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Ludhiana में Naib Saini को दिखाए काले झंडे, “पानी चोर वापस जाओ” के लगे नारे Punjab के जल अधिकार पर भड़की जनता, Ludhiana West By-election में पानी बना बड़ा मुद्दा

June 15, 2025By Short Daily News

लुधियाना पश्चिम सीट पर 19 जून को होने वाले उपचुनाव से पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को प्रचार के दौरान कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। जब वह भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में लुधियाना पहुंचे तो लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और “पानी चोर वापस जाओ”, “पंजाब दे पानी चोर मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए।

सैकड़ों लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जो पंजाब के जल संसाधनों को लेकर हरियाणा सरकार के रवैये पर गुस्से से भरे हुए थे। लोगों का आरोप है कि हरियाणा सरकार लगातार पंजाब के हिस्से के पानी का गलत इस्तेमाल कर रही है, जिससे पंजाब के किसान बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

जल विवाद बना जनभावनाओं का मुद्दा

विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि भाखड़ा-ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) से पंजाब को जो पानी मिलना चाहिए, उसमें हरियाणा ने अतिक्रमण किया है। यह मसला कोई नया नहीं है, बल्कि सालों से पंजाब और हरियाणा के बीच जल बंटवारे को लेकर विवाद चला आ रहा है।

पंजाब के लोगों का यह भी कहना है कि पिछली सरकारें इस मुद्दे पर चुप रहीं और कुछ नहीं किया। लेकिन अब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लिया है और पंजाब के हक की लड़ाई मजबूती से लड़ी जा रही है।

मान सरकार के कदमों को जनता का समर्थन

मान सरकार ने नहरों के जरिए सिंचाई का दायरा बढ़ाने और जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार का साफ कहना है कि पंजाब के पानी पर सिर्फ पंजाब का अधिकार है और वह किसी भी कीमत पर इसे छीनने नहीं देंगे।

इसी मुद्दे ने लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में भी बड़ी भूमिका निभाई है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा को जनता के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है, खासकर जब हरियाणा के नेताओं को पंजाब की धरती पर प्रचार करते देखा जाता है।

जनता की आवाज़: पानी पर नहीं होने देंगे समझौता

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि पंजाब के अस्तित्व और खेती से जुड़ा मुद्दा है। “अगर पानी ही नहीं रहेगा तो पंजाब कैसे जिएगा?” – यह सवाल अब गांव-गांव में गूंज रहा है।

लुधियाना में नायब सैनी को दिखाए गए काले झंडे यह साफ संकेत हैं कि पंजाब की जनता अब अपने पानी के अधिकार को लेकर जागरूक और एकजुट है। आने वाले चुनाव में यह मुद्दा किस करवट बैठेगा, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन फिलहाल इतना साफ है कि “पानी” अब सिर्फ एक मुद्दा नहीं, बल्कि जनआंदोलन बन चुका है।