Search

BREAKING
तीर्थ यात्रा योजना को मिले भारी जनसमर्थन से डरकर कांग्रेस ने हिंसा का सहारा लिया: बलतेज पन्नू भारत को विकसित बनाने के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी, दिल्ली के बाद पंजाब में भी शानदार शिक्षा दे रही “आप” सरकार- केजरीवाल पंजाब में मानसून सक्रिय, भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी भगवंत मान सरकार की शिक्षा क्रांति से राज्य के विद्यार्थियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में मिली बड़ी मदद ; 20,000 से अधिक छात्र उद्यमों ने पहले ही वर्ष में कमाए 90 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बड़ी राहत का ऐलान: पंजाब में बनाए जाएंगे 10 लाख नए राशन कार्ड देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नू पुनर सुरजीत अकाली दल ने ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ गठबंधन का किया ऐलान, पंथक एकता मजबूत करने पर जोर मोदी सरकार की बर्बरता के शिकार छात्रों के साथ खड़ी है आम आदमी पार्टी – केजरीवाल पंजाब में मानसून फिर सक्रिय, 3 दिनों का ऑरेंज अलर्ट; क्या आज होगी बारिश? पंजाब में नशे की लत के ख़िलाफ़ मेथाडोन बना नया हथियार; 6 एमएमटी क्लीनिक शुरू, जल्द ही 6 और स्थापित किए जाएँगे

सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, राष्ट्रपति ने नियुक्तियों को दी मंजूरी

June 1, 2026By Short Daily News

देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने मंजूरी दे दी है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री Arjun Ram Meghwal ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की।

इन नियुक्तियों के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने हाल ही में पांच नामों की सिफारिश राष्ट्रपति को भेजी थी। कॉलेजियम की अनुशंसा को स्वीकार करते हुए अब इन्हें सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त कर दिया गया है।

नवनियुक्त न्यायाधीशों में Justice Sheel Nagu, Justice N. V. Anjaria, Justice Vijay Bishnoi, Justice Atul S. Chandurkar और वरिष्ठ अधिवक्ता V. Subramonium Prasad शामिल हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि वे उन चुनिंदा कानूनी विशेषज्ञों में शामिल हैं जिन्होंने सीधे वकालत के क्षेत्र से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने तक का सफर तय किया है। अपनी योग्यता, अनुभव और कानूनी क्षेत्र में लंबे योगदान के आधार पर उन्होंने यह महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है।

इस बीच केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठा रही है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके लिए सरकार संसद के आगामी सत्र में संबंधित विधेयक पेश करेगी।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और न्याय व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। बढ़ती न्यायिक जरूरतों को देखते हुए जजों की संख्या में वृद्धि को न्याय प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।