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पंजाब में टैक्स चोरी पर सख्ती, 1137 करोड़ वसूली, 1383 करोड़ जुर्माना; चीमा बोले प्रवर्तन में बड़ा बदलाव

April 6, 2026By Short Daily News
पंजाब सरकार की टैक्स चोरी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए, वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री हरपाल चीमा ने आज यहां घोषणा की कि पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रवर्तन के क्षेत्र में रिकॉर्ड परिणाम हासिल किए हैं, जो खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई और राजस्व सुरक्षा की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाते हैं। कारगुजारी का विवरण देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट्स की लक्षित और खुफिया जानकारी आधारित कार्रवाई के कारण राज्य के कर विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 1,383.11 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया। इसमें से 1,137.85 करोड़ रुपये की वसूली पहले ही की जा चुकी है, जो प्रवर्तन की दक्षता और राजस्व संग्रह में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।” इस सफलता की आधारशिला के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “निरीक्षण आधारित प्रवर्तन ने मुख्य भूमिका निभाई, जिसमें 1,215.95 करोड़ रुपये का जुर्माना और 972.15 करोड़ रुपये की वास्तविक वसूली शामिल है। इसके अलावा, सड़क चेकिंग अभियानों ने 165.71 करोड़ रुपये का योगदान दिया। यह प्रदर्शन वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में कई गुना सुधार को दर्शाता है। वर्ष 2024-25 में निरीक्षण प्रवर्तन के तहत 147.28 करोड़ रुपये का जुर्माना और 41.53 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी, जबकि सड़क चेकिंग से 157.14 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। वर्ष 2025-26 में यह उल्लेखनीय वृद्धि राज्य की जांच, प्रवर्तन और वास्तविक राजस्व संग्रह क्षमता में बड़े बदलाव को उजागर करती है।”

एक साल में 8 एफआईआर दर्ज, 15 गिरफ्तारियां हुईं

  धोखेबाज नेटवर्करों पर सख्ती का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “कर विभाग ने वर्ष भर में 8 एफआईआर दर्ज कीं और 15 गिरफ्तारियां कीं। दो प्रमुख मामलों में सात व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई और 385 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी लेन-देन का पर्दाफाश हुआ। इन लक्षित कार्रवाइयों से बिना वास्तविक आपूर्ति के फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली फर्मों द्वारा 69.57 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी उजागर हुई।” उन्होंने आगे कहा, “माल की अवैध ढुलाई और फर्जी बिलिंग नेटवर्क के खिलाफ बठिंडा, मंडी गोबिंदगढ़, लुधियाना और चंडीगढ़ में अन्य एफआईआर दर्ज की गईं। एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में 9 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करने के आरोप में लुधियाना के एक संचालक को गिरफ्तार किया गया।”

1,579 संदिग्ध डीलरों की पहचान हुई

  उन्होंने बताया, “विभाग के आधुनिक खुफिया नेटवर्क ने कई बड़े खुलासे किए, जिनमें लुधियाना में सोने के लेन-देन में 900 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग, मोहाली, खरड़ और कोटकपूरा में कोयले के अवैध लेन-देन में 226 करोड़ रुपये, और लुधियाना व मंडी गोबिंदगढ़ में सक्रिय 423 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग नेटवर्क शामिल हैं। इसके अलावा, जांच के दौरान ‘पेट पूजा ऐप’ से जुड़े 200 करोड़ रुपये के घोटाले का भी पर्दाफाश हुआ, जो आधुनिक टैक्स चोरी नेटवर्क की जटिलता और व्यापकता को दर्शाता है।” वेरिफिकेशन अभियानों के बारे में उन्होंने कहा, “केंद्रित जांच के दौरान 1,579 संदिग्ध डीलरों की पहचान की गई। कड़ी जांच के बाद इनमें से 922 इकाइयों का अस्तित्व ही नहीं पाया गया और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर उनकी पंजीकरण रद्द कर दी गई।” आईटीसी नियंत्रण उपायों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “मजबूत नियंत्रण उपायों के चलते 244.82 करोड़ रुपये को सक्रिय रूप से ब्लॉक किया गया और 206.64 करोड़ रुपये की रिकवरी सुनिश्चित की गई। इन कदमों से अतिरिक्त 19.08 करोड़ रुपये की नकद वसूली के साथ कुल 451.46 करोड़ रुपये राज्य के खजाने में सुरक्षित किए गए।”

एक दिन में 141 वाहन किए गए जब्त

  फील्ड प्रवर्तन में तेजी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना में एक साथ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान एक ही दिन में रिकॉर्ड 141 वाहनों को जब्त किया गया। विभाग ने आयरन एंड स्टील, सीमेंट, ऑटो पार्ट्स, तंबाकू और धातु जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखते हुए रेलवे स्टेशनों और प्रमुख ट्रांजिट पॉइंट्स पर भी प्रवर्तन मजबूत किया।” संस्थागत और तकनीकी दक्षता को सफलता का श्रेय देते हुए उन्होंने कहा, “स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट, टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट और ‘बिल लाओ इनाम पाओ’ योजना की भूमिका महत्वपूर्ण रही। आधुनिक डेटा विश्लेषण, रियल-टाइम ई-वे बिल ट्रैकिंग, सतत खुफिया जानकारी और नए डिजिटल प्रवर्तन पोर्टल्स ने इस सफलता में अहम योगदान दिया है। इन तकनीकी सुधारों ने जमीनी स्तर पर तेज और समन्वित कार्रवाई को संभव बनाया है।” चीमा ने कहा, “वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रदर्शन पंजाब में कर अनुपालन और राजस्व संग्रह को मजबूत करने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। धोखाधड़ी नेटवर्क को समाप्त करने, ईमानदार व्यापारिक प्रथाओं को बढ़ावा देने, करदाताओं के हितों की रक्षा करने और राज्य के राजस्व को सुरक्षित रखने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी और तेज गति से जारी रहेगी।”