Search

BREAKING
• 4 और 5 नवंबर को मोहाली में होंगे एशियन हॉकी चैंपियनशिप के सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल • गुरुद्वारा बंगला साहिब के रास्ते को लेकर DSGMC का बड़ा फैसला, वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की एंट्री पर रोक • PM मोदी और भाजपा सरकार पंजाब और पंजाबियत का गला घोंटने का कोई मौका नहीं छोड़ रही, पेरिस से वापसी पर CM भगवंत सिंह मान का अपमान किया गया: बलतेज पन्नू • अमित शाह जवाब दें कि भाजपा अपने कार्यकाल के दौरान नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में क्यों नाकाम रही, किसानों के साथ किया गया व्यवहार पंजाब को अच्छी तरह याद है- CM भगवंत सिंह मान • भगवंत मान सरकार ने परिवार की मांग पर परविंदर सिंह झोटा का केस CBI को सौंपा • पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर राजनीति करने से पहले भाजपा सत्ता में अपने दस साल का हिसाब दे: बलतेज पन्नू • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले, अमन अरोड़ा ने नशा तस्करी, गुजरात में हेरोइन की बरामदगी और देश भर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर पूछे 4 सवाल • पंजाब ने नशों के विरुद्ध सख्त कानून बनाने के लिए केंद्र को तीन पत्र लिखे, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई: हरपाल सिंह चीमा • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले अमन अरोड़ा ने उठाए सवाल, नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा पर मांगा जवाब • परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच अब CBI करेगी, CM मान का बड़ा ऐलान; परिवार की मांग मानी

पंजाब में 606 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र मिले:सीएम मान ने सौंपे, बोले-भर्ती के लिए बनाया स्पेशल कैडर, 17000 नौकरियों का ऐलान कर चुकी सरकार

January 3, 2026By Short Daily News

पंजाब सरकार की तरफ से आज शिक्षा विभाग में रखे गए 606 कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके लिए सरकार की तरफ से चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान नवनियुक्त कर्मचारियों को नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। इससे पहले सीएम मान नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित किया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन्हें नौकरी मिली है उन सभी को नव वर्ष और नई जिम्मेदारी के लिए बधाई। 606 नई नियुक्ति में 385 स्पेशल एजुकेटर टीचर, 8 प्रिंसिपल रखे जा रहे हैं। इस दौरान शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस समेत अधिकारियों को भी बधाई दी।

सीएम बोले-यहां बुलाने का मतलब क्रेडिट लेना नहीं

सीएम भगवंत मान ने कहा कि आपको यहां बुलाने का मतलब क्रेडिट लेना नहीं, बल्कि अधिकारियों के आई कांटेक्ट करवाना है। उन्होंने कहा- बदकिस्मती है कि जिन लोगों ने चिट्ठी लिखनी थी उन्होंने लंबा समय अपने पेन आपके लिए नहीं चलाए। अपने चेलों और संगियों के लिए ही यह पेन चले हैं। आप सभी मेरा परिवार हैं, जितनी खुशी मेरे परिवार के सदस्य को नौकरी मिलने पर होनी थी, वही खुशी आज मुझे आप लोगों को नौकरी मिलने पर है। आपके परिवार के सपने संजोए थे, उसे पूरा करने का प्रयास हो रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम भगवंत मान।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम भगवंत मान।

भर्ती के लिए बनाया स्पेशल कैडर

अपने संबोधन में सीएम मान ने कहा कि “मत यकीन कर अपने हाथ की लकीरों पर, नसीब तो उनका भी होता है जिनके हाथ नहीं होते।” यह शायरी पढ़कर कहा कि आप उन बच्चों को पढ़ाने का काम मिलेगा जो बोल, सुन और समझ नहीं सकते हैं। मैं ऐसे बच्चों से मिला हूं जो इस तरह से परेशान बच्चे हैं, उन्हें उनके माता पिता भी नहीं संभाल पाते हैं। एनजीओ उनका सहयोग जरूर करते हैं। उन्होंने कहा कि आपका स्पेशल कैडर बनाना पड़ा है, ताकि भर्ती की जा सके।

जिसके बच्चे-पढ़े लिखे होंगे वो बड़ा इंसान

उन्होंने कहा- आने वाले दिनों में अमीर व्यक्ति उसे नहीं माना जाएगा जिसके पैसे, महंगी कारें या लॉकर में पैसे पड़े हैं, बल्कि उसे बड़ा आदमी माना जाएगा जिसके बच्चे जितने पढ़े हुए होंगे। बैंक में पड़े पैसे जब निकलवाने जाएंगे तो वह बता दें वह तो विजय माल्या लेकर भाग गया, या फिर ईडी वाले आएंगे और लॉकर की चाबी ले जाएं। पहले भी देखा है कि ज्यादा पैसे कमाने वालों के महल खाली पड़े रहते हैं। फिर जेल में भी नींद आ ही जाती है तो महल बनाने का क्या फायदा।

कार्यक्रम में मौजूद लोग और नियुक्ति पत्र लेने आए कर्मचारी।
कार्यक्रम में मौजूद लोग और नियुक्ति पत्र लेने आए कर्मचारी।

विदेशों से लिया गया अनुशासन का सबक

विदेशों में ड्राइविंग लाइसेंस पर अंक (पॉइंट्स) दिए जाते हैं। बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ये अंक कटते जाते हैं। जब कोई व्यक्ति नौकरी के लिए आवेदन करता है, तो उसके ड्राइविंग रिकॉर्ड की भी जांच होती है। तर्क यह दिया जाता है कि जिसका सड़क पर व्यवहार सही नहीं है, वह कार्यालय में भी अनुशासन नहीं निभा पाएगा। इसी वजह से लोग वहां नियमों का गंभीरता से पालन करते हैं।

इसी तर्ज पर हम भी शिक्षकों के पढ़ाने का रिकॉर्ड और उनके कार्य-व्यवहार को जांचते हैं। इसी तय किए गए मापदंड (क्राइटेरिया) के आधार पर शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और जिम्मेदारी दोनों बनी रहे।

26 जनवरी और 15 अगस्त समारोह में सभी शिक्षक शामिल

अब 26 जनवरी और 15 अगस्त के सरकारी समारोह में कच्चे अध्यापकों सहित सभी कैडर के अध्यापकों को शामिल किया जा रहा है। पहले ऐसा नहीं होता था, लेकिन अब सभी को समान सम्मान और भागीदारी दी जा रही है।

वर्तमान को जीने का संदेश

अक्सर लोग वर्तमान को नहीं जीते। बड़े होने पर कहते हैं—“हॉस्टल वाला कमरा दिला दो, पानी की कश्ती दिला दो”, जबकि बचपन में कहते थे कि “कहां मच्छरों में फेंक दिया।” इसलिए जरूरी है कि इंसान वर्तमान में खुश रहना सीखे। जीवन हंसी-खेल और सकारात्मकता के साथ कटे, यही उद्देश्य होना चाहिए।

शिक्षा बजट बढ़ाने की प्रतिबद्धता

दिल्ली में शिक्षा पर 26 से 27 प्रतिशत तक बजट रखा गया है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में शिक्षा बजट अपेक्षाकृत कम होता है। हम भी शिक्षा के लिए बड़ा बजट रखेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ी को बेहतर भविष्य मिल सके।

बच्चों की रुचि के अनुसार शिक्षा

देश की नींव मजबूत करनी है, इसलिए बच्चों को सही ढंग से तैयार करना जरूरी है। बच्चे का जिस ओर झुकाव हो, उसे उसी दिशा में आगे बढ़ाया जाए। जो खेलना चाहता है, उसे खेल में मौका मिले; जो कवि बनना चाहता है, उसे कविता की दुनिया में आगे बढ़ाया जाए। इसी से पंजाब और देश की तरक्की संभव है।