Search

BREAKING
पंजाब CM की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर को अदालत से बड़ी राहत, मानहानि मामले में अंतरिम आदेश अमृतसरवासियों के लिए बड़ी खबर, 12 सितंबर को सरकारी छुट्टी का ऐलान चंडीगढ़ में Uber-Rapido पर बड़ी कार्रवाई, दोनों कंपनियों के लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड आप सरकार ‘लोगों की सरकार’ है, 3 करोड़ पंजाबियों के लिए किसी को भी परेशानी खड़ी करने की इजाज़त नहीं दी जा सकती: अमन अरोड़ा भगवंत मान सरकार ने ‘सफाई अभियान 2.0’ को 12 सितंबर तक बढ़ाया, 5400 से अधिक शिकायतों का किया निपटारा: हरजोत सिंह बैंस भाजपा के चुनाव आयोग ने फर्जीवाड़ा कर राघव चड्ढा को बैकडोर से बना दिया दिल्ली का वोटर- अनुराग ढांडा लाशों पर राजनीति कर रहा है विपक्ष, पंजाब में भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल बौखला गए हैं: बलतेज पन्नू पंजाब महिला आयोग की ओर से मौड़ में ‘शी रन्स-2026’ मैराथन 9 सितंबर को: चेयरपर्सन राज लाली गिल सरकार पहले ही 85,000 कर्मचारियों की 60% DA की मांग पूरी कर चुकी है, बाकियों के लिए केंद्र के बराबर वेतन सुनिश्चित करने के लिए तैयार: Aman Arora Industry Minister Arora द्वारा UAEIC के Secretary-General अब्दुल्ला अहमद अल सुवैदी से मुलाकात; UAE Investors के समक्ष पंजाब को पसंदीदा Investment Destination के रूप में किया प्रस्तुत

अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल

June 9, 2026By Short Daily News

पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।