Search

BREAKING
बादल का ‘धर्म युद्ध मोर्चा’ का ऐलान पंजाबियों को गुमराह करने के लिए सिर्फ़ एक राजनीतिक ड्रामा है: बलतेज पन्नू मानसून के दौरान बढ़ रही हैं बीमारियाँ , ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पंजाब भर में समय पर कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रही है मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 2,800 नए राशन डिपो धारकों को लाइसेंस सौंपेने से अब पूरे पंजाब में घरों के नजदीक मिलेगा राशन कल पंजाब दौरे पर आएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ₹5,470 करोड़ से अधिक की रेल और सड़क परियोजनाओं की देंगे सौगात बेअदबी मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, सुखबीर सिंह बादल को पूछताछ के लिए किया तलब Argentina की दमदार वापसी, इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार FIFA World Cup फाइनल में पहुंचा पंजाब में वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण का नया शेड्यूल जारी, SIR की अवधि 11 दिन बढ़ी ’माँवां धियां सत्कार योजना’ के तहत लुधियाना रहा लाभार्थियों की सूची में सबसे आगे पंजाब सरकार की बड़ी उपलब्धि: पिछले तीन वर्षों में 134 बच्चों को मिला कानूनी रूप से सुरक्षित और स्नेहपूर्ण पारिवारिक वातावरण जनता के सहयोग से पंजाब को हर क्षेत्र में नंबर एक बनाने का सफर जारी रहेगा: CM भगवंत सिंह मान

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने India AI Impact Summit 2026 में हुए शामिल, भविष्य की शिक्षा पर की चर्चा

February 21, 2026By Short Daily News

राज्य की शैक्षिक संरचना के भविष्य को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में शामिल हुआ।

यहां उन्होंने राज्य के विशाल स्कूली ढांचे के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित विस्तृत संभावनाओं और शिक्षा के अधिक रचनात्मक परिणामों के लिए समाधान तलाशने हेतु विश्व-स्तरीय तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों और केंद्र सरकार के संस्थानों के साथ लगातार रणनीतिक विचार-विमर्श में भाग लिया।

प्रदर्शनी हॉलों के व्यापक दौरे के दौरान, जिसमें उनके साथ स्कूल शिक्षा के सचिव सोनाली गिरि, पी.एस.ई.बी. के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह और डी.जी.एस.ई. श्री अरविंद भी मौजूद थे, शिक्षा मंत्री ने गूगल, डेलॉइट, इंटेल, ओपन एआई, एनवीडिया और डेल सहित प्रमुख विश्व तकनीकी कंपनियों के साथ बातचीत की।

उन्होंने पंजाब की शिक्षा प्रणाली में उन्नत एआई तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान देते हुए भविष्य की शिक्षा के बारे में विचार-चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और देश की एआई रणनीति, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तथा गवर्नेंस मॉडलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की, जो पंजाब के कक्षाओं के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।

शिक्षा मंत्री ने शिक्षा और ए.आई. पारिस्थितिकी तंत्र में अग्रणी कंपनियों, जिनमें वाधवानी एआई, जीएनएएनआई. एआई और बोध एआई शामिल हैं, के साथ विस्तृत विचार-विमर्श भी किया। ये विचार-विमर्श एआई-सक्षम स्कूल शिक्षा एप्लिकेशनों पर केंद्रित थे, जिसमें व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण (पी.ए.एल.), मूलभूत साक्षरता और गणित शिक्षा (एफएलएन), एआई-सक्षम मूल्यांकन, बहुभाषी शिक्षण उपकरण, शिक्षक सहायता तथा मजबूत शासन और बुनियादी ढांचे की निगरानी के लिए समय-आधारित निगरानी प्रणालियों के विश्लेषण पर चर्चा की गई।

श्री हरजोत सिंह बैंस ने एक्सपो में पंजाब स्टार्टअप पैवेलियन का दौरा किया, जहां उन्होंने पंजाब सरकार के कार्यक्रमों के तहत तैयार किए गए कई विशेष, क्षेत्र-विशेष एआई स्टार्टअप्स के साथ बातचीत की, जो शैक्षिक तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में पंजाब को एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभार रहे हैं।

श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह दौरा पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को भविष्य के साधनों से लैस करने में मदद करेगा। एनवीडिया, गूगल और ओपन एआई जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ चल रही हमारी चर्चा और हमारे घरेलू स्टार्टअप्स ने हमें एक स्पष्ट भविष्य की दिशा प्रदान की है। हम अब विशेष रूप से व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण और एआई के माध्यम से फाउंडेशनल लिटरेसी तथा न्यूमरेसी को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।

इन तकनीकों को एमईआईटीवाई और शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किए गए मजबूत नीतिगत ढांचे के साथ जोड़कर, हम ऐसा मॉडल तैयार करेंगे जहां तकनीक हमारे शिक्षकों के लिए एक सार्थक साधन और पंजाब के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक व्यक्तिगत मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगी।