Search

BREAKING
5 सितंबर को पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक, कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर कर्मचारियों के DA मुद्दे पर अमन अरोड़ा का बड़ा बयान, बोले- सरकार और कर्मचारी एक-दूसरे के पूरक आप का अकालियों पर पलटवार, बलतेज पन्नू ने अमरदीप ग्रेवाल की सीनियर भाजपा नेताओं के साथ गुरी चाहल की अकालियों के साथ दिखाईं तस्वीरें पंजाब की वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा अपडेट, 13 अगस्त की सूची अंतिम नहीं थी सुनाम के शेरों गांव में CM भगवंत मान को मिला लोगों का भरपूर प्यार, बोले- पंजाब अब काम की राजनीति के साथ मिशन क्लीन पंजाब: हरजोत सिंह बैंस खुद ग्राउंड पर, नंगल में सफाई व्यवस्था का लिया जायजा CM भगवंत सिंह मान द्वारा कृषि विश्वविद्यालय में हॉर्टिकल्चर नॉलेज सेंटर को मंजूरी जहाँ भी चुनाव आते हैं, भाजपा विपक्षी सरकारों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई, ईडी और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है: बलतेज पन्नू पंजाब में भाजपा का कोई जनाधार नहीं है, ईडी को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है: कुलदीप धालीवाल सबूत पेश करने के बजाय, ईडी पत्र, लीक और मीडिया रिपोर्ट के ज़रिए आप लीडरशिप को बदनाम कर रही है: अमन अरोड़ा

Bharat का पहला Space Station: ISRO ने दिखाया ‘Bharatiya Antariksh Station’ का पहला Model

August 24, 2025By Short Daily News

भारत ने अंतरिक्ष के इतिहास में एक और बड़ा कदम रख दिया है। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित नेशनल स्पेस डे सेलिब्रेशन के मौके पर इसरो (ISRO) ने अपने पहले अंतरिक्ष स्टेशन – भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station – BAS) का फुल-स्केल मॉडल पेश किया। यह पल भारत के लिए वैसा ही है जैसा कभी चंद्रयान और मंगलयान मिशन के वक्त था – एक नया गर्व और नई उम्मीद।

पहला मॉड्यूल BAS-01

  • इसरो ने सबसे पहले BAS-01 नाम का मॉड्यूल पेश किया है।
  • इसका वजन करीब 10 टन होगा और इसे 2028 तक अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाएगा।
  • यह मॉड्यूल 450 किलोमीटर ऊंचाई पर लो अर्थ ऑर्बिट (Low Earth Orbit) में तैनात होगा।
  • 2035 तक पूरे स्टेशन में 5 मॉड्यूल होंगे, जिससे यह पूरी तरह ऑपरेशनल हो जाएगा।

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की खासियतें

यह स्टेशन पूरी तरह से Made in India टेक्नोलॉजी से तैयार किया जा रहा है। इसमें कई अत्याधुनिक फीचर्स होंगे:

  • इंडिजिनस लाइफ सपोर्ट सिस्टम (ECLSS) – यानी अंतरिक्ष यात्रियों को ऑक्सीजन, पानी और सही वातावरण मिलेगा।
  • डॉकिंग सिस्टम और हच सिस्टम – दूसरे मॉड्यूल या स्पेसक्राफ्ट आसानी से जुड़ सकेंगे।
  • रिसर्च प्लेटफॉर्म – माइक्रोग्रैविटी में साइंस और टेक्नोलॉजी के कई प्रयोग होंगे।
  • स्पेस टूरिज्म की सुविधा – भविष्य में आम लोग भी पैसे देकर इस स्टेशन की यात्रा कर पाएंगे।
  • सेफ्टी फीचर्स – रेडिएशन और छोटे स्पेस डेब्रिस (टुकड़ों) से बचाने के लिए सुरक्षा सिस्टम।
  • एयरलॉक और स्पेस सूट – ताकि अंतरिक्ष यात्री बाहर निकलकर काम कर सकें (EVA).

क्या होगा इस स्टेशन से फायदा?

  • भारत अब अमेरिका (ISS) और चीन (Tiangong) जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अपना स्पेस स्टेशन है।
  • यहां पर वैज्ञानिक लाइफ साइंस, मेडिसिन, माइक्रोग्रैविटी स्टडीज और नई टेक्नोलॉजी टेस्ट कर पाएंगे।
  • यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग और स्पेस टूरिज्म का भी रास्ता खोलेगा।
  • सबसे बड़ी बात – यह आने वाली नई पीढ़ी को स्पेस रिसर्च और साइंस में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

टाइमलाइन एक नजर में

साल उपलब्धि
2025 BAS-01 मॉडल का अनावरण – नेशनल स्पेस डे, नई दिल्ली
2028 BAS-01 का लॉन्च (लो अर्थ ऑर्बिट, 450 km)
2035 पूरा 5-मॉड्यूल स्टेशन तैयार और ऑपरेशनल

 

इसरो का विज़न

इसरो का कहना है कि यह प्रोजेक्ट भारत के लिए सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत को आने वाले दशकों में स्पेस पावर बनाने का भी रास्ता है। इसके जरिए भारत अंतरिक्ष में लंबे समय तक टिककर रिसर्च कर सकेगा, नई तकनीकों को टेस्ट कर पाएगा और वैश्विक स्तर पर सहयोग कर पाएगा।

अब भारत के पास चंद्रमा, मंगल, सूर्य और अंतरिक्ष स्टेशन – हर स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का सपना है, और BAS उस दिशा में सबसे बड़ा कदम है।