Search

BREAKING
अमृतसर में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, गोली लगने के बाद 2 आरोपी गिरफ्तार बादल परिवार के काले कारनामे एक-एक करके जनता के सामने लाए जाएंगे और उन्हें उनके पापों की मिसाली सजा मिलेगी : CM भगवंत सिंह मान पंजाब में महिलाओं को भगवंत सिंह मान सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सुरक्षित एवं समय पर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच का लाभ Punjab की महिला को 1 जुलाई को 3 हजार और दलित महिला को साढ़े चार हजार मिलने की योजना दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम- केजरीवाल कैबिनेट ने औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए रियायतों संबंधी दिशा- निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी। Punjab के इतिहास में पहली बार, किसी सरकार ने अपने चुनाव घोषणापत्र में किया हर वादा पूरा किया है: बलतेज पन्नू अरविंद केजरीवाल और सीएम भगवंत मान ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं के साथ होंगे शामिल आप को बड़ा समर्थन, श्री हरगोबिंदपुर नगर परिषद के अध्यक्ष नवदीप सिंह पन्नू, कई पार्षद और पठानकोट के कांग्रेसी नेता हुए पार्टी में शामिल पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, निजी स्कूलों की मनमानी पर लगेगी लगाम; 5% से अधिक फीस वृद्धि पर रोक पहली जुलाई को हर महिला के खाते में डाली जाएगी तीन महीने की ‘मांवां-धीयां सत्कार राशि’: CM भगवंत सिंह मान

Punjab बना देश का Lychee Hub: Mann सरकार ने खोला export का रास्ता, किसानों की आमदनी 5 गुना बढ़ी

November 11, 2025By Short Daily News

भगवंत मान सरकार की मेहनत और नई नीतियों के चलते पंजाब अब देश का प्रमुख लीची हब बन गया है। राज्य ने लीची उत्पादन और निर्यात में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिससे किसानों की आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।

2023-24 में पंजाब ने 71,490 मीट्रिक टन लीची का उत्पादन किया, जो पूरे भारत का 12.39% है। इस साल भी उत्पादन लगभग इसी स्तर पर बना हुआ है। पंजाब के पठानकोट, गुरदासपुर, नवांशहर, होशियारपुर और रोपड़ जिलों में करीब 3,900 हेक्टेयर में लीची उगाई जा रही है, जिसमें अकेले पठानकोट में 2,200 हेक्टेयर शामिल हैं।

मान सरकार की फसल विविधीकरण नीति ने किसानों को गेहूं और धान की फसलों से निकालकर सालभर की स्थिर आमदनी का नया विकल्प दिया है।

निर्यात में भी पंजाब आगे

  • 2024 में पहली बार पंजाब की लीची लंदन पहुंची — सिर्फ 10 क्विंटल लीची पर किसानों को 500% ज्यादा दाम मिले।
  • 2025 में निर्यात और बढ़ा, जब कतर और दुबई को 1.5 मीट्रिक टन लीची भेजी गई।
  • अब तक 600 क्विंटल निर्यात ऑर्डर मिल चुके हैं, जिनका अनुमानित मूल्य ₹3–5 करोड़ है।
  • राज्य अब पठानकोट लीची के लिए GI टैग भी दिलाने की कोशिश कर रहा है।

इन पहलों से पंजाब देश का उभरता हुआ लीची निर्यात केंद्र बन गया है।

सरकार की मदद और सब्सिडी

पंजाब सरकार ने लीची किसानों की मदद के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं:

  • पैकिंग बॉक्स और क्रेट्स पर 50% सब्सिडी
  • पॉलीहाउस शीट बदलने पर ₹50,000 प्रति हेक्टेयर तक मदद
  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम पर ₹10,000 प्रति एकड़ सहायता
  • 50 करोड़ रुपये कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
  • पठानकोट और गुरदासपुर में पैकहाउस से किसानों की लागत 40–50% कम हुई
  • 5,000 किसानों को ग्लोबलगैप ट्रेनिंग
  • एपीडा की मदद से एयर कार्गो पर ₹5–10 प्रति किलो सब्सिडी

इन सब पहलों से किसानों की आमदनी 20–30% बढ़ी और अब निर्यात क्लस्टरों में प्रति एकड़ ₹2–3 लाख तक की कमाई हो रही है।

अन्य राज्यों की तुलना

  • उत्तर प्रदेश: ~50,000 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात 0.5 मीट्रिक टन से कम
  • झारखंड: 65,500 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात नगण्य
  • असम: 8,500 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात सिर्फ 0.1 मीट्रिक टन
  • उत्तराखंड: देहरादून वैरायटी, निर्यात 0.05 मीट्रिक टन से कम
  • आंध्र प्रदेश: 1,000 मीट्रिक टन उत्पादन, निर्यात शून्य

इन राज्यों में निर्यात और कोल्ड चेन की कमी के कारण किसान ज्यादा लाभ नहीं कमा पा रहे। वहीं पंजाब में सब्सिडी, ट्रेनिंग और निर्यात की सुविधा ने किसानों को फायदा पहुँचाया है।

भविष्य की दिशा

भगवंत मान सरकार का यह अभियान पंजाब को देश का लीची हब बनाने में सफल रहा है।

  • 71,490 मीट्रिक टन उत्पादन
  • 600 क्विंटल निर्यात ऑर्डर
  • 500% प्रीमियम दाम

जल्द ही पठानकोट लीची” GI टैग के साथ एक ग्लोबल ब्रांड बनेगी, जो पंजाब को फलोत्पादन में नई पहचान देगा।

पंजाब के किसान अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर आकर लीची की खेती और निर्यात से सालभर स्थिर और अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।