Search

BREAKING
अकाली दल के कार्यालय में बुजुर्ग दलित महिला के साथ मारपीट के खिलाफ आप महिला विंग ने समराला में किया जोरदार विरोध प्रदर्शन 51,979 नागरिकों की गुप्त सूचनाओं से पंजाब में नशा तस्करी से जुड़ी 25,339 गिरफ्तारियाँ पंजाब में 6 सितंबर को लगेंगे विशेष कैंप, वोटर लिस्ट से जुड़े काम होंगे भगवंत मान सरकार की ओर से कर्मचारियों को जन्माष्टमी का तोहफा, महंगाई भत्ता बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाएगा ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीज़न कल बठिंडा से शुरू, रिकार्ड उपस्थिति की उम्मीद: बलतेज पन्नू पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए DA पर बड़ी खबर, केंद्र के बराबर Salary और DA देने को तैयार मान सरकार शिक्षक दिवस पर पंजाब के 75 शिक्षकों और अधिकारियों का होगा विशेष सम्मान, राज्य पुरस्कार 2026 समारोह की तैयारी पूरी CM सेहत योजना हुई डिजिटल: पंजाब के लाभार्थी अब घर बैठे डाउनलोड कर सकेंगे अपना ₹10 लाख का हेल्थ कार्ड पंजाब में मानसून एक्टिव! 4-5 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में बरसेंगे बादल पंजाब सरकार किसी भी समय केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बराबर वेतन और डी.ए. देने के लिए तैयार: हरपाल सिंह चीमा

Haryana सरकार वक्फ बोर्ड को दी गई शामलात जमीन पर आखिर क्या बोले हरियाणा के सीएम नायब सैनी

March 15, 2025By Short Daily News

Haryana Waqf Board Land News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एकबार फिर दोहराया कि शामलात देह की जमीन को वक्फ बोर्ड से वापस लेने का काम हमारी नॉन-स्टॉप सरकार करेगी. उन्होंने शनिवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बहुत सी जमीनें वक्फ दो दी गई हैं. पूरे प्रदेश में जांच करेंगे. इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है.

नायब सिंह सैनी ने कहा, ”हम लोग इस मामले में बैठक करेंगे. जो जमीनें वक्फ बोर्ड को पहल दी गई हैं, किस वजह से दी और किसने दी. यह संगीन और गंभीर मामला है. इस मामले की जांच कराकर शामलात और अन्य जगहों की जमीनें वापस देंगे.”

विधानसभा में भी सीएम सैनी कर चुके हैं घोषणा

इससे पहले सीएम नायब सिंह सैनी ने बुधवार को विधानसभा में इसको लेकर घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि हरियाणा में किसी भी गांव की शामलात भूमि वक्फ बोर्ड के नाम की गई है तो उसकी पूरी जांच की जाएगी. उन्होंने बताया था कि रोहतक-गोहाना मार्ग पर पीर बोधी मामले में जांच के लिए मंडल आयुक्त ने नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया जाएगा. करनाल मंडलायुक्त और रोहतक जिला उपायुक्त इस कमेटी के सदस्य होंगे. यह कमेटी सारे तथ्य और रिकॉर्ड की गहनता से जांच करेगी.

ऐसा बताया जा रहा है कि 1990 में जमीन को वफ्फ बोर्ड के नाम कर दिया गया है. सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा था कि जमीन कैसे ट्रांसफर की गई यह जांच का विषय है. उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार तालाब, जोहड़ और जलाशय के सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. 

कांग्रेस के सवाल उठाने पर हमने की थी जांच- सीएम सैनी

सीएम सैनी ने कहा कि कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि रोहतक में तालाब था. हमारे पास यह जानकारी थी कि यह वक्फ बोर्ड की जमीन है. यहां कहीं भी नहीं लिखा था कि वह तालाब है. जब बार-बार इस मुद्दे को उठाया गया तो हमे जांच कराई. जांच से पता चला कि वह कोई वक्फ बोर्ड की जमीन नहीं थी बल्कि 1990 में उसे वक्फ बोर्ड को दे दिया गया था.