Search

BREAKING
ABVP की जीत पर AAP/ASAP का बड़ा सवाल: विवादित दस्तावेज़ों और चुनावी पात्रता पर हाईकोर्ट जाएगी टीम, PU प्रशासन की चुप्पी पर भी उठे सवाल पंजाब में ग्राउंडवाटर निकालने की दर चार साल में 163.80% से घटकर 152.22% हो गई, 95 ब्लॉक में सुधार दर्ज: बलतेज पन्नू CM भगवंत सिंह मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ श्री श्री रविशंकर जी का आशीर्वाद लिया मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की पहली शेर-ए-पंजाब टी-20 क्रिकेट लीग का किया उद्घाटन; कहा, यह लीग पंजाब की क्रिकेट प्रतिभा को निखारेगी पंजाब में बारिश कम होने से बढ़ी गर्मी और उमस, आज कई जिलों में बारिश के आसार रक्षा बंधन ने पंजाब के नशा मुक्ति केंद्रों में परिवारों को जोड़ा, नशामुक्ति और उम्मीद के संदेश को किया मज़बूत ‘मिशन क्लीन पंजाब’: भगवंत मान सरकार द्वारा राज्य-स्तरीय सफ़ाई अभियान की शुरूआत, मंत्रियों, विधायकों, मेयरों और पार्षदों ने राज्यभर में संभाली कमान पंजाब का नाम रोशन, NEET में AIR-1 आर्यन गुप्ता से मिले मुख्यमंत्री मान पंजाब में आज से ‘मिशन क्लीन पंजाब’ की शुरुआत, 10 दिन चलेगा विशेष सफाई अभियान सज्जन कुमार के घर BJP नेताओं के पहुंचने पर सियासत गरम

Fatehgarh Sahib: शहीदी सभा में पहुंचे सीएम भगवंत मान, कहा-साहिबजादों की शहादत को पूरी दुनिया कर रही नमन

December 26, 2025By Short Daily News

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को माता गुजरी और छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह व बाबा फतेह सिंह की लासानी शहादत को समर्पित वार्षिक शहीदी सभा में पहुंचे। इस दाैरान सीएम मान ने कहा कि आज पूरी दुनिया फतेहगढ़ के युवा राजकुमारों के बलिदान को नमन करती है। दुनिया में कहीं भी इस बलिदान जैसा कोई उदाहरण नहीं है… इस बलिदान की कहानी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है ताकि वे समझ सकें कि हमारे धर्म की रक्षा के लिए किस तरह के बलिदान दिए गए।

माता गुजरी जी और छोटे साहिबजादों बाबा जोरावर सिंह जी व बाबा फतेह सिंह जी की लासानी शहादत को समर्पित वार्षिक शहीदी सभा श्री फतेहगढ़ साहिब में गुरुवार को शुरु हुई। यह वही ऐतिहासिक स्थान है जहां माता गुजरी जी और छोटे साहिबजादों का अंतिम संस्कार किया गया था। सिख इतिहास में इस पवित्र धरती का विशेष महत्व है।

गुरुद्वारा श्री ज्योति स्वरूप साहिब की भूमि को दुनिया की सबसे महंगी धरती भी कहा जाता है, क्योंकि यहां दीवान टोडर मल जी ने सोने की मुद्राएं बिछाकर यह स्थान खरीदा था ताकि माता गुजरी जी और छोटे साहिबज़ादों का अंतिम संस्कार पूरे सम्मान के साथ किया जा सके। यह घटना सिख कौम के लिए आज भी त्याग, बलिदान और आस्था की महान मिसाल है।