पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारतीय सेना ने इस साल मई में एक बड़ा और प्लान किया हुआ मिशन चलाया — ऑपरेशन सिंदूर। इस मिशन में भारतीय वायुसेना (IAF) और सेना ने मिलकर पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। यही नहीं, इसके बाद जो 72 घंटे का सीमित संघर्ष हुआ, उसमें भी पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
पहले तक इस बारे में सिर्फ भारत सरकार और सेना प्रमुख ही बयान दे रहे थे, लेकिन अब एक मशहूर अंतरराष्ट्रीय सैन्य विशेषज्ञ ने भी इसे कन्फर्म किया है, जिससे पाकिस्तान के दावों की हवा निकल गई है।
IAF चीफ का दावा
हाल ही में भारतीय एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने बताया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने:
- कम से कम पांच पाकिस्तानी वायुसेना के विमान गिराए।
- एक बड़ा एयर डिफेंस सिस्टम भी तबाह किया।
ये बयान पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि पाकिस्तान लगातार नुकसान से इनकार करता रहा है।
विदेशी एक्सपर्ट की पुष्टि
ऑस्ट्रिया के जाने-माने हवाई युद्ध विशेषज्ञ टॉम कूपर ने भारतीय एयर चीफ के दावों का समर्थन किया। उन्होंने कहा:
- पाकिस्तान के पांच से भी ज्यादा विमान गिराए गए।
- जमीन पर भी कई पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट नष्ट हुए।
- हमला एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम से किया गया।
- भारतीय वायुसेना ने 300 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के विमान गिराए, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
कूपर के अनुसार, “हमारे पास ऐसे पुख्ता सबूत हैं जो इस नुकसान को साबित करते हैं, भले ही भारत सरकार और वायुसेना ने इसे आधिकारिक रूप से कन्फर्म न किया हो।”
पाकिस्तान का खंडन, लेकिन…
पाकिस्तान का कहना है कि उसने इतना नुकसान नहीं झेला, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट और सबूतों से साफ है कि उसे असल में ज्यादा झटका लगा।
एस-400 – ऑपरेशन का हीरो
- 7 मई की रात से 10 मई तक भारत और पाकिस्तान के बीच 72 घंटे का संघर्ष चला।
- इसमें एस-400 सिस्टम ने मुख्य भूमिका निभाई।
- 300 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन का विमान गिराना सिर्फ भारत ने किया है।
- तुलना करें तो हाल ही में रूस-यूक्रेन संघर्ष में सबसे ज्यादा दूरी से विमान गिराने का रिकॉर्ड 200 किलोमीटर था।
क्यों है यह ऐतिहासिक?
- यह हमला तकनीकी और रणनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण था।
- भारत ने न सिर्फ आतंकी ठिकानों को खत्म किया, बल्कि पाकिस्तान की वायुसेना को भी बड़ा नुकसान पहुंचाया।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह भारत की एयर डिफेंस टेक्नोलॉजी और मारक क्षमता का सबूत है।