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डीजल खरीद पर केंद्र सरकार की सख्ती, अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल मिलेगा

June 12, 2026By Short Daily News

देश में डीजल की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए आदेशों के तहत अब औद्योगिक और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से असीमित मात्रा में डीजल नहीं खरीद सकेंगे। सरकार ने एक ग्राहक या वाहन के लिए प्रतिदिन डीजल खरीद की सीमा 200 लीटर तय कर दी है, जबकि बड़े उद्योगों को अपनी जरूरत का ईंधन थोक केंद्रों से ही खरीदना होगा।

सरकार द्वारा लागू की गई यह व्यवस्था अगले 90 दिनों तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य डीजल की उपलब्धता को बनाए रखना, आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करना और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी से बचाना है।

दरअसल, खुदरा और थोक बाजार में डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में जहां पेट्रोल पंपों पर डीजल करीब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, वहीं थोक उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत लगभग 134.50 रुपये प्रति लीटर है। इस अंतर का फायदा उठाकर कई बड़े उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से ही बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे थे, जिससे कई क्षेत्रों में मांग अचानक बढ़ गई थी।

सरकारी तेल कंपनियां आम जनता को राहत देने के लिए खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखे हुए हैं, लेकिन इसका लाभ बड़े उद्योग और व्यावसायिक उपभोक्ता भी उठाने लगे थे। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा।

वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति और शिपिंग नेटवर्क पर भी असर पड़ रहा है। टेलीकॉम टावर, बिजली उत्पादन इकाइयों और अन्य बड़े उद्योगों को बाजार दरों पर महंगा ईंधन खरीदना पड़ता है, जिसके चलते वे सस्ते खुदरा पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे थे।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा परिस्थितियों में डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को डीजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और बाजार में संतुलन बना रहेगा।