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Rahul Gandhi के ‘Vote Theft’ Allegations पर BJP और EC का पलटवार – Fact-Check में क्या निकला सच?

August 10, 2025By Short Daily News

राहुल गांधी ने हाल ही में चुनाव आयोग (Election Commission) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में “वोट चोरी” हो रही है और इसका सीधा फायदा बीजेपी को मिल रहा है। उन्होंने इसके सबूत दिखाने का दावा किया, खासकर कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा चुनाव को लेकर। लेकिन बीजेपी और चुनाव आयोग की तरफ से आए Fact-Check ने इन आरोपों को काफी हद तक चुनौती दी है। आइए पूरे मामले को समझते हैं।

राहुल गांधी के आरोप

  • राहुल गांधी का कहना है कि महादेवपुरा में चुनाव साफ तौर पर BJP के पक्ष में “रिग” (Rigged) किए गए
  • उन्होंने एक तस्वीर दिखाई जिसमें इलेक्टोरल रोल पर BLA (Booth Level Agent) के सिग्नेचर थे।
  • उनका आरोप है कि एक ही पते पर दर्जनों वोटर रजिस्टर्ड हैं, जो चुनावी धांधली का सबूत है।
  • उन्होंने दावा किया कि एक पते पर 80 वोटर और एक अन्य घर (हाउस नं. 80) में 18 नाम दर्ज थे।
  • कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर बेंगलुरु में बड़ा रैली भी की।

BJP और EC का जवाब

  1. तस्वीर से धांधली साबित नहीं होती
    • बीजेपी का कहना है कि जिस तस्वीर को राहुल गांधी सबूत बता रहे हैं, वह डुप्लीकेट वोटिंग का प्रमाण नहीं है।
    • चुनाव आयोग के मुताबिक, बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट में बीजेपी ने 4 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त ली, और कांग्रेस ने भी 4 में बढ़त ली — यानी मामला सिर्फ महादेवपुरा तक सीमित नहीं।
  2. कांग्रेस के गढ़ में भी डुप्लीकेट वोटर
    • Fact-Check में सामने आया कि डुप्लीकेट वोटर सिर्फ BJP वाले इलाकों में नहीं, बल्कि कांग्रेस के मजबूत गढ़ जैसे शिवाजीनगर और चामराजपेट में भी मिले।
    • बीजेपी पूछ रही है कि कांग्रेस इन इलाकों की बात क्यों नहीं कर रही।
  3. महाराष्ट्र का धुले लोकसभा सीट मामला
    • राहुल गांधी अक्सर महाराष्ट्र का उदाहरण देकर चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं, लेकिन बीजेपी ने धुले सीट का मामला उठाया।
    • यहां बीजेपी को कुल 75 लाख वोट और कांग्रेस को 3.84 लाख वोट मिले।
    • मालेगांव सेंट्रल (अल्पसंख्यक बहुल इलाका) में कांग्रेस को 52% वोट मिले, बीजेपी को सिर्फ 2.21% — बीजेपी पूछ रही है कि इतने बड़े अंतर और डुप्लीकेट वोटरों के बावजूद कांग्रेस यहां कैसे जीती।
  4. 80 वोटर एक पते पर – असली वजह
    • चुनाव आयोग ने जांच में पाया कि जिस पते पर 80 वोटर दर्ज थे, वहां पहले मजदूर वर्ग के लोग रहते थे, जो अब वहां से जा चुके हैं।
    • कोई सबूत नहीं कि उन्होंने BJP को वोट दिया।
    • हाउस नं. 80 पर 18 वोटर रजिस्टर्ड होने की बात भी सामने आई, जिस पर BJP का कहना है कि यही वजह है कि Special Intensive Revision (SIR) जरूरी है।
  5. EC का तर्क
    • EC के मुताबिक, वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट नाम अक्सर मल्टी-सिटी या मल्टी-टाउन रजिस्ट्रेशन की वजह से होते हैं, न कि जानबूझकर की गई धांधली से।
    • आयोग का कहना है कि वह लगातार सभी पार्टियों से वोटर लिस्ट साफ करने में सहयोग की अपील कर रहा है।

मौजूदा हालात

  • राहुल गांधी अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं और बीजेपी-EC की सफाई से सहमत नहीं हैं।
  • बीजेपी इस मुद्दे को पलटकर कांग्रेस के गढ़ में भी गड़बड़ी के सवाल उठा रही है।
  • मामला अब राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप में फंस चुका है, और फिलहाल किसी समाधान के आसार नहीं दिख रहे।