Search

BREAKING
वादे पर खरे उतरे मंत्री हरभजन ETO, बठिंडा पहुंचकर सड़क की गुणवत्ता का लिया जायजा नशे के खिलाफ मुहिम को मजबूती, जालंधर में ‘यूथ रन पंजाब 2026’ मैराथन का आयोजन पंजाब में कल से कमजोर पड़ेगा मानसून, कुछ जिलों तक सीमित रहेगी बारिश भगवंत मान सरकार के 4.5 साल के ऐतिहासिक कामों का विपक्ष के पास कोई जवाब नहीं है, इसीलिए वे कीचड़ उछालने पर उतरे: बलतेज पन्नू डॉ. गुरप्रीत कौर मान पर कांग्रेस विधायक खैहरा के जीजा रणजीत सिंह के आरोप बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित: AAP हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम मजीठिया द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो को मंत्री हरभजन ने बताया गुमराह करने वाला प्रचार मलेरकोटला में आम आदमी पार्टी हुई और मज़बूत आप विधायक कुलदीप धालीवाल ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने वाले बयान की कड़ी निंदा की अकाली-भाजपा गठबंधन की चर्चा सुखबीर बादल को राजनीतिक रास्ता देने के लिए जानबूझकर शुरू की गई: बलतेज पन्नू पंजाब में ट्रैफिक चालानों का रिकॉर्ड इजाफा, 7 महीनों में 41 लाख के पार

एसजीपीसी 328 सरूपों के मामले में राजनीति करने के बजाय दोषियों पर कार्रवाई के लिए सरकार का करे सहयोग – स्पीकर

December 25, 2025By Short Daily News

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने साहिब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन सरूपों के गुम होने के गंभीर मामले पर सिख संगतों को अवगत कराते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से अपील की कि वह इस मामले में राजनीति करने के बजाय दोषियों और उनके संरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पंजाब सरकार का पूरा सहयोग करे।

स्पीकर संधवां ने कहा कि जब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के एक पावन सरूप के अंग गलियों में बिखरे मिलने की घटना ने दुनिया भर की सिख संगतों को भीतर तक झकझोर दिया था, तो फिर 328 सरूपों के मामले में की जा रही कानूनी कार्रवाई का एसजीपीसी द्वारा विरोध क्यों किया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरु साहिब से जुड़े मामलों पर किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं की जाएगी, लेकिन गुरु-द्रोहियों के खिलाफ गुरु साहिब द्वारा बख्शी गई शक्ति का संवैधानिक और उचित उपयोग अवश्य किया जाएगा।

स्पीकर ने आरोप लगाया कि एसजीपीसी द्वारा विभिन्न गुरुद्वारों और गुरु की गोलक का दुरुपयोग करते हुए, पंजाब सरकार द्वारा 328 सरूपों के मामले में दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में संगतों को यह कहकर गुमराह किया जा रहा है कि सरकार सिख धार्मिक मामलों में दखल दे रही है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर 328 पावन सरूप कहां गए।

संधवां ने सवाल उठाए कि गुमशुदा सरूपों के मामले में मांग-पत्र के माध्यम से कार्रवाई की मांग करने वाली संगतों पर टास्क फोर्स द्वारा हमले किसके इशारे पर करवाए गए और लगभग पांच वर्षों से श्री अमृतसर साहिब की धरती पर चल रहे शांतिपूर्ण मोर्चे को संतोषजनक जवाब देकर समाप्त करने से किसने रोका।

उन्होंने कहा कि कार्यकाल पूरा कर चुकी एसजीपीसी अपनी बनती जिम्मेदारी निभाने में असफल रही, जिसके कारण सिख संगतों की भावनाओं के अनुरूप पंजाब सरकार को सख्त कदम उठाने पड़े। उन्होंने कहा कि आम सिख संगत सरकार की कार्रवाई की सराहना कर रही है, लेकिन शिरोमणि कमेटी पर काबिज धड़ा दोषियों को बचाने के लिए गुरु की गोलक का दुरुपयोग कर रहा है।