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पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी रोक, 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को मिलेगी राहत

August 10, 2026By Short Daily News

पंजाब सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने और अभिभावकों को राहत देने के लिए विधानसभा में एक अहम विधेयक पेश किया है। सरकार का कहना है कि शिक्षा को मुनाफाखोरी का साधन नहीं बनने दिया जाएगा और विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता के हितों की भी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार के अनुसार, प्रस्तावित प्रावधानों से पंजाब के करीब 32 लाख बच्चों के अभिभावकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। नए नियमों के तहत कोई भी निजी स्कूल तीन साल तक विद्यार्थियों की स्कूल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेगा। इसके अलावा स्कूल अभिभावकों को किसी एक विशेष दुकान से यूनिफॉर्म, किताबें या अन्य सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि इस कदम से अभिभावकों पर बार-बार बढ़ने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा। अक्सर यूनिफॉर्म या किताबों में बदलाव के कारण माता-पिता को हर साल नया सामान खरीदना पड़ता है। अब ऐसे मामलों में स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने की कोशिश की जा रही है।

सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। सरकार के मुताबिक, पंजाब आज शिक्षा के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्यों में शामिल है। सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों का NEET परीक्षा पास करना इसका एक बड़ा उदाहरण बताया गया है।

सरकार का कहना है कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव है। इसलिए सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

पंजाब सरकार ने कहा है कि वह राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले और अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।