रोहतक में IPS वाई पूरन कुमार के गनमैन और सहयोगी रहे EASI सुशील कुमार पर लगे रिश्वत के गंभीर आरोपों की जांच अब कोर्ट तक पहुंच चुकी है। रोहतक पुलिस ने एडिशनल जिला एवं सत्र न्यायाधीश कपिल राठी की कोर्ट में इस मामले की 17 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जो पूरे मामले को और गंभीर बना देते हैं।
क्या है पूरा मामला?
शराब कारोबारी प्रवीण बंसल ने 6 अक्टूबर को पुलिस में शिकायत दी थी कि EASI सुशील कुमार उससे ₹2.5 लाख मंथली रिश्वत मांग रहा है। शिकायत के आधार पर अर्बन एस्टेट थाने में FIR नंबर 319 दर्ज हुई।
इसके बाद मामले की जांच बढ़ी और कई बड़े अफसरों के नाम इसमें सामने आने लगे।
ऑडियो सैंपल मैच – रिश्वत मांगना साबित
पुलिस ने कोर्ट की अनुमति से सुशील कुमार का वॉयस सैंपल लिया और उसे फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा।
FSL की रिपोर्ट में साफ आया कि:
- शिकायतकर्ता द्वारा रिकॉर्ड की गई ऑडियो
- सुशील कुमार के सैंपल से मैच हो गई।
इससे यह पुष्टि हो गई कि ऑडियो में सुशील कुमार ही रिश्वत मांग रहा था।
वीडियो में भी मौजूदगी पकड़ी गई
जांच में मिले वीडियो फुटेज में सुशील कुमार को ठेकेदार के ऑफिस में मौजूद पाया गया। यह वही समय माना गया है, जब रिश्वत की बातचीत और रुपए देने की प्रक्रिया चल रही थी।
5 मोबाइल फोन से बड़े सबूत मिले
चार्जशीट के मुताबिक, सुशील कुमार 5 अलग-अलग मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था। इनसे मिले डेटा में पता चला कि सुशील:
- IG वाई पूरन कुमार,
- कई SHO,
- और क्राइम यूनिट अधिकारियों
के लगातार संपर्क में था।
कॉल डिटेल्स से यह भी सामने आया कि वह कई लोगों से IGP के नाम पर पैसे मांगता था — चाहे ACR ठीक करवानी हो या ट्रांसफर रुकवाना हो।
8 FSL रिपोर्ट, पेन ड्राइव और 5000 MB डेटा
जांच टीम ने ऑडियो/वीडियो की फोरेंसिक जांच के लिए:
- 8 FSL रिपोर्ट,
- पेन ड्राइव,
- 5000 MB का ऑडियो/वीडियो डेटा
- कई आवाजों के सैंपल
को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया है।
IGP वाई पूरन कुमार और ASI संदीप लाठर की आत्महत्याएँ
यह पूरा मामला और उस पर चल रही जांच उस समय और संवेदनशील हो गई जब:
- 7 अक्टूबर को IGP वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में अपने घर पर सुसाइड किया।
- 14 अक्टूबर को ASI संदीप लाठर ने भी रोहतक में आत्महत्या कर ली।
दोनों की मौतें FIR दर्ज होने और रिश्वत मामले के सामने आने के कुछ ही दिनों के भीतर हुईं, जिससे मामले को लेकर कई सवाल उठते रहे।
सुशील कुमार की ड्यूटी और उसकी गतिविधियाँ
चार्जशीट में बताया गया कि:
- सितंबर 2021 में सुशील कुमार की टेंपरेरी ड्यूटी IPS वाई पूरन कुमार के पास लगाई गई थी।
- इसके बाद कोई ऑफिशियल ऑर्डर जारी नहीं हुआ, फिर भी वह लगातार IGP के साथ रहा।
- इस दौरान सुशील कई लोगों से IGP के नाम पर पैसे मांगता था।
पहचान बदलकर सर्किट हाउस में छिपा था
रिश्वत मांगने के बाद और शिकायत दर्ज होते ही सुशील कुमार:
- सर्किट हाउस के रूम नंबर 1 में छिपा हुआ था।
- उसने अपनी पहचान रीडर महेश कुमार के नाम से बदली हुई थी।
- पुलिस पूछताछ में उसने यह सब स्वीकार कर लिया।
चार्जशीट में लगे आरोप
EASI सुशील कुमार पर लगे मुख्य आरोप:
- रिश्वत मांगना (Corruption)
- एक्सटॉर्शन (जबरन वसूली)
- सबूत मिटाने की कोशिश
- अफसरों के नाम पर पैसे ऐंठना
- ड्यूटी का गलत इस्तेमाल
चार्जशीट में कहा गया है कि सुशील शराब कारोबारी से ₹2.5 लाख मंथली मांगता था और अलग-अलग काम करवाने के नाम पर भी पैसा लेता था।
अगली सुनवाई
इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 5 दिसंबर को एडिशनल सेशन जज कपिल राठी की कोर्ट में होगी।
