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अब लोग सुखबीर बादल की बातों में नहीं आएंगे, Punjab की राजनीति में उनकी अहमियत खत्म हो चुकी है — नील गर्ग।

May 30, 2025By Short Daily News

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं बलतेज पन्नू और नील गर्ग ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के उस बयान की तीखी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने मौजूदा सरकार पर पुलिस और गैंगस्टरों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया था।

बलतेज पन्नू ने कहा, “Punjab की जनता ने सुखबीर बादल को इतनी बुरी तरह नकारा है कि अब राज्य में एक कहावत बन गई है: ‘डायनासोर वापस आ सकते हैं, लेकिन बादल सत्ता में कभी नहीं लौटेंगे।’ यह विडंबना है कि जो नेता कभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को बुरा-भला कहते थे, वही अब खुद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।”

सुखबीर बादल के बयान पर पलटवार करते हुए पन्नू ने कहा, “जब वह गृह मंत्री थे, तब Punjab गैंगस्टरों और पुलिस की सांठगांठ का गढ़ बन गया था। नाभा जेल ब्रेक जैसी घटनाएं उनके कार्यकाल में हुईं। इसके विपरीत, आप सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है, जैसे कि 24 घंटे के भीतर एक एमसी की हत्या में शामिल सभी अपराधियों की गिरफ्तारी। क्या बादल ऐसा एक भी उदाहरण दे सकते हैं, जहां उनकी सरकार ने इतनी कुशलता से काम किया हो?”

इससे पहले, Punjab के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने भी सुखबीर बादल की आलोचना करते हुए उन्हें भ्रष्टाचार और आत्महित का आरोपी ठहराया था। उन्होंने कहा था कि बादल परिवार ने सत्ता में रहते हुए भूमि माफियाओं के साथ सांठगांठ की थी और अब वह किसानों के हितों की बात कर रहे हैं।

इस प्रकार, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सुखबीर बादल के बयान को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के रूप में देखा है और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उनकी भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

आप के वरिष्ठ प्रवक्ता नील गर्ग ने भी अकाली दल पर पंजाब में आपराधिक तत्वों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सुखबीर बादल का बयान बेहद हास्यास्पद है। 2007 से पहले Punjab में गैंगस्टर संस्कृति का कोई इतिहास नहीं था। अकाली सरकार के कार्यकाल में ही माफिया और गैंगस्टरों ने अपनी जड़ें जमाईं। रेत माफिया, भू-माफिया, परिवहन माफिया और यहां तक कि ड्रग्स नेटवर्क भी उनके संरक्षण में ही पनपा। बादलों द्वारा पोषित इन माफियाओं ने पंजाब को अपूरणीय क्षति पहुंचाई।”

गर्ग ने अकाली दल की विरासत और पंजाब के लोगों के प्रति आप सरकार की प्रतिबद्धता के बीच अंतर बताया। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार आपराधिक गठजोड़ को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, चाहे वह गैंगस्टर हो, राजनेता हो या पुलिस अधिकारी हो। हम अकाली दल के एक दशक के कुशासन से हुए नुकसान की भरपाई कर रहे हैं। Punjab में कानून व्यवस्था अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत है, जबकि अकाली शासन के दौरान पुलिस कर्मियों के परिवार भी असुरक्षित थे।”

आप नेताओं ने सुखबीर बादल से गलत सूचना फैलाने के बजाय पंजाब की समस्याओं के प्रति अपनी पार्टी के योगदान पर विचार को कहा। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग याद करते हैं कि कैसे अकाली दल उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने में नाकाम रहा। वहीं आप सरकार ने एक आशा की किरण जगाई है। इसलिए सुखबीर बादल को जनता को गुमराह करने की कोशिश बंद करना चाहिए और अपनी वास्तविकता को स्वीकार करना चाहिए।