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Punjab News: आप ने बीबीएमबी नियुक्ति नियमों में केंद्र के संशोधन को जबरदस्ती, संघीय ढांचे और पंजाब के अधिकारों पर हमला करार दिया

April 15, 2026By Short Daily News

Punjab News:आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने बीबीएमबी अधिकारियों की नियुक्ति के नियमों में ताजा संशोधन को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की सख्त निंदा की है। पार्टी ने कहा कि भाजपा पंजाब को कमजोर करने और इसके अधिकारों को छीनने का कोई भी मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती। ‘आप’ नेताओं ने कहा कि केंद्र की नीतियां स्पष्ट रूप से पंजाब के हर पहलू पर कब्जा करने के इरादे को दर्शाती हैं, जिसके कारण प्रदेश को हर कदम पर इस दबाव का सामना करना पड़ रहा है।

बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि ऐसा फैसला संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर के जन्मदिन पर लिया गया है

‘आप’ मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बीबीएमबी नियमों में की गई संशोधनों को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की सख्त निंदा करते हुए इसे पंजाब के अधिकारों और देश के संघीय ढांचे पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि ऐसा फैसला संविधान के निर्माता भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर के जन्मदिन पर लिया गया है, जिन्होंने एक मजबूत संघीय ढांचे की कल्पना की थी।

बैंस ने जोर देकर कहा कि पंजाब का जल प्रबंधन बीबीएमबी से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है और पंजाबी अधिकारी की नियुक्ति की अनिवार्य व्यवस्था को खत्म करना स्थानीय विशेषज्ञता को कमजोर करता है और प्रदेश के हितों के लिए खतरा पैदा करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्रीय समझ के बिना बाहर से अधिकारियों को लाने से जोखिम बढ़ सकते हैं और अपने संसाधनों पर पंजाब का नियंत्रण कमजोर हो सकता है। इस कदम को गैर-संवैधानिक करार देते हुए उन्होंने इसे तुरंत वापस लेने की मांग की और पंजाब के भाजपा नेताओं से इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।

‘आप’ मंत्री बरिंदर गोयल ने बीबीएमबी संशोधन को लेकर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना करते हुए इसे पंजाब के अधिकारों में दखलंदाजी और इसके महत्वपूर्ण संसाधनों को नियंत्रित करने की जानबूझकर की गई कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि 1974 में भाखड़ा ब्यास प्रबंधकीय बोर्ड के गठन के बाद, एक स्पष्ट और निर्बाध व्यवस्था थी जहां सदस्य (पावर) पंजाब से और सदस्य (सिंचाई) हरियाणा से होता था, जिस पर भागीदार राज्यों की ओर से कभी कोई शिकायत नहीं हुई। हालांकि, केंद्र ने अब हेराफेरी और “चालाक शब्दावली” जैसे कि सिर्फ “प्राथमिकता” देने का उपयोग करके अपनी पसंद के सदस्यों की नियुक्ति के लिए दरवाजा खोल दिया है।

गोयल ने कहा कि पंजाब पहले ही सदस्यों की संख्या बढ़ाने के कदम का विरोध कर चुका है, क्योंकि इससे बेवजह वित्तीय बोझ बढ़ेगा, जिसका बड़ा हिस्सा पंजाब द्वारा उठाया जाता है, लेकिन इसके आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने इस कदम को बांधों पर कब्जा करने और प्रदेश के नियंत्रण को कमजोर करने की कोशिश करार देते हुए सवाल किया कि केंद्र उस प्रणाली को क्यों बिगाड़ रहा है जिसमें कोई विवाद नहीं था। उन्होंने बांधों पर सीआईएसएफ की तैनाती का भी हवाला दिया, जिससे पंजाब पुलिस द्वारा दशकों की कुशल सुरक्षा के बावजूद प्रदेश पर वित्तीय बोझ बढ़ा है।

फैसलों के जरिए पंजाब का पानी छीना जा सकता है

केंद्र को चेतावनी देते हुए गोयल ने कहा कि यदि ऐसा कोई भ्रम है कि ऐसे फैसलों के जरिए पंजाब का पानी छीना जा सकता है, तो इसे तुरंत त्याग देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार और पंजाब के लोग अपने पानी की कोई लूट नहीं होने देंगे और प्रदेश के अधिकारों तथा किसानों के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे।
आप पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने बीबीएमबी के नियमों में किए गए बदलाव पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि जो अहम पद पहले पंजाब के थे, उन्हें अब “ओपन” कर दिया गया है, जिससे देश भर में से किसी भी व्यक्ति को वहां नियुक्त किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा की असल नीयत साफ है कि वह किसी भी तरीके से पंजाब के पानी पर कब्जा करना चाहती है।

पन्नू ने आगे कहा कि चाहे पानी का मुद्दा हो, पंजाब यूनिवर्सिटी हो या चंडीगढ़, वे हर चीज पर अपना नियंत्रण चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ओर भाजपा पंजाब में चुनाव लड़ने और सरकार बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश के हितों का गला घोंटने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही। भाजपा की यह विस्तारवादी मानसिकता पंजाब के संघीय ढांचे के लिए गंभीर खतरा है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकार बनाने से पहले ही भाजपा प्रदेश के अधिकारों की सुरक्षा को खतरा पैदा कर रही है। यदि वे गलती से भी सत्ता में आ गए तो पंजाब की अस्तित्व को ही खतरे में डाल देंगे।

बलतेज पन्नू ने चेतावनी दी कि पंजाब के लोग भाजपा की इन चालों को अच्छी तरह समझते हैं। पंजाब के जागरूक नागरिकों ने न तो उनकी पिछली साजिशों को कामयाब होने दिया है और न ही वे उनके मौजूदा इरादों को पूरा होने देंगे। आम आदमी पार्टी पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर दृढ़ता से खड़ी रहेगी।