Search

BREAKING
आप नेता बलतेज पन्नू ने तख्त श्री हजूर साहिब में सुखबीर बादल पर हमले की कोशिश की निंदा की ’सड़क सुरख्या फोर्स’ एआई, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक से पंजाब को भारत का रोड सेफ्टी हब बनाएगा पंजाब में SIR का दूसरा चरण शुरू, जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट; ऐसे चेक करें अपना नाम पंजाब में फिर बदलेगा मौसम, 14 अगस्त से बारिश के आसार; कई जिलों में येलो अलर्ट पंजाब के पानी की रॉयल्टी पर बड़ा एक्शन, राजस्थान को 30 दिन का अल्टीमेटम ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और CM भगवंत सिंह मान ने होशियारपुर में बसों को दिखाई हरी झंडी CM भगवंत सिंह मान ने जगतार सिंह हवारा को 10 दिन की पैरोल देने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की ‘बेअदबी पार्टी’ पूरी तरह से ‘ईडी पार्टी’ और ED की प्रवक्ता बन चुकी है: हरपाल सिंह चीमा मालेरकोटला में बेटियों के लिए 5 मंजिला सरकारी स्कूल का उद्घाटन जगतार सिंह हवारा की पैरोल को लेकर CM भगवंत मान की राज्यपाल से मुलाकात, 10 दिन की पैरोल की मांग

पंजाब के पानी की रॉयल्टी पर बड़ा एक्शन, राजस्थान को 30 दिन का अल्टीमेटम

August 13, 2026By Short Daily News

पंजाब सरकार ने पानी की रॉयल्टी के मुद्दे पर बड़ा कदम उठाते हुए राजस्थान सरकार से 1.44 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि की मांग की है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग की ओर से राजस्थान सरकार को पत्र भेजकर 30 दिनों के भीतर बकाया राशि का भुगतान करने या अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा गया है।

पंजाब सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर निर्धारित समय के भीतर राजस्थान की ओर से कोई जवाब नहीं मिलता है, तो अदालत और संवैधानिक माध्यमों से आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार के मुताबिक, इससे पहले भी 18 मार्च और 4 मई को राजस्थान सरकार को पत्र भेजे गए थे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

1960 से 2025 तक का हिसाब

पंजाब सरकार ने अपने दावे के लिए 1960 से 2025 तक की अवधि को आधार बनाया है। सरकार के हिसाब के अनुसार, औसतन 10 मिलियन एकड़ फीट पानी की रॉयल्टी और उस पर 8 प्रतिशत ब्याज जोड़ने के बाद कुल दावा 1,44,083 करोड़ रुपये बनता है।

हरियाणा से भी 312.59 करोड़ की मांग

पानी से जुड़े इस मामले में पंजाब सरकार ने हरियाणा से भी भाखड़ा नहर के रखरखाव से संबंधित 312.59 करोड़ रुपये की मांग की है। सरकार का कहना है कि पंजाब के पानी और नहरों से जुड़े अधिकारों तथा बकाया राशि के मामलों को गंभीरता से उठाया जा रहा है।

पुराने समझौतों से जुड़ा है मामला

पानी की रॉयल्टी का यह मुद्दा पुराने ऐतिहासिक समझौतों से भी जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, 4 सितंबर 1920 को शिमला में बीकानेर के महाराजा, बहावलपुर के नवाब और पंजाब प्रांत के बीच पानी को लेकर समझौता हुआ था। इसके बाद नवंबर 1927 में हुसैनीवाला हेडवर्क्स से पानी की आपूर्ति शुरू हुई थी।

पंजाब सरकार का दावा है कि 1960 में सिंधु जल संधि लागू होने तक राजस्थान की ओर से पंजाब को पानी की रॉयल्टी दी जाती रही। अब पंजाब सरकार ने 1960 से 2025 तक की रॉयल्टी का हिसाब लगाकर राजस्थान से बड़ी राशि की मांग की है।

अब राजस्थान सरकार के जवाब पर नजर रहेगी। 30 दिनों के भीतर अगर कोई स्पष्ट जवाब नहीं आता है, तो पंजाब सरकार की ओर से मामले को कानूनी और संवैधानिक स्तर पर आगे ले जाने की बात कही गई है।