Search

BREAKING
पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, 1 जुलाई से सरकारी दफ्तर फिर पुराने समय के अनुसार खुलेंगे औद्योगिक और कमर्शियल LPG उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, केंद्र ने बहाल की पूरी सप्लाई 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, केंद्र सरकार ने बढ़ाई विभिन्न सेवाओं की फीस भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जनता फैसला करेगी; धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठा प्रचार मुझे पंजाब के लिए काम करने से नहीं रोक सकता : CM भगवंत सिंह मान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का वीडियो फर्जी था, पूरी साजिश का हुआ खुलासा बादलों ने सियासी फायदा लेने के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और ‘चिट्टे’ तथा माफिया को संरक्षण दिया, जिसने पंजाब को बर्बाद कर दिया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान मुझे बदनाम करने के लिए बनाई गई फर्जी वीडियो: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान विधायक कुलदीप धालीवाल ने भगवंत मान सरकार की उपलब्धियों को रखा जनता के सामने, कहा- पंजाब अब विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है अकाली दल की फर्जी वीडियो मुहिम ने उनकी घबराहट को किया उजागर, उनके पास पंजाब के मुख्यमंत्री को निशाना बनाने के अलावा कोई मुद्दा नहीं बचा: बलतेज पन्नू

UP: राशन वितरण में योगी सरकार की पारदर्शी पहल, करोड़ों लाभार्थियों को मिल रहा सीधा लाभ, 77.37% ने पूरी की e-KYC प्रक्रिया।

April 2, 2025By Short Daily News

लखनऊ। UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले आठ वर्षों में गरीबों और जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया को न केवल प्रभावी बनाया है, बल्कि इसे डिजिटल तकनीकों के माध्यम से पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भी किया है। एक बयान में इसकी जानकारी दी गयी है। ‘सेवा, सुरक्षा और सुशासन’ के मूल मंत्र को साकार करते हुए उप्र सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग के जरिए तकनीकी नवाचारों को अपनाया, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के 1.15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को मिल रहा है।

प्रदेश सरकार ने राशन वितरण को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-केवाईसी और आधार सत्यापन प्रणाली लागू की है। इस नई व्यवस्था के तहत, अब राशन कार्ड धारक देश के किसी भी उचित दर दुकान पर ई-केवाईसी करा सकते हैं। खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 तक प्रदेश के 77.37% लाभार्थियों (यानी 1,15,37,940 राशन कार्डधारक) ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है।

दिलचस्प बात यह है कि 10.02 लाख लाभार्थियों ने अन्य राज्यों में भी अपनी ई-केवाईसी कराई, जिससे यह साबित होता है कि यह व्यवस्था कितनी व्यापक और उपयोगी है।

इसके अलावा, इस डिजिटल पहल के जरिए अपात्र कार्डधारकों की पहचान कर उन्हें सिस्टम से हटाने में भी मदद मिली, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों तक खाद्यान्न पहुंचाना संभव हुआ। सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द सभी लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूरी कर, राशन वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना है।