Search

BREAKING
• कपूरथला में आम आदमी पार्टी को बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली • अगर ड्रग्स पाकिस्तान से आ रहे हैं, तो बीएसएफ किसके अधीन आती है? यह अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है: CM भगवंत सिंह मान • राहुल गांधी पंजाब में कांग्रेस के नशे के रिकॉर्ड का जवाब दें: बलतेज पन्नू • पंजाब से नशे का खात्मा करना सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य: CM भगवंत सिंह मान • पंजाब के 3 जिलों में बारिश के आसार, ओलावृष्टि के बाद 5 डिग्री तक गिरा तापमान; ठंडी हवाओं से मिली राहत • “अगर भाजपा सरकार सत्ता में आती है तो पंजाब में नशीली दवाओं का अंत हो जाएगा” – अमित शाह का परविंदर जोटा हत्याकांड पर बयान • CM भगवंत मान ने बुलाई नशा विरोधी अभियान पर हाई लेवल मीटिंग, सभी जिलों के SSP और DC होंगे शामिल • ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत, बरनाला के DC ने धिलवां में नशे के हॉटस्पॉट खत्म कर बच्चों के खेल मैदान और पार्क के निर्माण के निर्देश दिए • पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, CM भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय बिजली मंत्री से की मुलाकात • भगवंत मान सरकार ने नशा विरोधी मुहिम के तहत 20.64 करोड़ रुपये की दवाएं ज़ब्त कीं, 520 केमिस्टों के लाइसेंस सस्पेंड किए

Punjab में 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक रोडवेज सेवा में हो सकती है रुकावट, कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी।

March 9, 2025By Short Daily News

पंजाब। Punjab के लोगों को 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक यात्रा में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि Punjab रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर उनकी मांगें एक महीने के भीतर पूरी नहीं होतीं, तो वे बसों की आवाजाही रोक देंगे। इसके अलावा, 13 मार्च से कर्मचारियों द्वारा जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी शुरू किए जाएंगे, और इसके लिए एक पूरा शेड्यूल तैयार किया गया है।

यह निर्णय कर्मचारियों की आपातकालीन बैठक में लिया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे नहीं चाहते कि आम लोग परेशानी में पड़ें, लेकिन सरकार द्वारा उनकी मांगों की अनदेखी किए जाने के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। इस हड़ताल का असर 577 रूटों पर बस सेवा पर पड़ेगा। पीआरटीसी के पास 1200 से अधिक बसें हैं, और 400 नई बसें आने वाली हैं।

सीएम से मीटिंग के बावजूद हल नहीं निकला।

कर्मचारियों की बैठक में Punjab रोडवेज पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह ने कहा कि 1 जुलाई 2024 को Punjab के मुख्यमंत्री ने ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों की मांगों का समाधान एक महीने में करने का वादा किया था, लेकिन अब तक 7-8 महीने बीत चुके हैं और कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

इसके बाद एक कमेटी भी बनाई गई थी, और Punjab के परिवहन मंत्री ने भी जल्द समाधान का भरोसा दिया था। कर्मचारियों के स्थायीकरण से संबंधित दस्तावेज़ों को समिति को सौंपा गया था, ताकि कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को परिवहन विभाग की नई नीति के तहत नियमित किया जा सके।

पड़ोसी राज्यों की नीति सौंपी, लेकिन कोई परिणाम नहीं।

हड़ताल के बाद Punjab के परिवहन मंत्री ने एडवोकेट जनरल के साथ बैठक की थी, जिसमें एडवोकेट जनरल ने आश्वासन दिया था कि विभाग एक नीति तैयार करेगा, जिसे कैबिनेट बैठक में पारित कर लागू किया जाएगा। लेकिन अब तक विभाग के अधिकारियों ने यूनियन को इस नीति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, और सरकार द्वारा स्वीकृत मांगों को लागू करने में अड़चनें आ रही हैं। मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना हो रही है, जिससे कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है।

अब ऐसे चलेगा संघर्ष।

13 मार्च – पंजाब के सभी डिपो में गेट रैलियां कर कर्मचारियों को लामबंद किया जाएगा और सरकार एवं प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होगा।

19 मार्च – पटियाला स्थित पीआरटीसी मुख्यालय के बाहर धरना दिया जाएगा।

26 मार्च – चंडीगढ़ स्थित मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर अधिकारियों की नीतियों को उजागर किया जाएगा।

3 अप्रैल – पूरे पंजाब में सभी बस स्टैंड बंद कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

नोट – फिर भी सरकार समाधान नहीं निकालती, तो 7, 8 और 9 अप्रैल 2025 को पूरे पंजाब में सरकारी बसों का चक्का जाम किया जाएगा।