Search

BREAKING
जिला यूथ प्रधान हनीश बंसल अपने समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी में शामिल ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत रिकॉर्ड 72.56 लाख महिलाओं ने रजिस्टर किया, मान सरकार पर भरोसे की मुहर: बलतेज पन्नू पंजाबी गायक दिलप्रीत ढिल्लों पर मारपीट और धमकी देने का आरोप, मोहाली पुलिस ने दर्ज किया मामला नीट पेपर लीक: विद्यार्थियों के आंदोलन से घबराई कांग्रेस-भाजपा, ‘आप’ पर लगा रही है बेबुनियाद आरोप: बलतेज पन्नू मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 50.3 लाख से अधिक ई-स्वास्थ्य कार्ड जारी- स्वास्थ्य मंत्री भगवंत मान सरकार की ‘माँवां धीयां सत्कार योजना’ 100 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को भी दे रही है सम्मान और आर्थिक संबल बच्चों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा है, PM लीपापोती कर धर्मेंद्र प्रधान को बचा रहे – केजरीवाल अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सीमा पार हथियार और ड्रग्स तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़; 2 आरोपी गिरफ्तार विद्यार्थियों के आंदोलन से घबराई कांग्रेस-भाजपा, ‘आप’ पर लगा रही है बेबुनियाद आरोप: बलतेज पन्नू मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत छह महीनों में 2,300 डायबिटीज़ रोगियों का कैशलेस इलाज,₹6.5 करोड़ का उपचार कवर

स्पीकर कुलतार सिंह संधवा द्वारा पंथक मर्यादा की रक्षा के लिए एकजुट होने का न्यौता, SGPC में पारदर्शिता औऱ जवाबदेही की मांग 

February 20, 2026By Short Daily News

पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने गुरुवार को सिख संगत को पंथक मर्यादा की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही समय की मुख्य ज़रूरत है। सिख संस्थाओं के प्रबंधकों को लेकर बढ़ रही चिंताओं का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब सामूहिक आत्मनिरीक्षण और सुधारात्मक कार्रवाई का समय आ गया है।

पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि मैं संगत और पंथक क्षेत्रों से अपील करता हूं कि वे पंथक मर्यादा की रक्षा के लिए इक्ट्ठे हों। एसजीपीसी में पारदर्शिता और जवाबदेही आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।
एसजीपीसी की कार्यप्रणाली बारे बात करते हुए कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि हालांकि एसजीपीसी गुरुद्वारा साहिबों के प्रबंधकों के लिए एक बहुत ही ज़िम्मेदार और सम्मानित संस्था है, लेकिन पिछले कुछ दशकों से की कार्यप्रणाली पर बार-बार सवाल उठाए जाते रहे हैं।

संधवा ने आगे कहा कि पंथक जागरूक आवाज़ें समय-समय पर चिंताएं प्रकट करती रही हैं। ज्ञानी रघबीर सिंह जी द्वारा हालिया खुलासों और भाई साहिब भाई रणजीत सिंह जी द्वारा पहले उठाए गए मुद्दों ने एक बार फिर गंभीर मामलों को सामने ला दिया है।

खास मुद्दों पर सवाल उठाते हुए कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि गुरुद्वारे की ज़मीनों, गुरु दी गोलक और पूरे इंतज़ाम से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां देखी गई हैं, लेकिन कमियों को ठीक करने के बजाय, आवाज़ उठाने वालों पर ही कार्रवाई की गई। सच बोलने वालों को चुप कराने के लिए ट्रांसफर, नौकरी से निकालना और केस तक किए गए, जबकि सच सामने लाने वाले को ही गुनहगार साबित करने की कोशिश की गई।

स्पीकर ने कहा कि इन खुलासों के बाद एसजीपीसी पर काबिज एक खास परिवार की भूमिका पर तीखे सवाल उठे हैं। अपने ही संस्थान, गोलक और पंथ का राजनीतिक फायदे के लिए गलत इस्तेमाल करना बिल्कुल मंज़ूर नहीं है। कथित ज़मीन घोटाले, लंगर की रोटियों और 328 सरूपों से जुड़ी गड़बड़ियों जैसे संवेदनशील मुद्दे अब ध्यान भटकाने वाले नहीं होने चाहिए।

मौजूदा हालात को अहम मोड़ बताते हुए संधवा ने कहा कि यह अहम समय है। पूरे पंथ को एकजुट होकर अपनी आवाज़ उठानी चाहिए और सरबत खालसा की भावना के तहत इकट्ठे होना बिल्कुल जायज है। अगर पंथ को नुकसान पहुंचता है, तो पंजाब को नुकसान होता है, अगर पंथक संस्थाएं कमजोर होती हैं. तो समाज कमजोर होता है। गुरु घर की मर्यादा और संपत्ति की रक्षा के लिए जागरूकता और एकता बहुत जरूरी है।