Search

BREAKING
Punjab : मुख्यमंत्री सेहत योजना बनी बेटे की सबसे बड़ी ताकत, सरकार ने कराया कैंसर का इलाज बेअदबी पर देश का सबसे सख्त कानून मंजूर…, क्या है जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन 2026 ? Punjab में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून लागू, राज्यपाल की मंजूरी सुखबीर बादल का ‘मंडी दौरा’ एक ‘राजनीतिक ड्रामा’ निकला, खरीद की सच्चाई अकाली दल के झूठे प्रचार का किया पर्दाफाश: Baljeet Kaur CM भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प लगातार जारी: Harbhajan Singh ETO ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम ला रही है रंग, 80% सफलता दर के साथ जनता और पुलिस के तालमेल ने तोड़ी तस्करों की कमर: Baltej Pannu पाकिस्तान से पंजाब तक फैला नशा गिरोह बेनकाब, तकरीबन 448 करोड़ की हेरोइन बरामद दीपक बाली का केंद्र पर हमला: “ED कार्रवाई राजनीतिक साजिश, आप नहीं झुकेगी” अमृतसर के अटारी विधानसभा क्षेत्र की सभी प्रमुख सड़कें शानदार बनेंगी, CM भगवंत सिंह मान ने रखी आधारशिला CM भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रीमंडल द्वारा दरियाओं, चोओं और सेम नालों से गाद निकालने के लिए हरी झंडी

केंद्र सरकार से पंजाब के 60,000 करोड़ रुपये जारी करने की अपील – CM भगवंत मान

September 1, 2025By Short Daily News

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य के सभी 60,000 करोड़ रुपये के बकाया फंड तुरंत जारी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रहा है और हालात हर दिन और बिगड़ते जा रहे हैं।

बाढ़ से पंजाब की स्थिति

सीएम मान ने पत्र में लिखा कि इस बार की बाढ़ को हाल के वर्षों की सबसे खतरनाक प्राकृतिक आपदा माना जा सकता है।

  • राज्य के लगभग 1,000 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
  • लाखों लोग इस बाढ़ से परेशान हैं।
  • करीब 3 लाख एकड़ कृषि भूमि, खासतौर पर धान की फसल, पानी में डूब चुकी है।
  • फसल कटाई से पहले ही किसानों का भारी नुकसान हो गया है।
  • पशुओं की मौत और नुकसान से डेयरी और पशुपालन करने वाले परिवारों की रोज़ी-रोटी भी खतरे में है।

प्रभावित जिले

सबसे ज्यादा नुकसान गुरदासपुर, कपूरथला, अमृतसर, पठानकोट, फिरोज़पुर, फाजिल्का और होशियारपुर जिलों में हुआ है। इन इलाकों में भारी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी की वजह से हालात गंभीर बने हुए हैं।

आर्थिक नुकसान और बकाया फंड

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को याद दिलाया कि –

  • जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को 49,727 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ, लेकिन अब तक केंद्र ने कोई मुआवज़ा नहीं दिया।
  • ग्रामीण विकास फंड (RDF) और मार्केट डेवलपमेंट फंड (MDF) में भी 8,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमी हो चुकी है।
  • हाल ही में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 828 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट रद्द कर दिए गए, जिससे ग्रामीण सड़कों पर बुरा असर पड़ा है।

मुआवज़े के नियमों में बदलाव की मांग

सीएम मान ने SDRF (State Disaster Response Fund) के मुआवज़े के नियमों पर सवाल उठाए।

  • मौजूदा नियमों के अनुसार, अगर फसल का नुकसान 33% से ज्यादा हो तो किसानों को सिर्फ 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर (यानी करीब 6,800 रुपये प्रति एकड़) मुआवज़ा मिलता है।
  • मान ने इसे किसानों के साथ बेतुका मज़ाक” बताया।
  • उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार अपनी तरफ से 8,200 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त दे रही है, जिससे किसानों को कुल 15,000 रुपये प्रति एकड़ मिल रहे हैं।
  • लेकिन असली नुकसान को देखते हुए उन्होंने मांग की कि किसानों को कम से कम 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवज़ा दिया जाए।

केंद्र सरकार से अपील

मुख्यमंत्री ने कहा कि –

  • पंजाब इस समय नाज़ुक हालात में है।
  • केंद्र को तुरंत राज्य का 60,000 करोड़ रुपये का बकाया फंड जारी करना चाहिए।
  • SDRF के मुआवज़े के नियमों को जमीनी हकीकत के अनुसार संशोधित करना चाहिए।
  • राज्य सरकार आगे भी SDRF योजना के तहत अपना 25% योगदान देती रहेगी।

कुल मिलाकर, भगवंत मान ने साफ कहा है कि पंजाब अकेले इस संकट का सामना नहीं कर सकता। किसानों, पशुपालकों और आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को तुरंत कदम उठाने होंगे।