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ऑपरेशन प्रहार 2.0 का आज दूसरा दिन:पंजाबी सिंगर हेरोइन के साथ काबू, BMW से नशा तस्करी, ड्रोन से अपराधियों पर नजर
February 10, 2026By Short Daily News
पंजाब पुलिस की तरफ से चलाए जा रहे ऑपरेशन प्रहार 2.0 का आज 10 फरवरी को दूसरा दिन है। ऑपरेशन में आज भी सीनियर अधिकारी फील्ड में तैनात रहेंगे। पहले दिन लुधियाना के खन्ना में पंजाबी सिंगर परमजीत कौर को नशे के साथ पकड़ा गया, तो मोहाली में बीएमडब्ल्यू से दो लोगों को नशे समेत गिरफ्तार किया गया। वहीं, ऑपरेशन में अब तक 1200 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी गौरव यादव ने साफ किया है कि गैंगस्टरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
ड्रोन से भी अपराधियों पर शिकंजा
ऑपरेशन प्रहार में इस बार खास बात यह है कि पुलिस की तरफ से ड्रोन का भी प्रयोग किया जा रहा है। क्योंकि मोहाली, लुधियाना, जालंधर जैसे हाई-राइज इमारतों वाले इलाकों में अक्सर ऐसा होता है कि जब पुलिस दबिश देती है तो आरोपी तुरंत मौका पाकर इमारतों के ऊपरी या निचले हिस्सों से निकल जाते हैं।
ऐसे में अब ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर अपराधियों को दबोचा जा रहा है। वहीं, डीजीपी साफ कर चुके हैं कि वाहन चेकिंग पर विशेष फोकस रहेगा। इसका फायदा मोहाली में देखने को मिला है, जहां खरड़ में बीएमडब्ल्यू सवार दो लोगों से हेरोइन बरामद की गई है। इसी तरह यह ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा।
मोहाली में खरड़ पुलिस ने बीएमडब्ल्यू सवार दो युवकों को हेरोइन समेत दबोचा है।
गैंगस्टरों ने ऑपरेशन को डिरेल करने की कोशिश की
गैंगस्टरों पर जब ऑपरेशन प्रहार चलाया गया तो कई लोगों पर कार्रवाई हुई। इसकी तपिश विदेशों में बैठे गैंगस्टरों तक भी पहुंची। उन्होंने तुरंत इसको लेकर सोशल मीडिया पर बयानबाजी शुरू कर दी। कई तरह की भ्रामक पोस्ट डाली गईं, ताकि लोग भ्रमित हो जाएं। हालांकि डीजीपी ने कहा कि ऑपरेशन पूरी ताकत से आगे बढ़ेगा।
ऑपरेशन प्रहार में पुलिस अब ड्रोन का प्रयोग कर रही है।
ऑपरेशन इसलिए भी अहम
ऑपरेशन प्रहार 2.0 ऐसे समय में हो रहा है, जब हाईकोर्ट कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार से जवाब तलब कर चुका है। मोहाली में एसएसपी दफ्तर और चंडीगढ़ में हुए आप नेता की हत्या के मुख्य आरोपी अभी तक फरार हैं। विरोधी दल कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रहे हैं। ऐसे में यह ऑपरेशन काफी अहम माना जा रहा है।
ऑपरेशन प्रहार का फेज-1 20 जनवरी से शुरू हुआ था। इस दौरान कुल 12 हजार से अधिक लोगों पर कार्रवाई की गई। इसमें 5,290 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 2,973 लोगों को प्रिवेंटिव डिटेंशन में रखा गया। 5,413 लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।