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गायक Hans Raj Hans श्री दरबार साहिब में हुए नतमस्तक, राजनीति से दूरी पर दिया जवाब!

March 1, 2026By Short Daily News

प्रसिद्ध सूफी गायक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद हंस राज हंस आज श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुए। उन्होंने माथा टेककर वाहेगुरु का शुक्राना अदा किया और देश-दुनिया की खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वे इस पवित्र स्थल पर आकर आध्यात्मिक शांति प्राप्त करते हैं।

मीडिया से बातचीत करते हुए हंस राज हंस ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब में आकर जो सुकून और आत्मिक ऊर्जा मिलती है, उसे शब्दों में व्यक्त करना बेहद कठिन है। यहां का वातावरण इंसान को अंदर से शांत करता है और जीवन की भागदौड़ से कुछ पल राहत देता है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र है, जहां हर धर्म और वर्ग के लोग श्रद्धा के साथ आते हैं।

राजनीति से दूरी बनाने के सवाल पर उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे खुद को कभी पारंपरिक राजनीतिक नेता नहीं मानते थे। राजनीति उनके जीवन का एक चरण था, जिसे उन्होंने एक जिम्मेदारी की तरह निभाया। उनका मानना है कि इंसान को वही कार्य करना चाहिए, जिसकी उसे सही समझ और अनुभव हो। जिस क्षेत्र में उन्हें लगा कि वे अपनी पूरी क्षमता से योगदान नहीं दे पा रहे, वहां से उन्होंने सम्मानपूर्वक दूरी बना ली।

हंस राज हंस ने आगे कहा कि जीवन में इंसान बहुत कुछ हासिल करने की कोशिश करता है—नाम, शोहरत और सफलता। लेकिन अंत में जो चीज सबसे ज्यादा मायने रखती है, वह है मन की शांति। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब में आकर व्यक्ति अपने अहंकार, चिंताओं और तनाव को पीछे छोड़ देता है। यहां की पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा इंसान को आत्मिक रूप से समृद्ध बनाती है।

उन्होंने अंत में कहा कि ईश्वर की भक्ति और मानवता की सेवा ही जीवन का सबसे बड़ा संदेश है, और यही भावना उन्हें बार-बार इस पवित्र धाम की ओर खींच लाती है।