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डॉ. गुरप्रीत कौर मान पर कांग्रेस विधायक खैहरा के जीजा रणजीत सिंह के आरोप बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित: AAP

August 23, 2026By Short Daily News

आम आदमी पार्टी की मोगा से विधायक अमनदीप कौर ने विरोधी पक्षों द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान के खिलाफ लगाए जा रहे कथित बेबुनियाद आरोपों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीति में सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना, विरोध करना और आलोचना करना विरोधी पक्ष का अधिकार है, लेकिन झूठे आरोप लगाकर किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी, प्रतिष्ठा और चरित्र पर हमला करना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। जब झूठ की हद पार हो जाए तो उसका जवाब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कानूनी तरीके से भी दिया जाएगा।

 

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विधायक अमनदीप कौर ने कहा कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजवीर सिंह पर भी ऐसे आरोप लगाए गए थे, जिनका कोई ठोस सबूत सामने नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि विधायक और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता अपने कामों के लिए संबंधित अधिकारियों और पार्टी नेतृत्व के पास जाते हैं। उन्होंने कहा कि “मैं पूरी जिम्मेदारी से कह सकती हूं कि पार्टी फंड के नाम पर किसी से कोई अनुचित मांग किए जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता।” उन्होंने विरोधी पक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई आरोप है तो उसे अफवाहों की बजाय ठोस तथ्यों और सबूतों के साथ जनता के सामने रखें।

 

विधायक अमनदीप कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की धर्मपत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान पर सुखपाल सिंह खैहरा के जीजा रणजीत सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों के मामले में डॉ. गुरप्रीत द्वारा कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में कथित आरोपों पर 24 घंटों के अंदर माफी मांगने की मांग की गई है, नहीं तो कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत का रुख करने की बात कही गई है। विधायक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं तो उसके पास कानून का सहारा लेने का पूरा अधिकार है और अब ऐसे मामलों का जवाब कानूनी प्रक्रिया के जरिए दिया जाएगा।

 

विधायक अमनदीप कौर ने दोहराया कि आम आदमी पार्टी किसी की आवाज दबाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि राजनीति में सवाल पूछो, विरोध करो, आलोचना करो, लेकिन निजी जिंदगी पर हमला करने और बिना सबूत आरोप लगाने की राजनीति बंद करनी होगी। यदि सरकार के किसी फैसले या काम में विरोधी पक्ष को कोई गड़बड़ी नजर आती है तो वह तथ्यों के साथ मुद्दा उठाए, लेकिन महिलाओं और पारिवारिक सदस्यों पर निजी टिप्पणियां करना बेहद शर्मनाक है।

 

उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष की घबराहट का एक बड़ा कारण यह भी है कि आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का नाम आज पंजाब के आम लोगों में चर्चा में है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पिछले साढ़े चार सालों में पंजाब के विकास और आम लोगों की भलाई के लिए बड़े पैमाने पर काम हुए हैं। नौजवानों को सरकारी नौकरियां देने से लेकर बिजली के बिलों में राहत, 10 लाख रुपए तक की स्वास्थ्य बीमा योजना, गांव-गांव और खेत-खेत तक नहरी पानी पहुंचाने, दिन के समय किसानों को बिजली मुहैया कराने और तीर्थ यात्रा, मावां-धीआं सत्कार योजना जैसी योजनाओं ने आम लोगों के जीवन पर सीधा सकारात्मक प्रभाव डाला है। इन योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच रहा है और यही कारण है कि विरोधी पक्ष के पास सरकार के कामों का जवाब देने की बजाय निजी आरोपों का सहारा लेने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।

 

उन्होंने विरोधी नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि यदि राजनीति करनी है तो तथ्यों और मुद्दों पर की जाए। सरकार के किसी काम में कमी है तो तथ्य सामने रखे जाएं, लेकिन सुनी-सुनाई बातों और बेबुनियाद आरोपों के आधार पर किसी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई तो उसका जवाब कानून के माध्यम से दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब निजी हमलों और झूठे आरोपों को राजनीतिक बहस का हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और आरोप लगाने वालों को अदालत में अपने दावों का जवाब देना पड़ सकता है।