Search

BREAKING
• 4 और 5 नवंबर को मोहाली में होंगे एशियन हॉकी चैंपियनशिप के सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल • गुरुद्वारा बंगला साहिब के रास्ते को लेकर DSGMC का बड़ा फैसला, वर्दीधारी पुलिसकर्मियों की एंट्री पर रोक • PM मोदी और भाजपा सरकार पंजाब और पंजाबियत का गला घोंटने का कोई मौका नहीं छोड़ रही, पेरिस से वापसी पर CM भगवंत सिंह मान का अपमान किया गया: बलतेज पन्नू • अमित शाह जवाब दें कि भाजपा अपने कार्यकाल के दौरान नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने में क्यों नाकाम रही, किसानों के साथ किया गया व्यवहार पंजाब को अच्छी तरह याद है- CM भगवंत सिंह मान • भगवंत मान सरकार ने परिवार की मांग पर परविंदर सिंह झोटा का केस CBI को सौंपा • पंजाब में ड्रग्स की समस्या पर राजनीति करने से पहले भाजपा सत्ता में अपने दस साल का हिसाब दे: बलतेज पन्नू • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले, अमन अरोड़ा ने नशा तस्करी, गुजरात में हेरोइन की बरामदगी और देश भर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर पूछे 4 सवाल • पंजाब ने नशों के विरुद्ध सख्त कानून बनाने के लिए केंद्र को तीन पत्र लिखे, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई: हरपाल सिंह चीमा • अमित शाह के पंजाब दौरे से पहले अमन अरोड़ा ने उठाए सवाल, नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा पर मांगा जवाब • परविंदर झोटा हत्याकांड की जांच अब CBI करेगी, CM मान का बड़ा ऐलान; परिवार की मांग मानी

Mamata सरकार का अंत नजदीक है: Amit Shah का बड़ा बयान, Trinamool सरकार पर साधा निशाना

June 2, 2025By Short Daily News

सेंट्रल होम मिनिस्टर अमित शाह ने रविवार को कोलकाता में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा (BJP) की सरकार बनेगी और ममता बनर्जी की सरकार का “समय अब खत्म हो चुका है।”

शाह ने कहा, “दीदी, अब आपका समय पूरा हो गया है। 2026 में बंगाल में भाजपा सरकार बनाएगी। दीदी, अगर हिम्मत है तो बिना हिंसा और धांधली के चुनाव कराइए, बंगाल की जनता आपकी ज़मानत ज़ब्त करवा देगी।”

क्या है मामला?

होम मिनिस्टर का यह बयान उस समय आया है जब भाजपा पश्चिम बंगाल में अपने संगठनात्मक चुनाव कर रही है, और राज्य अध्यक्ष को लेकर अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। अमित शाह कोलकाता में विजय संकल्प कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल हुए, जहां बंगाल भाजपा के तमाम बड़े नेता मौजूद थे।

 

मुर्शिदाबाद हिंसा को बताया “राज्य प्रायोजित”

अमित शाह ने हाल ही में मुर्शिदाबाद में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि: “मुर्शिदाबाद की हिंसा राज्य सरकार की शह पर हुई। अगर BSF को समय रहते तैनात किया गया होता, तो हिंदू समाज की रक्षा की जा सकती थी। लेकिन ममता सरकार ने BSF की तैनाती को रोककर हिंसा को बढ़ावा दिया।”

बता दें, यह हिंसा 11 और 12 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के दौरान हुई थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग बेघर हो गए थे।

 

सीमा पार से घुसपैठ और भर्ती घोटाले पर भी निशाना

अमित शाह ने राज्य में बॉर्डर सिक्योरिटी (border security) की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने ममता बनर्जी पर बांग्लादेशियों की घुसपैठ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा:

“ममता दीदी ने जानबूझकर सीमाएं खुली छोड़ दी हैं। बंगाल का चुनाव अब सिर्फ राज्य की बात नहीं, बल्कि नेशनल सिक्योरिटी से जुड़ा मसला है।”

इसके अलावा उन्होंने स्कूल भर्ती घोटाले (school recruitment scam) का भी जिक्र किया और तृणमूल सरकार को भ्रष्ट करार दिया।

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विवाद

अमित शाह ने “ऑपरेशन सिंदूर” पर ममता बनर्जी के बयान को मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करार दिया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी महिलाओं की आस्था से जुड़ी चीजों का अपमान कर रही हैं।
उन्होंने बंगाल की महिलाओं से अपील की कि: “जो लोग सिंदूर का अपमान करते हैं, उन्हें इस चुनाव में सबक सिखाइए।”

हालांकि, ममता बनर्जी ने पहले ही फालगाम आतंकवादी हमले पर केंद्र सरकार को अपना समर्थन जताया था और कहा था कि वह आतंक के खिलाफ देश के साथ खड़ी हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर ऑपरेशन सिंदूर को राजनीति से जोड़ने का आरोप लगाया।

 

तृणमूल कांग्रेस का पलटवार

अमित शाह के बयानों पर पलटवार करते हुए तृणमूल कांग्रेस ने कहा: “चुनाव चुनाव आयोग कराता है, राज्य सरकार नहीं। अगर चुनाव में हिंसा होती है तो ये केंद्र की नाकामी है। गृह मंत्री होकर आप खुद अपनी विफलता स्वीकार कर रहे हैं?”

TMC ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर चुनावी हिंसा रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया।

बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 2026 के विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन अभी से सियासी बयानबाज़ी ने यह साफ कर दिया है कि मुकाबला बेहद कड़ा होने वाला है।