उत्तर प्रदेश। UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वक्फ बोर्ड पर गरुवार को सीधा हमला करते हुए इस पर भूमि अतिक्रमण करने का आरोप लगाया और इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक और ऐतिहासिक स्थलों पर इसका मनमाना दावा ज्यादा दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आप यहां निषादराज की पौराणिक भूमि पर कब्जा देख रहे हैं ना. शहर में जगह-जगह वक्फ के नाम पर कब्जे किए गए हैं. यहां तक की कुंभ के समय भी बयान दिए गए कि कुंभ की भूमि भी वक्फ की है. हमने पूछा था- क्या वक्फ बोर्ड भू-माफिया बन गया है.”
सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार के तहत इस तरह के अतिक्रमण हटा दिए गए हैं और माफियाओं को उत्तर प्रदेश से बाहर खदेड़ दिया गया है. उन्होंने कहा, “निषाद राज से जुड़ी पवित्र भूमि समेत कई जगहों पर वक्फ के नाम पर अतिक्रमण किया गया. लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. उनकी आपत्तियों के बावजूद भव्य और दिव्य कुंभ मेले का आयोजन किया गया.” मुख्यमंत्री ने वक्फ बोर्ड की कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधायी कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी सराहना की.
उन्होंने कहा, “हम प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के आभारी हैं कि उन्होंने वक्फ बोर्ड की मनमानी पर लगाम लगाई है. इस मुद्दे को हल करने वाला एक महत्वपूर्ण विधेयक पहले ही लोकसभा में पारित हो चुका है और अब इसे राज्यसभा में भी पारित किया जाएगा.” वक्फ (संशोधन) विधेयक बुधवार को लोकसभा में पारित हो गया और गरुवार को राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य अब अवैध दावों को बर्दाश्त नहीं करेगा और राष्ट्रीय हित को पहले स्थान पर रखना होगा. उन्होंने कहा, “जो लोग राष्ट्र के प्रति वफादार हैं, वे हमेशा अपना रास्ता खोज लेंगे.
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “महाकुंभ 2025 ने देश और प्रदेश को बहुत कुछ प्रदान किया है। इतना विशाल आयोजन केवल सनातन धर्म में आस्था रखने वाले और राम भक्त ही सफलतापूर्वक संपन्न कर सकते हैं। जिन लोगों के मन में राष्ट्र के प्रति समर्पण और निष्ठा नहीं होती, वे ऐसे भव्य आयोजन करने में सक्षम नहीं होते।”
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, “महाकुंभ ने यहां के लोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान दिलाया है। किसी व्यक्ति को पहचान और सम्मान मिलना सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। दुर्भाग्य से, पिछली सरकारें इस पहचान को मिटाने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश को माफियाओं के हवाले कर दिया था और हर जिले में संगठित अपराध को बढ़ावा दिया था।”