैं।

 

इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार का विजन बिल्कुल स्पष्ट है। हम नीतियों में स्थिरता, फैसले लेने में तेजी और ऐसी शासन प्रणाली प्रदान करके पंजाब को वैश्विक उद्योगों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनाना चाहते हैं, जो निवेशकों के समय और भरोसे का सम्मान करे।”

 

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार निवेश को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “यह बहुत उत्साहजनक है कि एचपीसीएल ने पंजाब में रिफाइनरी और बायोगैस जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश करने में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। ये निवेश राज्य को बड़ा लाभ पहुंचाएंगे। आर्थिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा देने के अलावा ये प्रोजेक्ट पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेंगे।”

 

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “यह खुशी की बात है कि एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड 2जी तकनीक पर काम करके बठिंडा में अपने कामकाज का और विस्तार कर रही है। इस उपक्रम में कृषि अवशेषों से मूल्यवान उत्पाद तैयार करते हुए बायोफ्यूल क्षेत्र को मजबूत करने की अपार संभावना है।”

 

उन्होंने आगे बताया कि कंपनी पंजाब भर में दस बायोगैस प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जिनमें से पांच पहले ही चालू हो चुके हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये बायोगैस प्रोजेक्ट राज्य में कृषि अवशेषों के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने में बहुत सहायक साबित होंगे। इससे न केवल पर्यावरण की चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों को भी भरपूर लाभ होगा।”

 

एचपीसीएल के प्रतिनिधिमंडल को पूर्ण सहयोग का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक विस्तार को सुगम बनाने की अपनी प्रतिबद्धता पर दृढ़ है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दावा किया, “निवेशक सच्चे देशभक्त होते हैं, जो बड़े निवेश करके युवाओं के लिए नौकरियां पैदा करके और अभूतपूर्व प्रगति तथा समृद्धि के युग की शुरुआत करके देश की सेवा करते हैं। पंजाब सरकार हर उस निवेशक के साथ चट्टान की तरह खड़ी है, जो राज्य के विकास में योगदान देना चाहता है।”

 

उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आगे भरोसा दिलाया कि पंजाब में व्यापारिक माहौल पूरी तरह बदल चुका है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “एक समय था जब निवेशकों को अनावश्यक बाधाओं और अवैध मांगों का सामना करना पड़ता था। आज पंजाब सरकार केवल पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए काम कर रही है और एक पारदर्शी, निवेशक-अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

 

इस बैठक के दौरान मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. रवि भगत, उद्योग सचिव गुरकिरत किरपाल सिंह, सचिव ग्रामीण विकास अजीत बालाजी जोशी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।